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पैपा और ज्ञानायाम द्वारा आयोजित “ज्ञान – प्रबोध” कार्यशाला में हुई सार्थक चर्चा – परिचर्चा

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बीकानेर। गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) एवं वॉयस आफ एज्यूकेशन “ज्ञानायाम” द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला एवं दीपावली मिलन समारोह “ज्ञान – प्रबोध” में बहुत सार्थक चर्चा – परिचर्चा हुई। कार्यशाला में शिक्षा विभाग एवं महिला आधिकारिता विभाग के माध्यम से नए अपडेट्स भी बताए गए। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि स्टेशन रोड़ स्थित महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में टी सी एवं अवकाश के अधिकार के लिए सार्थक चर्चा – परिचर्चा के बाद तय हुआ कि इस विषय में शीघ्र ही शिक्षा विभाग के साथ वार्ता की जाएगी। खैरीवाल ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत यूनिट कॉस्ट में तर्क संगत वृद्धि कराने के प्रयास करने एवं बकाया राशि शीघ्र जारी कराने हेतु भी विचार – विमर्श हुआ।

उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. विजयशंकर आचार्य के मुख्य आतिथ्य एवं मेहरबान सिंह खालसा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में महिला आधिकारिता विभाग की प्रबन्ध निदेशक कविता हुरकट, शिवरतन तथा नन्दकिशोर ने लाडो प्रोत्साहन योजना, पन्नाध्याय योजना सहित अनेक सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा उनका महत्व बताया। निदेशालय के आरटीई सैल के प्रभारी अरूण स्वामी ने लाडो योजना के साथ साथ आरटीई एवं पी एस पोर्टल संबंधित अपडेट्स बताए तथा उपस्थित संभागियों की जिज्ञासाओं का प्रभावी समाधान किया। मालचन्द सुथार ने पीएफ एवं ईएसआई से संबंधित उल्लेखनीय जानकारी प्रदान की। घनश्याम साध ने करुणा इण्टरनेशनल एवं गीता श्लोक प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. विजय शंकर आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सीखने – सीखाने का माध्यम होती है। ऐसी कार्यशालाएं नवीन जानकारियों का सेतु बनती हैं। विजय सिंह शेखावत ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान समय में एकजुट होना आवश्यक हो गया है। उन्होंने डमी सिस्टम को अत्यंत घातक करार देते हुए इस सिस्टम को नेस्तनाबूद करने की पैरवी की। चरण सिंह चौधरी, तरविन्दर सिंह कपूर, रमेश बालेचा, मो. फारूक, राजेश पुरोहित, प्रभुदयाल गहलोत, रघुनाथ बेनीवाल, रविकांत पुरोहित, बालकिशन सोलंकी, लोकेश कुमार मोदी, रमेश कुमार मोदी, जयपाल सिंह भाटी, विक्रम सिंह, राजेश स्वामी, श्रीकृष्ण स्वामी, मांगीलाल रामावत, भैरूसिंह, नीलेश अनेजा, विकास तनेजा, मनोज व्यास, अनुराग हर्ष, चन्द्रकांता लोहिया, इचरज स्वामी, रोहिणीकांत इत्यादि द्वारा प्रस्तुत जिज्ञासाओं का यथोचित समाधान मंच द्वारा बताया गया। ज्ञानसागर के प्रतिनिधि विशाल चौपड़ा एवं सभी अतिथियों एवं वक्ताओं को स्मृति चिन्ह, डायरी एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सम्मिलित सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं संभागियों को ज्ञानसागर एवं प्रदीप केमिकल्स, गंगाशहर की तरफ से आकर्षक डायरी उपहार में दी गई। कार्यशाला का कुशल मंच संचालन प्रताप सिंह भाटी नेे किया। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा स्वागत एवं धन्यवाद संबोधन ज्ञापित किए। कार्यशाला का समापन राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के सामूहिक गान द्वारा हुआ।

पैपा के प्रदेश समन्वयक खैरीवाल का किया अभिनंदन

प्राईवेट स्कूल्स के 12 राज्य स्तरीय संगठनों द्वारा पिछले सप्ताह गठित सामूहिक फोरम “प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन” के सचिव पद की जिम्मेदारी पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल को दिए जाने पर अभिनंदन पत्र, शाल एवं माल्यार्पण द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। रमेश बालेचा द्वारा लिखित अभिनंदन लेख का वाचन प्रताप सिंह भाटी ने किया। विजयसिंह शेखावत द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर खैरीवाल का अभिनंदन किया गया।

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