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  • आरटीई के तहत एक साथ चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया का विरोध शुरू

    बिना भुगतान अध्ययन कराने की बाध्यता हिटलरशाही एवं अन्यायपूर्ण

    आरटीई के अंतर्गत आगामी सत्र 2023-24 के लिए चार कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने के शिक्षा विभाग के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। एक साथ चार कक्षाओं में आरटीई के प्रवेश देने एवं बिना भुगतान प्री प्राईमरी कक्षाओं में तीन साल तक अध्ययन कराने की बाध्यता का विरोध करते हुए प्राईवेट स्कूल्स के संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि शिक्षा विभाग का यह कार्य हिटलरशाही है, जिसे बर्दाश्त करना किसी भी स्थिति में संभव नहीं है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग द्वारा आरटीई के अंतर्गत आगामी सत्र 2023-24 के लिए पी पी 3+, पी पी 4+, पी पी 5+ एवं पहली कक्षा में प्रवेश के लिए टाईम फ्रेम जारी किया गया है। विज्ञप्ति के साथ ही शिक्षा विभाग ने दिशा निर्देश – 2023-24 भी जारी कर दिए हैं। जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक प्री प्राईमरी (पी पी 3+, पी पी 4+एवं पी पी 5+) में आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स को बिना पुनर्भरण अध्ययन कराने की बाध्यता की शर्त डाली गई है। उल्लेखनीय है कि सत्र 2022-23 के लिए शिक्षा विभाग ने हाइकोर्ट के अंतरिम आदेश की पालना में 6 फरवरी से 1 मार्च 2023 तक पी पी 3+, पी पी 4+, एवं पी पी 5+ के प्रवेश हेतु प्रक्रिया लागू की थी। इस प्रक्रिया में भी शिक्षा विभाग ने बिना पुनर्भरण के अध्ययन कराने की बाध्यता की शर्त डाली थी। इन दोनों ही कार्यों के विरोध हेतु प्राईवेट स्कूल्स संचालक एवं इनके विभिन्न संगठनों द्वारा योजनाएं बनाईं जा रही हैं। हालांकि स्कूल क्रांति संघ, जयपुर द्वारा इस प्रक्रिया को आरटीई के नियमों का उल्लंघन बताते हुए जयपुर हाइकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष हेमलता शर्मा के अनुसार 2022-23 के अंतर्गत सत्र समाप्त होने की कगार पर शुरू की गई इस विसंगति पूर्ण प्रक्रिया के अंतर्गत पुनर्भरण हेतु चुनौती दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उनको उस वक्त लगा कि कोर्ट के अंतरिम आदेश की अनुपालना में केवल सत्र 2022-23 में ही एक साथ चार कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया लागू की गई होगी लेकिन विभाग ने हठधर्मिता दिखाते हुए इसे आगामी सत्र 2023-24 में भी थोप दिया है जो कि सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का विधि सम्मत अध्ययन कर रहे हैं और शीघ्र ही पूर्व में प्रस्तुत केस में अन्य विसंगतियां संबंधित बिंदु भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि लीगल एक्सपर्ट के सुझाव के अनुसार एक पत्र तैयार किया गया है जिसे राज्य की प्रत्येक स्कूल द्वारा सरकार एवं शिक्षा विभाग तक डाक या ईमेल द्वारा प्रेषित कर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुश्री हेमलता ने कहा कि उनके संगठन द्वारा अतिशीघ्र ही इस संबंध में प्रदेशव्यापी आंदोलन किए जाने की योजना बनाई जा रही है। स्कूल क्रांति संघ के अलावा प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन, राजस्थान (स्वराज), रिकॉक्नाइज्ड स्कूल एसोसिएशन, प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन, गैर सरकारी स्कूल एवं जनकल्याण संस्थान, स्वयं सेवी शिक्षण संस्थान समिति इत्यादि प्रदेश स्तरीय संगठनों ने भी इस अन्यायपूर्ण और हिटलरी निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलनात्मक कार्यवाही की योजना बनानी शुरू कर दी है।

  • राज्य समान परीक्षा योजना के अंतर्गत 22 नवंबर 2025 को होने वाली परीक्षाएं अब 02 दिसम्बर को होंगी

    बीकानेर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की प्लाटून कमाण्डर सीधी भर्ती परीक्षा 22 नवंबर को होने के कारण कक्षा 9 से 12 तक इस दिन होने वाली राज्य समान परीक्षाएं अब 02 दिसम्बर 2025 को होंगी।

  • पैपा और ज्ञानायाम द्वारा आयोजित “ज्ञान – प्रबोध” कार्यशाला में हुई सार्थक चर्चा – परिचर्चा

    बीकानेर। गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) एवं वॉयस आफ एज्यूकेशन “ज्ञानायाम” द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला एवं दीपावली मिलन समारोह “ज्ञान – प्रबोध” में बहुत सार्थक चर्चा – परिचर्चा हुई। कार्यशाला में शिक्षा विभाग एवं महिला आधिकारिता विभाग के माध्यम से नए अपडेट्स भी बताए गए। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि स्टेशन रोड़ स्थित महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में टी सी एवं अवकाश के अधिकार के लिए सार्थक चर्चा – परिचर्चा के बाद तय हुआ कि इस विषय में शीघ्र ही शिक्षा विभाग के साथ वार्ता की जाएगी। खैरीवाल ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत यूनिट कॉस्ट में तर्क संगत वृद्धि कराने के प्रयास करने एवं बकाया राशि शीघ्र जारी कराने हेतु भी विचार – विमर्श हुआ।

    उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. विजयशंकर आचार्य के मुख्य आतिथ्य एवं मेहरबान सिंह खालसा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में महिला आधिकारिता विभाग की प्रबन्ध निदेशक कविता हुरकट, शिवरतन तथा नन्दकिशोर ने लाडो प्रोत्साहन योजना, पन्नाध्याय योजना सहित अनेक सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा उनका महत्व बताया। निदेशालय के आरटीई सैल के प्रभारी अरूण स्वामी ने लाडो योजना के साथ साथ आरटीई एवं पी एस पोर्टल संबंधित अपडेट्स बताए तथा उपस्थित संभागियों की जिज्ञासाओं का प्रभावी समाधान किया। मालचन्द सुथार ने पीएफ एवं ईएसआई से संबंधित उल्लेखनीय जानकारी प्रदान की। घनश्याम साध ने करुणा इण्टरनेशनल एवं गीता श्लोक प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. विजय शंकर आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सीखने – सीखाने का माध्यम होती है। ऐसी कार्यशालाएं नवीन जानकारियों का सेतु बनती हैं। विजय सिंह शेखावत ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान समय में एकजुट होना आवश्यक हो गया है। उन्होंने डमी सिस्टम को अत्यंत घातक करार देते हुए इस सिस्टम को नेस्तनाबूद करने की पैरवी की। चरण सिंह चौधरी, तरविन्दर सिंह कपूर, रमेश बालेचा, मो. फारूक, राजेश पुरोहित, प्रभुदयाल गहलोत, रघुनाथ बेनीवाल, रविकांत पुरोहित, बालकिशन सोलंकी, लोकेश कुमार मोदी, रमेश कुमार मोदी, जयपाल सिंह भाटी, विक्रम सिंह, राजेश स्वामी, श्रीकृष्ण स्वामी, मांगीलाल रामावत, भैरूसिंह, नीलेश अनेजा, विकास तनेजा, मनोज व्यास, अनुराग हर्ष, चन्द्रकांता लोहिया, इचरज स्वामी, रोहिणीकांत इत्यादि द्वारा प्रस्तुत जिज्ञासाओं का यथोचित समाधान मंच द्वारा बताया गया। ज्ञानसागर के प्रतिनिधि विशाल चौपड़ा एवं सभी अतिथियों एवं वक्ताओं को स्मृति चिन्ह, डायरी एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सम्मिलित सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं संभागियों को ज्ञानसागर एवं प्रदीप केमिकल्स, गंगाशहर की तरफ से आकर्षक डायरी उपहार में दी गई। कार्यशाला का कुशल मंच संचालन प्रताप सिंह भाटी नेे किया। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा स्वागत एवं धन्यवाद संबोधन ज्ञापित किए। कार्यशाला का समापन राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के सामूहिक गान द्वारा हुआ।

    पैपा के प्रदेश समन्वयक खैरीवाल का किया अभिनंदन

    प्राईवेट स्कूल्स के 12 राज्य स्तरीय संगठनों द्वारा पिछले सप्ताह गठित सामूहिक फोरम “प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन” के सचिव पद की जिम्मेदारी पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल को दिए जाने पर अभिनंदन पत्र, शाल एवं माल्यार्पण द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। रमेश बालेचा द्वारा लिखित अभिनंदन लेख का वाचन प्रताप सिंह भाटी ने किया। विजयसिंह शेखावत द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर खैरीवाल का अभिनंदन किया गया।

  • प्री प्राईमरी कक्षाओं के भुगतान को लेकर आई विशेष खबर

    आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं के भुगतान एवं प्रवेश संबंधित सुनवाई पूरी

    जयपुर। आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग एवं प्राईवेट स्कूल्स के बीच जयपुर हाईकोर्ट बैंच में चल रहे केस की सुनवाई आज पूरी हो गई है। अगले सप्ताह तक फैसला सुरक्षित रखा गया है। हालांकि न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। जैसा कि सुनने में आ रहा है कि प्री प्राईमरी कक्षाओं के लिए भी भुगतान की व्यवस्था होगी और एंट्री लेवल क्लासेज भी दो रहेंगी।

  • 12 संगठनों ने एकजुट होकर किया प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन का गठन

    जयपुर। सरकार द्वारा प्राईवेट स्कूल्स के साथ लगातार किए जा रहे भेदभाव को हटवाने एवं प्राईवेट स्कूल्स के हितों के लिए एकजुटता के साथ संघर्ष करने हेतु राजस्थान के गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के राज्य स्तरीय 12 संगठनों ने स्वच्छ शिक्षा क्रांति मिशन के अंतर्गत एक साथ आकर संयुक्त फोरम “प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन” का गठन सर्वसम्मति से किया है। फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि इस फेडरेशन द्वारा प्राईवेट स्कूल्स की ज्वलंत समस्याओं का समाधान करवाने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर के होटल ग्रांड सफारी में 12 संगठनों के प्रतिनिधियों की हुई मैराथन मिटिंग में 10 प्रमुख मुद्दों पर विशद चर्चा – परिचर्चा कर उनमें से शुरूआत 5 मुद्दों से किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। अवकाश के अधिकार के लिए, टी सी के अधिकार के लिए, आरटीई की यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करने तथा बकाया भुगतान कराने के लिए, फीस एक्ट की विसंगतियों को दूर कराने एवं डमी स्कूल्स व कोचिंग्स पर नकेल कसवाने के लिए कार्य योजना बनाकर संघर्ष एवं सार्थक प्रयास करने के फैसले लिये गये।

    फेडरेशन की अध्यक्ष हेमलता शर्मा ने बताया कि इस फेडरेशन में स्वयं सेवी शिक्षण संस्था संघ, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ, प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), स्कूल क्रांति संघ, स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन, राजस्थान (स्वराज), इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, प्राईवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन, स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संरक्षण समिति, न्यू आल राजस्थान स्कूल एसोसिएशन एवं गैर सरकारी विद्यालय वेलफेअर संगठन इत्यादि राज्य स्तरीय संगठनों ने कॉमन मुद्दों पर एक साथ संघर्ष करने की सहमति दी है। इनके अलावा प्राईवेट स्कूल्स के राष्ट्रीय संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) के राजस्थान इकाई ने भी इस फेडरेशन में शामिल होने के लिए सहमति दी है।

