बार बार अनुरोध के बावज़ूद भुगतान नहीं करना सरकार की हठधर्मिता और भेदभाव

अनूपगढ के प्राईवेट स्कूल्स का प्रतिनिधिमंडल मिला शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला से

बीकानेर। सत्र 2020-21 के अंतर्गत आफलाइन तरीके से शिक्षण कार्य कराने वाले स्कूल्स की आरटीई की रोकी गई पुनर्भरण राशि शीघ्र से शीघ्र रिलीज करने की मांग को लेकर अनूपगढ़ के प्राईवेट स्कूल्स संचालक शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला से मिलने हेतु बीकानेर आए।

गैर सरकारी विद्यालय संगठन, श्रीगंगानगर के जिला अध्यक्ष मनसुख सारस्वत एवं पैपा ( प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस, राजस्थान) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल की अगुवाई में शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला को दिए गए एक सूत्री मांगपत्र में बताया गया है कि कोरोना के दौरान राज्य के लगभग सभी स्कूल्स द्वारा स्टूडेंट्स को पढ़ाई कराई गयी थी लेकिन लगभग 10 हजार स्कूल्स को अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है अतः इन सभी शिक्षण संस्थाओं के लिए भुगतान तुरंत ही रिलीज कराने की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि इस संबंध में निदेशक, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान को भी पूर्व में बहुत बार अवगत कराया जा चुका है। आप को भी अनेक मर्तबा अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई भी कार्यवाही नहीं किया जाना सरकार और शिक्षा विभाग का प्राईवेट स्कूल्स के प्रति नकारात्मक नजरिए का द्योतक है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री से सत्र 2022-23 के प्रथम किश्त के भुगतान को तुरंत शुरू कराने के लिए भी अनुरोध किया गया। डॉ. कल्ला से मिले प्रतिनिधि मंडल में मनसुख सारस्वत, परमिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, प्रदीप कुमार टाक, राज बहादुर सिंह, बूटा सिंह चावला, नवरतन गौड़ कुलवंत सिंह, सुशील भादू, लक्ष्मण राजौरिया, मोहित ढाल, लखवीर सिंह बराड, मनोज दाधीच एवं गिरिराज खैरीवाल सम्मिलित थे।

अनूपगढ से आए सभी प्राईवेट स्कूल्स के प्रतिनिधियों द्वारा मरूधरा नगर स्थित एक टी शॉप पर लघु बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्राईवेट स्कूल्स की एकता के संबंध में अनेक बिंदुओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने एक स्वर में कहा कि प्राइवेट स्कूलों के सामूहिक हितों के लिए बिना किसी पूर्वाग्रह एवं बगैर गुटबाजी के वे सदैव तत्पर रहेंगे। इस दौरान पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, आरटीई के अंतर्गत एंट्री लेवल क्लास संबंधित एवं अन्य अपडेशन बताए।

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One response to “बार बार अनुरोध के बावज़ूद भुगतान नहीं करना सरकार की हठधर्मिता और भेदभाव”

  1. राजीव Avatar
    राजीव

    अच्छा प्रयास है आपका जी ,,, 2020-21 का ऑफलाइन शिक्षण का भुगतान आर्थिक तंगी से गुजरते स्कूल को जरूर दिलाओ ,, फिर सभी आपके साथ है

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