आरटीई की संशोधित प्रक्रिया के कारण हजारों बच्चों को प्रवेश से रहना पड़ेगा वंचित

आवेदन में रही कमियों को दूर करने का नहीं मिलेगा अवसर

बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2026-27 से कुछ संशोधन किए गये हैं। इस संबंध में विभाग ने दिशा निर्देशों में सब कुछ स्पष्ट कर दिया था। इन संशोधनों में से एक संशोधन अभिभावकों के लिए बहुत घातक साबित होना तय है। सत्र 2026-27 से रिपोर्टिंग के बाद अभिभावक किसी भी तरह का कोई दस्तावेज आनलाईन अटैच नहीं कर सकेंगे। अभी अधिकांश अभिभावक इस मुगालते में है कि वे अपूर्ण या बकाया दस्तावेज सत्यापन के समय लगने वाले आक्षेप पूर्ति के दौरान कर देंगे लेकिन ऐसा मौका इस बार मिलेगा ही नहीं। इस कारण से छोटी छोटी कमियां आवेदन निरस्त करने की बड़ी वजह बन जाएगी। क्योंकि सत्यापन के दौरान आक्षेप का विकल्प ही नहीं रखा गया है। सत्यापन की प्रक्रिया में आवेदन या तो सत्यापित होगा अथवा निरस्त होगा। विदित रहे कि 16 मार्च 2026 तक अभिभावकों को आवेदित किसी एक स्कूल में आनलाईन रिपोर्टिंग करनी थी। 17 मार्च से स्कूल्स द्वारा उन्हें प्राप्त आनलाइन रिपोर्ट का वेरीफिकेशन का काम आनलाइन ही करना है।

अभिभावकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आवश्यक जानकारी

आरटीई के अंतर्गत आवेदन करने वाले अभिभावकों को इस बात का ध्यान होना चाहिए कि जब तक किसी भी विद्यालय में प्रवेश हेतु कन्फर्मेशन नहीं मिलती है तब तक उन्हें किसी भी स्कूल में मूल दस्तावेज या दस्तावेज़ों की प्रतिलिपि या आवेदन पत्र इत्यादि कुछ भी जमा नहीं कराना चाहिए। आरटीई के आवेदन के दौरान ही आवश्यक सभी दस्तावेज लगाना अनिवार्य होता है लेकिन इसके बावजूद अनेक अभिभावक ई मित्र संचालकों के कहने के अनुसार आधे अधूरे या गलत या अनावश्यक दस्तावेज आनलाइन अपलोड कर देते हैं, सत्यापन के दौरान जब संबंधित विद्यालय द्वारा आक्षेप लगाया जाता था तो भी अभिभावक ई मित्र का ही पक्ष लेते थे। इसी तरह से जब इस वर्ष भी आवेदन पत्र रिजेक्ट होंगे तो अभिभावक स्कूल्स को ही दोषी ठहराएंगे जबकि स्कूल्स यदि किसी आवेदन पत्र में रही कमियां निकालते हैं तो वो सब कुछ नियमानुसार ही करते हैं। हालांकि अनेक स्कूल्स लॉटरी निकलने से पहले ही आवेदन पत्र एवं संलग्न दस्तावेज अभिभावकों से ले लेते हैं। ऐसा करना भी नियमानुसार नहीं है। प्राथमिकता सूची में नाम आ जाना मतलब एडमिशन कन्फर्म मान लेना भी अभिभावकों की बड़ी भूल है। आरटीई के अंतर्गत प्रत्येक कार्य आनलाइन ही संभव होता है। दस्तावेज़ों का सत्यापन भी आनलाइन ही किया जाता है। प्रत्येक नियम, पूरी प्रक्रिया की जानकारी आरटीई पोर्टल पर उपलब्ध रहती है जिसे कोई भी देख समझ सकते हैं लेकिन इतना कष्ट कोई करना ही नहीं चाहते।

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