    फेडरेशन के कोषाध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल ने बताया कि इस अवसर पर 7 सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, 7 सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड एवं 25 सदस्यीय प्रबन्धकारिणी केे गठन सर्वसम्मति से किए गए। 7 सदस्यीय बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ के प्रदेश अध्यक्ष एल. सी भारतीय, जयपुर, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा, अजमेर, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कर्णावट, राजसमंद, प्राईवेट स्कूल वेलफेअर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संजय शर्मा, कोटा, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश गुप्ता, कोटा, स्कूल वेलफेअर सोसाइटी (स्वराज) के प्रदेश महासचिव डॉ. मुकेश माण्डन, जोधपुर एवं नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस – निसा के प्रदेश प्रभारी डॉ. दिलीप मोदी, झुंझुनू रहेंगे। गोपीदास रामावत, पाली, बाबूलाल जुनेजा, हनुमानगढ़, विलियम डिसूजा, उदयपुर, रेणुदीप गौड़, भरतपुर, विनेश शर्मा, नागौर, डॉ. रामवीर सिंह डागुर, भरतपुर एवं सुभाष स्वामी, बीकानेर एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य चुने गए हैं। इस दौरान चुनी गई सर्वसम्मत प्रबन्धकारिणी में स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष हेमलता शर्मा, जयपुर को अध्यक्ष, प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल, बीकानेर को सचिव एवं स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन (स्वराज) के प्रदेश अध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल, भरतपुर को कोषाध्यक्ष चुना गया है। दिलीप पोखरना, चित्तौड़गढ़, भूपराम शर्मा, जयपुर, अमित सोगानी, जयपुर, एवं डॉ. अनिल धानुका, सूरतगढ़ को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर चुना गया है। उपाध्यक्ष पद के लिए भरत कुमार भाटी, ब्यावर, के. एन. भाटी, जालौर, मदनलाल वर्मा, झालावाड़, शिवहरि शर्मा, नाथद्वारा का चयन किया गया है। इसी तरह से सह सचिव के पद के लिए जय शंकर त्रिवेदी, पाली, लोकेश जैन, देवली, डॉ. आनन्द थोरी, बाड़मेर एवं लोकेश कुमार मोदी, बीकानेर को चुना गया है। जितेंद्र अरोड़ा, ब्यावर, बाल सिंह राठौड़, बाड़मेर, हनुमान सिंह रावत, अजमेर, रिसालसिंह पायल, झुंझुनू, विनोद कुमार पटसारिया, धौलपुर, श्याम लाल बिडियासर, नागौर, सीमा शर्मा, जयपुर, अर्जुन देवलिया, भीलवाड़ा, भगवान स्वरूप शर्मा, अलवर एवं सन्जू देवी, चूरू कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं। फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप पोखरना के मुताबिक शीघ्र ही एक मिटिंग का आयोजन किया जाएगा और राजस्थान के सभी जिलों के लीडर्स को फेडरेशन में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा।

  • आगामी सत्र को 01 अप्रैल 2026 से शुरू करने के सम्बन्ध में निजी स्कूल्स के सुझाव नहीं लिया जाना सर्वथा अनुचित : गिरिराज खैरीवाल

    बीकानेर। आगामी सत्र 2026 – 27 पहली अप्रैल से शुरू करने के सम्बन्ध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में हेल्दी डिस्कशन किया गया। प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), राजस्थान के प्रदेश-समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने इस दौरान कहा कि अचानक सत्र को 01 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय जल्दबाजी में किया गया है। ऐसा करने से पहले निजी स्कूल्स से किसी भी तरह से सुझाव तक नहीं लिए गए। इस दौरान संभावित समाधान के रूप में पाठ्यक्रम (सिलेबस) में कटौती करने का सुझाव देते हुए खैरीवाल ने कहा कि यदि वर्तमान परिस्थितियों और उपलब्ध समय को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम के कुछ गैर-आवश्यक हिस्सों को कम कर दिया जाए तो शेष पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों द्वारा बेहतर ढंग से समझा और आत्मसात किया जा सकेगा। इस अवसर पर लोकेश जैन ने कहा कि निर्धारित समय में संपूर्ण पाठ्यक्रम को पूरा करने में छात्रों और शिक्षकों को कठिनाई आ सकती है। जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होना सुनिश्चित है। चर्चा के दौरान प्रमोद चौधरी ने कहा कि ​यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में देखा जा रहा है। लेकिन बीच सत्र में ऐसा करना छात्र हित के लिए उचित नहीं है। गुणवत्ता अनुभाग के सहायक निदेशक जितेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने इस दौरान कहा कि कोर्स में कटौती के लिए विभिन्न विचार आ रहे हैं। इस संबंध में जो भी संभावनाएं उचित होंगी, उन पर विचार कर लागू किया जाएगा।
    ​इस अवसर पर पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं विभाग के सहायक निदेशक अरविन्द शर्मा ने कहा कि परीक्षा फीस के लिए एसबीआई कलेक्ट एप्प एक अच्छा नवाचार है। इसके माध्यम से कुछ क्लिक्स में ही परीक्षा फीस जमा कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सभी प्राईवेट स्कूल्स पी एस पोर्टल पर प्रपत्र 7 को प्रोपर ली फीड कर देते तो सभी स्कूल्स के लिए एक यूनिक परीक्षा कोड जनरेट किया जा सकता था लेकिन 75% से अधिक प्राईवेट स्कूल्स द्वारा इस प्रपत्र की पूर्ति नहीं किए जाने के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक रूप से पीएसपी कोड से इसका उपयोग किया जा सकेगा। लेकिन भविष्य में एक यूनिक कोड आवश्यक रहेगा।
    पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने एसएलएफसी हेतु पोर्टल को वापस अनलॉक करने हेतु निदेशक सीताराम जाट से निवेदन भी किया।

  • प्राईवेट स्कूल्स की अभिनव पहल “सार्थक संगत” की पांचवीं कड़ी का आयोजन 12 अक्टूबर 2025 को होगा ब्यावर में

    सार्थक संगत हेतु प्राईवेट स्कूल्स के लीडर्स एवं क्रिएटिव स्कूल डायरेक्टर्स का उत्साह उल्लेखनीय

    बीकानेर। गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के अभिनव आयाम “सार्थक संगत” की पांचवीं कड़ी का आयोजन 12 अक्टूबर 2025, रविवार को ब्यावर में होगा। ब्यावर स्थित गीता रिसोर्ट में सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक चलने वाली इस अभिनव कार्यशाला में प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों के लीडर्स एवं क्रिएटिव स्कूल डायरेक्टर्स संभागित्व करेंगे। इस कार्यशाला में अवकाश एवं टी सी के अधिकारों पर वृहद चर्चा परिचर्चा की जाएगी। आरटीई के अंतर्गत यूनिट कॉस्ट में वृद्धि हेतु एवं कोचिंग एक्ट के सही क्रियान्वयन हेतु भी मंथन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सार्थक नवाचार करते हुए कार्यशाला में स्कूल ग्रोथ पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। संगठनों के परस्पर समन्वय एवं संगठनों तथा विद्यालयों में समन्वय विषयों पर पैनल डिस्कशन किए जाएंगे। कार्यशाला के दौरान एक खुला सत्र का आयोजन प्रस्तावित है, जिसके अंतर्गत सभी संभागियों को अपनी राय एवं सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इस सत्र में संभागियों की वाजिब जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाएगा। कार्यशाला में संभागित्व करने वाले सभी संभागियों के मान – सम्मान के साथ सार्थक संगत का समापन होगा। जून 2024 से बीकानेर से शुरू हुई इस अभिनव पहल के शानदार सार्थक परिणाम निकल कर आए हैं। इस पहल के प्रणेता गिरिराज खैरीवाल के मुताबिक संगत लिमिटेड बौद्धिक वर्ग के लिए शुरू की गई थी। हर संगत में संभागियों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। ब्यावर की संगत को लेकर बहुत उत्साह दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि ब्यावर में आयोज्य सार्थक संगत के लिए संभागियों की संख्या 100 की बजाय 150 करने का निर्णय आज ब्यावर में हुई मिटिंग में लिया गया है।

  • रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर एम एस कॉलेज की रासेयो इकाई ने किया कार्यक्रम का आयोजन

    रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर एम एस कॉलेज की रासेयो इकाई ने किया कार्यक्रम का आयोजन

    बीकानेर, 19 नवंबर। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय बीकानेर में “इतिहास विभाग” व राष्ट्रीय सेवा योजना की तृतीय व चतुर्थ इकाई के संयुक्त तत्वाधान में “मणिकर्णिका जयंती” मनाई गई।
    महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अभिलाष आल्हा, वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. इंदिरा गोस्वामी, प्रो. उज्जवल गोस्वामी व इतिहास विभागाध्यक्ष सुनीता बिश्नोई ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई (मणिकर्णिका) के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।


    महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर आल्हा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति की मर्दानी नायिका अपनी अंतिम सांस तक अंग्रेजों से लोहा लेने वाली शौर्य व राष्ट्रभक्ति की प्रतिमूर्ति मणिकर्णिका सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” सुनाकर सभागार में जोश का संचार कर दिया।
    मुख्य वक्ता प्रो.उज्जवल गोस्वामी ने मणिकर्णिका के संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1857 की क्रांति की महान नायिका ने अपने अदम्य साहस से अंग्रेजी हुकूमत की जड़े हिला दी थीं। साहस, त्याग व नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है। प्रो. इंदिरा गोस्वामी ने मणिकर्णिका के गुणों के बारे में बताते हुए छात्राओं से कहा कि वे उनके गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे तो महिला सशक्तिकरण की अवधारणा जीवंत हो उठेगी।


    इतिहास विभागाध्यक्ष सुनीता बिश्नोई ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई की वीरता से अंग्रेज भी नतमस्तक हो गए थे, जनरल ह्यूरोज ने उनके बारे में कहा था कि “भारतीय क्रांतिकारियों में यहां सोई हुई औरत अकेली मर्द है।”
    इस अवसर पर छात्राओं ने महारानी लक्ष्मीबाई से संबंधित अपने विचार कविताओं व गीतों के माध्यम से प्रकट किये। इस दौरान छात्राओं के बीच रोचक तरीके से एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

  • मानवीय शिक्षा पर आधारित अंतर्विद्यालयी विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने किया सक्रिय संभागित्व

    मानवीय शिक्षा पर आधारित अंतर्विद्यालयी विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने किया सक्रिय संभागित्व

    करुणा इंटरनेशनल के सहयोग से शांति विद्या निकेतन के करुणा क्लब ने किया आयोजन

    बीकानेर। करुणा इंटरनेशनल संस्था के सहयोग से शनिवार को मानवीय शिक्षा पर आधारित अंतर्विद्यालयी विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शीतला गेट के बाहर स्थित शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक सौरभ बजाज ने बताया कि इस अभिनव आयोजन में 14 स्कूल्स के 88 विद्यार्थियों ने सक्रिय संभागित्व किया।

    उन्होंने बताया कि करुणा इंटरनेशनल के बीकानेर केंद्र के उपाध्यक्ष गिरिराज खैरीवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जयपुर के मैनेजमेंट डीन डॉ. टी. के. जैन मुख्य अतिथि थे। करुणा इंटरनेशनल के डायरेक्टर जतनलाल दूगड़ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित हुए तथा शाकाहारी जीवन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

    दूगड़ ने सभी को एक प्रतिज्ञा दिलाते हुए कहा कि हमें आजीवन शाकाहारी जीवन के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण एवं विकास समिति के सचिव व समाजसेवी सीताराम कच्छावा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण हेतु विभिन्न उदाहरणों द्वारा अपील की।

    करुणा इंटरनेशनल के शिक्षा अधिकारी घनश्याम साध ने पशु कल्याण के बारे में विस्तृत संभाषण प्रस्तुत किया। संस्था के मंत्री राजेश रंगा ने पॉलीथिन मुक्त भारत की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग – उपयोग नहीं करने की प्रेरणा प्रदान की। प्रकृति के साथ शांतिपूर्वक सहअस्तित्व विषय पर संस्था के उपमंत्री प्रभुदयाल गहलोत ने अपना प्रेरणा पाथेय प्रदान किया। मनोज कुमार राजपुरोहित ने नैतिक मूल्यों पर अपने विस्तृत विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. टी. के जैन ने दया एवं सहिष्णुता का महत्व विभिन्न कहानियों के माध्यम से प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद गिरिराज खैरीवाल ने करुणा इंटरनेशनल संस्था के उद्देश्यों, लक्ष्यों, उपलब्धियों एवं कार्यों पर विशेष प्रकाश डाला। शांति विद्या निकेतन के सचिव रमेश कुमार मोदी ने स्वागत संबोधन एवं करुणा क्लब की गतिविधियां प्रस्तुत की। सौरभ बजाज ने सभी का आभार प्रकट किया। हरिनारायण आचार्य, दीपक पुरोहित, मानवेंद्र व्यास, पुष्पा खत्री, भास्कर आचार्य एवं भावना आचार्य इत्यादि ने भी विचार प्रकट किए। इस दौरान शांति विद्या निकेतन के स्टूडेंट्स ने प्लास्टिक संरक्षण हेतु जागरूकता नृत्य तथा करुणा प्रार्थना की प्रभावी प्रस्तुतियां पेश कीं।

    सहभागी बने करुणा क्लब्स के प्रभारियों का किया सम्मान

    कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी स्कूल्स श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी, डिसेंट किड्स, नालंदा पब्लिक स्कूल, श्री रामबक्श मेमोरियल स्कूल, प्रभात बाल मंदिर, सेंट श्री खेतेश्वर एज्यूकेशन सोसाइटी, श्री गणेश बाल विद्या निकेतन, राजू पब्लिक स्कूल, गीतांजलि माध्यमिक विद्यालय, विजय बाल मंदिर, संत सांईनाथ विद्या मंदिर, श्री पूर्णेश्वर ज्ञान मंदिर एवं श्री नालंदा पब्लिक स्कूल के करुणा क्लब के प्रभारी टीचर्स को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों का जताया आभार

