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इंदिरा महिला शक्ति निधि योजना : प्रोपर प्रचार प्रसार के अभाव में नहीं चढी सिरे

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अब तक मात्र 17% छात्राओं ने ही किया है आवेदन जबकि अंतिम दिनांक 31 दिसंबर में बचे हैं अब केवल तीन दिन

रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आवेदन करना भी जरूरी

बीकानेर। राजस्थान सरकार की बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु शुरू की गई इंदिरा महिला शक्ति निधि योजना प्रोपर प्रचार प्रसार के अभाव में सिरे नहीं चढ़ पा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले बजट में घोषणा की थी कि आरटीई के अंतर्गत आठवीं उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को नवीं से बारहवीं तक प्राईवेट स्कूल्स में निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। इंदिरा महिला शक्ति निधि योजना के नाम से शुरू इस योजना को शुरू हुए दो महीने हो गए हैं और इस वर्ष मात्र 12700 छात्राएं ही पात्र मानी गई हैं बावजूद इसके अभी तक पचास प्रतिशत छात्राओं ने भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है जबकि रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन करने वाली छात्राओं की संख्या तो मात्र 17 प्रतिशत ही है। इस योजना के अंतर्गत अंतिम दिनांक 31 दिसंबर 2022 है लेकिन कुल पात्र 12700 छात्राओं में से अभी तक मात्र 2135 छात्राओं ने ही आवेदन किया है जबकि पंजीकरण कराने वाली छात्राओं की संख्या 5851 है। अंतिम दिनांक में अब मात्र तीन दिन शेष रहे हैं लेकिन शिक्षा विभाग के बार बार कहने के बाद भी प्राईवेट स्कूल संचालकों द्वारा पात्र स्टूडेंट्स के अभिभावकों को आवेदन हेतु जानकारी नहीं दी जा रही है। विदित रहे कि इस योजना के अंतर्गत केवल रजिस्ट्रेशन कराना ही पर्याप्त नहीं है। रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन करना भी अनिवार्य है। इंदिरा महिला शक्ति निधि योजना के तहत आवेदन करने वाली छात्राओं को राज्य सरकार द्वारा आरटीई के अंतर्गत सत्र वाईज यूनिट कॉस्ट के अनुसार सीधे उनके बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि साल में दो किश्तों में देय रहेगी। यूनिट कॉस्ट का 10% अतिरिक्त भुगतान नवीं और दसवीं की छात्राओं को तथा 20% अतिरिक्त भुगतान ग्यारहवीं एवं बारहवीं की छात्राओं को किया जाएगा। भुगतान के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब आवेदन ही नहीं आएंगे तो वे भुगतान की प्रक्रिया कैसे शुरू कर सकते हैं? ज्ञानायाम को मिली जानकारी के मुताबिक शीतकालीन अवकाश के कारण अंतिम दिनांक में विभाग वृद्धि कर दे लेकिन विभाग ने यह तैयारी भी शुरू कर दी है कि अंतिम दिनांक तक प्राप्त आवेदनों को ही भुगतान योग्य माना जाएगा और अगली कार्ययोजना को मूर्त करना शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम दिनांक तक आवेदन नहीं करने वाली पात्र बालिकाओं को भुगतान से वंचित रहना पड़ सकता है।

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