    कार्यक्रम में सम्मिलित सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का सम्मान मोमेंटो एवं माला द्वारा किया गया। सभी का स्वागत तिलक एवं बैज लगाकर किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्ज्वलन किया गया।

    दो मिनिट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

    शांति विद्या निकेतन के प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा के पिता महेंद्र पंवार एवं करुणा इंटरनेशनल संस्था के बीकानेर केंद्र के उपाध्यक्ष मनोज व्यास की माता श्रीमती विनोद देवी के देहावसान हो जाने पर कार्यक्रम के अंत में दो मिनिट का मौन रखकर दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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  • 17 अक्टूबर की छुट्टी को लेकर बना असमंजस हुआ दूर

    17 अक्टूबर की छुट्टी को लेकर बना असमंजस हुआ दूर

    बीकानेर, 16 अक्टूबर। वाल्मिकी जयंती के उपलक्ष्य में 17 अक्टूबर 2024 को राज्य सरकार द्वारा अभी तक किसी भी तरह के राजकीय अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। वाल्मीकि समाज ने इस संबंध में राजकीय अवकाश हेतु राज्य सरकार से मांग कर रखी है। कुछ समाचार पत्रों एवं पोर्टल्स पर पूर्व में 17 अक्टूबर को छुट्टी की खबर प्रकाशित हुई थी और इसी वजह से आज भी दिन भर असमंजस बना रहा। स्कूल वाले एक दूसरे को कॉल कर पूछते रहे कि 17 तारीख को छुट्टी है या नहीं। बहरहाल अब तक प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार 17 अक्टूबर को राजस्थान में किसी भी तरह का सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है।

  • महावीर इंटरनेशनल के सिंगल यूज प्लास्टिक जागरूकता कार्यक्रम ‘कपड़े की थैली : मेरी सहेली’ ने दिए प्रभावी संदेश

    महावीर इंटरनेशनल के सिंगल यूज प्लास्टिक जागरूकता कार्यक्रम ‘कपड़े की थैली : मेरी सहेली’ ने दिए प्रभावी संदेश

    बीकानेर। महावीर इंटरनेशनल द्वारा बुधवार को सिंगल यूज प्लास्टिक जागरूकता कार्यक्रम ‘कपड़े की थैली : मेरी सहेली’ का आयोजन
    श्री भेरव रत्न मातृ उच्च माध्यमिक विद्यालय में किया गया।

    मुख्य वक्ता साधना भंडारी ने पर्यावरण जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक आम आदमी के जीवन का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों से अवगत कराते हुए कहा कि हमें इसे रोकना आवश्यक है। साधना भंडारी ने बच्चों को सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग में नहीं लेने की शपथ भी दिलाई।

    इस अवसर पर नरेंद्र सुराणा के सौजन्य से स्कूल में 400 कपड़े की थैलियों का वितरण किया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले खतरों से सावधानी का संदेश देते पोस्टर्स शाला में इस दौरान भेंट किए गए। रश्मि एवं मनीषा डागा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। एडवोकेट कन्हैयालाल बोथरा, विनोद डागा, सुरेश जैन, श्रुति बोथरा, मिथिला भूरा, भारती गहलोत, मंजू इत्यादि इस अवसर पर उपस्थित रहे।

  • बीकानेर में आयोजित हुआ प्रसार का राज्य स्तरीय जनसंपर्क सम्मान समारोह

    बीकानेर में आयोजित हुआ प्रसार का राज्य स्तरीय जनसंपर्क सम्मान समारोह

    बाल मुकुंद ओझा को घनश्याम गोस्वामी स्मृति एवं अमर सिंह चौहान को किशन कुमार व्यास आजाद स्मृति सम्मान से किया सम्मानित

    देवकिशन राजपुरोहित को विशिष्ट सम्मान से किया सम्मानित

    बीकानेर, 6 अक्तूबर। पब्लिक रिलेशंस एंड एलाइड सर्विसेज एसोसिएशन ऑफ़ राजस्थान (प्रसार) का राज्य स्तरीय जनसंपर्क सम्मान समारोह रविवार को रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र स्थित जिला उद्योग संघ भवन में आयोजित हुआ।

    कार्यक्रम में स्व. घनश्याम गोस्वामी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक चूरु के बाल मुकुंद ओझा तथा स्व. किशन कुमार व्यास ‘आजाद’ स्मृति जनसंपर्क रत्न अवार्ड पूर्व सहायक निदेशक बीकानेर के अमर सिंह चौहान को अर्पित किया गया। कार्यक्रम जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक दिनेश चंद्र सक्सेना को समर्पित रहा। इस दौरान चंपा खेड़ी (मेड़ता) के वरिष्ठ साहित्यकार देवकिशन राजपुरोहित को विशिष्ठ सेवा सम्मान दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर (पश्चिम) के विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में जनसंपर्क विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। विभाग के पूर्व अधिकारियों को सम्मानित करने की परंपरा उनके योगदान को याद करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इससे जनसंपर्क सेवा के युवा अधिकारियों को प्रेरणा मिलेगी। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान हमारे संस्कार हैं। प्रसार द्वारा इस दिशा में बेहतर पहल की गई है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन अनुभव की पाठशाला होते हैं। इनसे सीखना हमेशा ज्ञानवर्धक होता है। वरिष्ठ कवि कथाकार राजेंद्र जोशी ने दिनेश चंद्र सक्सेना के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सक्सेना ने जनसंपर्क के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किये। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने कहा कि जनसंपर्क विभाग में सदैव बीकानेर का बेहतर प्रतिनिधित्व रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जनसंपर्क विधा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। प्रसार द्वारा युवाओं को इससे जुड़ा प्रशिक्षण किया जाता है, तो जिला उद्योग संघ इसके आयोजन में भागीदारी निभाने के लिए सदैव तैयार रहेगा। प्रसार के प्रदेश उपाध्यक्ष तथा जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरिशंकर आचार्य ने कहा कि अगले वर्ष से दिनेश चंद्र सक्सेना की स्मृति में युवा जनसंपर्क कर्मी को भी पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने अब तक की आयोजनों के बारे में बताया और स्व. घनश्याम गोस्वामी तथा स्व. किशन कुमार व्यास आजाद के व्यक्तित्व से जुड़े पहलुओं को रखा। सम्मान के पश्चात बालमुकुंद ओझा ने बीकानेर पदस्थापन से जुड़ी यादें साझा की। उन्होंने जनसंपर्क के माध्यमों में आए बदलाव के बारे में बताया और कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया के दौर में जनसंपर्क का कार्य आसान हुआ है, लेकिन इसमें चुनौतियां बढ़ी हैं। इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर तथा दिनेश चंद्र सक्सेना को पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।

    साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार, गोपाल जोशी तथा करियर काउंसलर डॉ चंद्रशेखर श्रीमाली ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया। अतिथियों ने साफा, शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर राजपुरोहित, ओझा और चौहान का सम्मान किया। जनसंपर्क अधिकारी अमनदीप बिश्नोई ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। इस दौरान नारायण दास आचार्य, नारायण दास रंगा, सुभाष बलवदा, संजय पुरोहित, डॉ. विजय शंकर आचार्य, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जुगल किशोर व्यास, डॉ. नमामि शंकर आचार्य, शंकर सिंह राजपुरोहित, मनमोहन कल्याणी, मालकोश आचार्य, पवन सारस्वत, हेमाराम जोशी, दुर्गाशंकर आचार्य, अविनाश आचार्य, अमित व्यास, दिनेश चूरा, सुभाष जोशी, जनसंपर्क विभाग के पूर्व कार्मिक राजेंद्र कुमार भार्गव, राजेंद्र जोशी, फिरोज खान, रमेश साध, विक्रम सिंह, आनंद सिंह, केशव आचार्य तथा स्व. घनश्याम गोस्वामी, किशन कुमार व्यास और दिनेश चंद्र सक्सेना के परिजन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन मौजूद रहे।

  • बैरियर्स हटाने सहित आरटीई संबंधित विभिन्न मांगों के निस्तारण हेतु शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से खैरीवाल एवं बेनीवाल ने की मुलाकात

    बैरियर्स हटाने सहित आरटीई संबंधित विभिन्न मांगों के निस्तारण हेतु शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से खैरीवाल एवं बेनीवाल ने की मुलाकात

    बीकानेर। बीकानेर प्रवास पर आए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने मुलाकात कर आरटीई के अंतर्गत सत्र 2018-19 से लगाए गए सभी बैरियर्स हटाने, सत्र 2020-21 के अंतर्गत आफलाइन तरीके से शिक्षण कार्य कराने वाले वाले स्कूल्स को बिना शर्त भुगतान करने, यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करने तथा बकाया भुगतान शीघ्रता से करने हेतु वार्ता की तथा ज्ञापन प्रस्तुत किया।

    ज्ञापन में आरटीई के भुगतान संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु 6 बिंदुओं पर शिक्षामंत्री का ध्यान आकर्षित किया गया है। खैरीवाल के मुतांबिक शिक्षामंत्री ने सभी मांगों को ध्यान पूर्वक सुना एवं एक एक बिंदु पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे इस संबंध में यथोचित कार्यवाही हेतु विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करेंगे।

    इस दौरान 30 नवंबर 2019 एवं उसके बाद के सभी बैरियर्स हटाने की मांग को पुरजोर रूप से प्रस्तुत किया गया। खैरीवाल ने शिक्षामंत्री को अवगत कराया कि आरटीई के अंतर्गत सत्र 2020-21 के तहत भुगतान के लिए लागू की गई प्रक्रिया आधी अधूरी थी और वैधानिक भी नहीं थी। बिना दिशा निर्देशों एवं गाईडलाईंस के जारी इस प्रक्रिया के तहत लगभग पचास प्रतिशत स्कूल पोर्टल पर आनलाईन शिक्षण सत्यापन प्रक्रिया के अंतर्गत अपने अपने स्कूल की रिपोर्ट अपलोड नहीं कर सके। हजारों स्कूल्स द्वारा इस संबंध में शिक्षा विभाग को जरिए ईमेल अपनी मजबूरी से अवगत भी करा दिया था। अतः सत्र 2020-21 के अंतर्गत अध्ययन करने वाले भुगतान से वंचित समस्त स्टूडेंट्स, जो स्कूल अपरिहार्य कारणों से जानकारी अपडेट नहीं कर सके और जिन्होंने पोर्टल को भूलवश गलत फीड कर दिया का भुगतान बिना किसी शर्त के अतिशीघ्र ही कराने के निर्देश जारी कराएं। सत्र 2020-21 के अंतर्गत आरटीई का भौतिक सत्यापन सत्र 2021-22 के भौतिक सत्यापन के साथ ही कर लिया गया था। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पात्र समस्त स्टूडेंट्स को शीघ्र से शीघ्र भुगतान के आदेश शिक्षा विभाग के माध्यम से तुरंत प्रभाव से जारी कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

    उन्होंने शिक्षामंत्री को बताया कि आरटीई प्रक्रिया शुरू होने से लेकर अब तक भुगतान से वंचित या अन्य किसी भी तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल पर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकने वाले स्कूल्स को एक अवसर और दिलवाया जाना चाहिए। साथ ही मांग की कि आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं में अध्ययन कर रहे स्टूडेंट्स की फीस का भुगतान भी किया जाना चाहिए।

    यूनिट कॉस्ट में समुचित वृद्धि की मांग करते हुए खैरीवाल ने शिक्षामंत्री को बताया कि यूनिट कॉस्ट पिछले तीन सत्रों से यथावत है, अतः यूनिट कॉस्ट का निर्धारण उचित तरीके से करवाते हुए यूनिट कॉस्ट में वृद्धि की जानी चाहिए। खैरीवाल के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री से हुई मुलाकात के दौरान रघुनाथ बेनीवाल भी साथ थे।

  • महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200 वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में आयोजित होगा दो दिवसीय विद्वत् संवाद

    महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200 वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में आयोजित होगा दो दिवसीय विद्वत् संवाद

    आर्ष न्यास, आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स एवं पर्यावरण पोषण यज्ञ समिति का संयुक्त आयोजन

    होटल पाणिग्रहण में होंगे सभी सत्र

    बीकानेर, 30 सितंबर। महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200 वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में आर्ष न्यास के तत्वावधान तथा आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स एवं पर्यावरण पोषण यज्ञ समिति के संयुक्त संयोजन में दो दिवसीय विद्वत संवाद का आयोजन होटल पाणिग्रहण में 1 व 2 अक्टूबर को होगा।

    आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के संस्थापक एवं शिक्षाविद् स्व. रामनारायण स्वामी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आयोज्य इस अभिनव कार्यक्रम के संदर्भ में होटल पाणिग्रहण में हुई प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुभाष स्वामी ने बताया कि संवाद का उद्घाटन 1 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे होगा। उन्होंने बताया कि चार सत्रों में आयोज्य इस संवाद कार्यक्रम में महर्षि दयानंद के व्यक्तित्व एवं कार्यों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने अपने जीवन में समाज, राष्ट्र, धर्म, अध्यात्म आदि अनेक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए सम्पूर्ण मानव जाति को एक नई दिशा प्रदान की थी। सुभाष स्वामी ने बताया कि वर्तमान युग में महर्षि दयानन्द जी के विचार आज की युवा पीढी के लिए भी प्रेरणादायक है। आधुनिक शिक्षा और प्राचीन संस्कारों के सकारात्मक योगदान को भावी पीढी में रोपित करने के पावन उद्देश्य से इस आयोजन में उनके
    दिव्य स्वरूप एवं योगदान पर विशद चर्चा – परिचर्चा तथा संवाद किए जाएंगे। मुनि सत्यजीत, आचार्या शीतल, स्वामी श्रेयस्पति, डॉ. ज्वलंत शास्त्री, आचार्य रणजीत, स्वामी वेदपति, आचार्य रविशंकर सहित
    देश के विभिन्न प्रांतों के 30 विद्वान तथा बीकानेर के प्रबुद्ध जन इस दो दिवसीय अभिनव आयोजन में संभागित्व करेंगे।


    1 अक्टूबर को होगा सत्संग

    2 अक्टूबर को होगी श्रद्धांजलि सभा

    पर्यावरण पोषण यज्ञ समिति के प्रवक्ता योगेंद्र कृष्णा पंवार ने बताया कि 1 अक्टूबर को सायंकालीन सत्र में सत्संग का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को सायंकालीन सत्र में 5 से 7 बजे तक रामनारायण स्वामी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। प्रेस वार्ता के दौरान आचार्य कर्मवीर, आचार्य रविशंकर, तान्या सिंह तथा रवि भटनागर ने भी संबोधित किया।

  • आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत स्टूडेंट्स का  मूल्यांकन हुआ शुरू

    आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत स्टूडेंट्स का मूल्यांकन हुआ शुरू

    मूल्यांकन विभाग द्वारा करवाया जा रहा है निरीक्षण – परीक्षण का सघन आयाम

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत स्टूडेंट्स का मूल्यांकन कार्य 23 सितंबर 2024 से शुरू हो गया है। मूल्यांकन विभाग की स्टेट टीम के निर्देशन एवं नेतृत्व में यह कार्य किया जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार हर जिले में 20 स्कूल्स में मूल्यांकन संबंधित कार्य किया जाना प्रस्तावित है। 10 स्कूल प्राईमरी तथा 10 स्कूल सैकेंडरी सैटअप के होंगे। मूल्यांकन विभाग ने हर जिले में अपने 3 कार्मिकों की ड्यूटी तय की है। यह टीम रोजाना 4 स्कूल्स में मूल्यांकन संबंधित कार्य करेंगी।

    सत्र 2021-22, सत्र 2022-23 एवं सत्र 2023-24 में सर्वाधिक आरटीई एडमिशन्स देने वाले स्कूल्स में से पहले 10 – 10 स्कूल जिलेवार चयनित किए गए हैं। इन स्कूल्स का चयन भी मूल्यांकन डिपार्टमेन्ट द्वारा ही किया गया है। मूल्यांकन के दौरान आरटीई स्टूडेंट्स की शैक्षणिक प्रगति का परीक्षण मुख्य रूप से किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा आरटीई एवं नॉन आरटीई स्टूडेंट्स के शैक्षणिक प्रोसेस में डिफरेंस की जांच की जानी प्रस्तावित है। आरटीई एवं नोन आरटीई के स्टूडेंट्स में किसी भी तरह के भेदभाव की जांच भी मूल्यांकन टीम द्वारा किए जाने की जानकारी मिली है। गत तीन वर्षों के आरटीई प्रवेश से संबंधित सभी प्रकार के दस्तावेजों और डेटा का निरीक्षण भी किया जाएगा।

  • एशिया की सबसे बड़ी एज्यूकेशनल कांफ्रेंस एवं एक्जिबिशन “द इंटरनेशनल एज्यूकेशन एंड स्किल सम्मिट” में शिक्षाविद गिरिराज खैरीवाल ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व

    एशिया की सबसे बड़ी एज्यूकेशनल कांफ्रेंस एवं एक्जिबिशन “द इंटरनेशनल एज्यूकेशन एंड स्किल सम्मिट” में शिक्षाविद गिरिराज खैरीवाल ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व

    बीकानेर। नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर 25 में स्थित दुनिया के विशालतम इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर “यशोभूमि” में आयोजित तीन दिवसीय द इंटरनेशनल एज्यूकेशन एंड स्किल सम्मिट में शिक्षाविद गिरिराज खैरीवाल ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। एनसीईआरटी द्वारा सम्मिट के अंतिम दिन आयोजित ” डिजिटल एज्यूकेशन : एनसीईआरटी’ज रोल इन शेपिंग द फ्यूचर” कार्यशाला में खैरीवाल ने अपना सुझाव साझा करते हुए कहा कि एनसीईआरटी टेक्नोलाजी फ्रेंडली होकर बेहतर काम कर रही है। टेक्नोलाजी के डवलपमेंट के लिए एनसीईआरटी को और अधिक सपोर्टिव एवं प्रमोटिव सिस्टम तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटलाईजेशन से एज्यूकेशन को बेहतर बनाने के साथ आसान बनाया जा सकता है। इससे टीचर्स के लिए टीचिंग एड्स क्रिएट करने में बड़ी सहायता मिलती है और सीखना और सीखाना भी बेहद आसान हो जाता है।


    गौरतलब हो कि इंडिया डाईडेकक्टिस एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह एज्यूकेशन एक्जिबिशन एवं कांफ्रेंस एशिया की सबसे बड़ी एज्यूकेशनल इंवेट मानी जाती है। 18 से 20 सितंबर 2024 तक यशोभूमि कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में आयोजित इस इंटरनेशनल एज्यूकेशन एंड स्किल सम्मिट में स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्किल डवलपमेंट, एज्यूकेशन – टेक्नोलॉजी इत्यादि क्षेत्रों की 16 देशों की लगभग डेढ़ हजार से अधिक दिग्गज शख्सियतें सम्मिलित हुईं। इस दौरान विभिन्न विषयों पर 25 सेशन हुए जिनमें 120 से अधिक विद्वानों ने अपने अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। एमएसएमई मिनिस्ट्री, भारत सरकार तथा संस्कृति, युवा और खेल मंत्रालय, बाडेन-वुर्टेमबर्ग, यूएनओ के सहयोग से आयोजित इस सम्मिट में इन्वेस्ट इंडिया, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), एनसीईआरटी, सीआईएससीई एसोसिएट थे। ग्लोबल विक्टोरिया (आस्ट्रेलिया), एज्यूकेशन फिनलैंड, डाईडाक्टा, ब्रिटिश एज्यूकेशनल सप्लायर्स एसोसिएशन (बेसा), इन्वेस्टमेंट एनएस डब्ल्यू, साऊथ इस्ट एशियन मिनिस्टर्स ऑफ एज्यूकेशन आर्गेनाईजेशन ने इस इंवेट को इंटरनेशनल एसोसिएट्स के रूप में सपोर्ट किया। अर्ली चाईल्डहुड एसोसिएशन एवं एसोसिएशन फॉर प्री प्रेरेटरी एज्यूकेशन एंड रिसर्च भी इस आयोजन में सहभागी थे। इनके अलावा कई नामी गिरामी ब्रांड्स ने स्पोंसर के रूप में सपोर्ट किया। इंडिया डाईडेकक्टिस एसोसिएशन के सीईओ आदित्य गुप्ता के मुताबिक 13 से 15 फरवरी 2025 को मुंबई तथा 20 – 21 फरवरी 2025 को बेंगलुरु में अगली कांफ्रेंसेंज आयोजित की जाएंगी।

  • राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीरामसर के तत्वावधान में स्विमिंग प्रतियोगिताओं का सफलतम आयोजन संपन्न

    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीरामसर के तत्वावधान में स्विमिंग प्रतियोगिताओं का सफलतम आयोजन संपन्न

    बीकानेर। 68 वीं जिला स्तरीय 17/19 वर्ष छात्र/छात्रा तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीरामसर (बीकानेर) के तत्वावधान में पहलवान जिम के तरणताल में बुधवार को आयोजित किया गया।

    प्रधानाचार्या संगीता टाक ने बताया कि इस अवसर पर 50 मीटर, 100 मीटर, 200 मीटर फ्री स्टाइल स्विमिंग, बटरफ्लाई स्विमिंग इत्यादि अनेक रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि खेल हमें केवल रैंक दिलाते हैं, यहां कोई विजेता नहीं होता और कोई हारता नहीं है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि खेल प्रतिभाओं के चयन में कोई पक्षपात नहीं होना चाहिए।

    समाज सेवी प्रेम जोशी, महावीर इंटरनेशनल की वीरा केंद्र की अध्यक्ष श्रुति बोथरा एवं सचिव भावना ने आयोजन के लिए रेफरेशमेंट तथा पुरस्कार इत्यादि की व्यवस्था में सहयोग प्रदान किया।
    गिरिराज जोशी और राजा बाबू इत्यादि ने प्रतियोगिता के निष्पक्ष संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    श्रीरामसर स्कूल के स्टाफ नरेंद्र चौधरी, सांवरमल सैनी, मनोहर लाल बिश्नोई, साजिद अली, रोहतास कांटिया, अन्नपूर्णा वर्मा, महेंद्र सिंह राठौड़, महेंद्र सिंह राजवी, मोहित बन और पूर्व कार्मिक रामेश्वर लाल ओझा ने कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान किया। मंच संचालन रोहताश कांटिया ने किया। विद्यालय की प्राचार्या संगीता टाक ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों, सहयोगियों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया।

  • राष्ट्रीय पब्लिक स्कूल के अभिनव आयाम “जीवन और विज्ञान” प्रदर्शनी देखकर अभिभूत हुए दर्शक

    राष्ट्रीय पब्लिक स्कूल के अभिनव आयाम “जीवन और विज्ञान” प्रदर्शनी देखकर अभिभूत हुए दर्शक

    बीकानेर। बीकानेर के कमला कॉलोनी स्थित राष्ट्रीय पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में साइंस एग्जीबिशन का आयोजन किया गया।
    जीवन और विज्ञान के सांमजस्य पर आधारित इस विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने मॉडल्स, सजीव मॉडल्स, चार्ट्स के माध्यम से विज्ञान में अपनी अपनी अभिरुचि को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।


    प्री प्राइमरी के विद्यार्थियों ने जंगल थीम पर विभिन्न प्रोजेक्ट्स को मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत कर आगंतुओं का मन मोह लिया। प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों ने सौरमंडल और जल संशोधन पर आधारित प्रोजेक्ट बनाकर अपनी जागरूकता का परिचय दिया। स्टूडेंट्स ने योग और आसन के माध्यम से भी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति अपनी रुचि को प्रदर्शित किया।

    मीडिल एंव सीनियर विंग के विद्यार्थियों ने वाटर हार्वेस्टिंग, पर्यावरण से संबंधित विभिन्न मॉडल, लाइट रिफ्लेक्शन, शरीर विज्ञान एवं विभिन्न मशीनों से संबंधित अपने मॉडल्स के माध्यम से विज्ञान के प्रति जागरूकता को प्रदर्शित किया। आदित्य स्वामी ने विद्यार्थियों को विज्ञान में करके सीखने के सिद्धांत के संदर्भ में सदैव रुचि बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयास को सराहा तथा सदैव उन्हें अपना दृष्टिकोण सकारात्मक एवं वैज्ञानिक बनाए रखने हेतु प्रोत्साहित किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन रिटायर्ड कर्नल हेम सिंह शेखावत, जिला उद्योग संघ के उपाध्यक्ष नरेश मित्तल, समाजसेवी चोरुलाल सुथार, डॉ मीना आसोपा, राजकुमारी पारीक, विद्यालय की प्रधानाचार्य अनीता सुगंध तथा आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ आदित्य स्वामी ने किया। अतिथियों का स्वागत अनीता सुगंध ने किया कार्यक्रम का निर्देशन तानिया गुप्ता एवं ऋतु शर्मा ने किया। विद्यार्थियों को प्रेरित करने एवं मार्गदर्शन करने का कार्य भावना सिंह, मनमोहिनी करनानी, अमित, बृजमोहन आदि ने किया।