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  • आरटीई के भुगतान को लेकर अनेक राज्यों में आक्रोश, असहयोग आन्दोलन की घोषणा

    आरटीई के भुगतान को लेकर अनेक राज्यों में आक्रोश, असहयोग आन्दोलन की घोषणा

    बीकानेर। आरटीई की प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाने पर गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं का आक्रोश खुलकर सामने आना शुरू हो गया है। राजस्थान सहित अनेक राज्यों में असहयोग आन्दोलन शुरू होने की जानकारी सामने आई है। पिछले दिनों जयपुर में स्कूल क्रांति संघ एवं निसा की बैठक में इस संबंध में गंभीर मंथन हो चुका है। स्कूल क्रांति संघ द्वारा “भुगतान नहीं तो प्रवेश नहीं” अभियान पूरे राजस्थान में चलाने के प्रयास शुरू किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 1 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में असहयोग आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाता तब तक प्रदेश के समस्त स्कूल असहयोग आंदोलन करेंगे। असहयोग आंदोलन में स्कूल शिक्षा विभाग के किसी भी कार्य में प्रदेश के निजी स्कूल सहयोग नहीं करेंगे। इसमें स्कूल किसी पत्र, नोटिस, आदेश का जवाब तक नहीं देंगे।

    एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि पिछले 13 वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है। एसोसिएशन द्वारा इस मुद्दे पर शिक्षा विभाग के विरुद्ध उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी। याचिका के आदेश में उच्च न्यायालय ने अपने अंतिम आदेश में 6 माह के भीतर मांगों पर निर्णय लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत खेद का विषय है की गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा पर होने वाले व्यय पर स्कूल शिक्षा विभाग संवेदनहीन है और कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रहा है।

    संगठन ने खुल्लमखुल्ला घोषणा कर दी है कि प्रतिपूर्ति राशि जब तक अपेक्षा के अनुसार नहीं बढ़ेगी तब तक आन्दोलन जारी रहेगा। संगठन ने पुरजोर मांग की है कि कोर्ट के निर्देशों की पालना करते हुए शिक्षा विभाग को तुरन्त प्रभाव से प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान बढी हुई राशि के अनुसार पिछले 3 वर्षों का करना चाहिए। संगठन ने मांग की है कि आरटीई के तहत प्रदाय की जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि प्रति विद्यार्थी / प्रति वर्ष प्राथमिक कक्षाओं में 7000 से बढा़कर 18000, माध्यमिक की 11,500 से बढ़ाकर 22,000 एवम हाई और हायर सेकंडरी की अधिकतम सीमा को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 तक किया जाए।

  • आरटीई के अंतर्गत अपने बच्चे का आवेदन करने वाले अभिभावकों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है

    आरटीई के अंतर्गत अपने बच्चे का आवेदन करने वाले अभिभावकों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है

    दुगुनी फीस के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है…

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए जारी दिशा निर्देशों में कई नए प्रावधान लागू किए गए हैं। यह जानकारी आरटीई के अंतर्गत आवेदन करने वाले अभिभावकों को होनी आवश्यक है। गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों के अभिभावकों के विरूद्ध कार्रवाई करने का प्रावधान इस वर्ष से लागू हो गया है। इस वर्ष से पेन नंबर का विकल्प भी आवेदन पत्र के साथ जोड़ दिया गया है। दोनों ही प्रावधानों के लिए पैपा (प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस, राजस्थान) द्वारा गत 10-12 वर्षों से मांग की जा रही थी। अनेक अवसरों पर इस तरह के सुझाव भी पैपा द्वारा दिए जाते रहे हैं। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने इन प्रावधानों को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया है तथा पेन नंबर की अनिवार्यता हेतु अपनी मांग भी प्रस्तुत की है।

    यह प्रावधान किया है लागू

    यदि किसी अभिभावक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज या जानकारी गलत या मिथ्या सिद्ध हो जाती है तो ऐसे अभिभावकों को संबंधित विद्यालय में उस विद्यालय द्वारा निर्धारित फीस का दुगुनी राशि चुकानी होगी तथा साथ ही स्कूल ऐसे अभिभावकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए भी स्वतंत्र रहेगा। शिक्षा विभाग ने यह प्रावधान आरटीई के अंतर्गत जारी किए जाने वाले दिशा निर्देशों में जोड़ा है। सत्र 2026-27 हेतु जारी दिशा निर्देशों में पृष्ठ संख्या 8 पर बिन्दु संख्या 4.13 में इस प्रावधान को देखा जा सकता है।
    वास्तविक आय से कम आय का प्रमाण – पत्र, गलत वार्ड, पंचायत या एड्रेस इत्यादि के आधार पर आरटीई के अंतर्गत हर वर्ष शिक्षा विभाग में सैंकड़ों शिकायतें मिलती रहती है लेकिन कोई ठोस प्रावधान नहीं होने के कारण विभाग ऐसे अभिभावकों के विरुद्ध कोई विशेष कार्रवाई नहीं कर सका। अब यह प्रावधान लागू हो जाने से ऐसे अभिभावकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो सकेगी। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि विभाग द्वारा इस संबंध में इस वर्ष से पूरी मुस्तैदी के साथ निगरानी की जाएगी तथा हर ब्लाक्स के लिए टार्गेट निर्धारित करने की तैयारी की जा रही है।

  • आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं हेतु शिक्षा विभाग द्वारा भुगतान नहीं करने की मंशा हुई उजागर

    आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं हेतु शिक्षा विभाग द्वारा भुगतान नहीं करने की मंशा हुई उजागर

    प्री प्राईमरी की तीनों कक्षाओं में प्रवेश की योजना कोर्ट के निर्देशों की अवमानना : सुश्री शर्मा

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2026-27 से पहली कक्षा के साथ साथ सभी प्री प्राईमरी कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है लेकिन प्री प्राईमरी कक्षाओं में प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स की फीस के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने मौन साध लिया है। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी यह बताने के लिए तैयार नहीं है कि इन कक्षाओं में प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स की फीस का भुगतान किया जाएगा या नहीं। सिंगल बैंच के फैसले को सही ठहराते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा प्री प्राईमरी की सभी कक्षाओं में प्रवेश देने हेतु निर्देशित किया गया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा जारी फैसले में प्री प्राईमरी कक्षाओं हेतु भुगतान संबंधित कोई जिक्र नहीं किए जाने की बात शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कही जा रही है जबकि फैसले के बिन्दु क्रमांक 38 में बताया गया है कि समाज के वंचित और कमजोर वर्गों से आने वाले 25% छात्रों को गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश देने की शिक्षा विभाग अनुमति देगा और ऐसे स्कूल्स को शिक्षा देने के लिए उसी सीमा तक अनुदान (ग्रांट-इन-एड) भी देगा। साथ ही शिक्षा विभाग यह भी भूल रहा है कि सिंगल बैंच के फैसले में प्री प्राईमरी कक्षाओं के लिए भुगतान हेतु स्पष्ट निर्देश दिए गए थे और डबल बैंच द्वारा जारी फैसले में सिंगल बैंच के फैसले को सही बताते हुए ही निर्देश दिए गए हैं। उधर प्राईवेट स्कूल्स के संगठनों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष हेमलता शर्मा ने प्रेस बयान रिलीज कर चेतावनी दी है कि जब तक पिछला बकाया भुगतान शिक्षा विभाग द्वारा नहीं किया जाता है तब तक आरटीई के अंतर्गत प्रवेश नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के फैसले की अवहेलना विभाग द्वारा की जा रही है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने केवल पी पी 3 एवं पहली कक्षा के लिए ही निर्देशित किया है जबकि विभाग पी पी 3, पी पी 4, पी पी 5 एवं पहली कक्षा में प्रवेश की विज्ञप्ति जारी कर खुल्लमखुल्ला हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर रहा है।

    क्या कहता है हाईकोर्ट का फैसला

    4 नवंबर 2025 को हुई फाईनल सुनवाई के पश्चात 8 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट, जयपुर की डबल बेंच द्वारा सुनाए गये निर्णय का अध्ययन करने से सामने आया कि हाईकोर्ट द्वारा जारी फैसले में स्पष्ट रूप से सभी प्री प्राईमरी कक्षाओं में प्रवेश देने हेतु कहा गया है। न्यायाधीश बलजिन्द्र सिंह संधू एवं संजीव प्रकाश शर्मा द्वारा सुनाए गये फैसले में कहा गया है कि यदि पहली कक्षा में ही आरटीई के अंतर्गत प्रवेश का प्रावधान होगा तो गरीब तबके के बच्चे शिक्षा में पिछड़ जाएंगे क्योंकि नोन आरटीई के अंतर्गत पढ़ने वाले स्टूडेंट्स प्री प्राईमरी कक्षाओं को पढ़कर पहली में आएंगे जबकि आरटीई के अंतर्गत जरूरी नहीं है कि सभी बच्चों द्वारा प्री प्राईमरी की पढाई की जाए। इसलिए हाईकोर्ट ने सभी प्री प्राईमरी कक्षाओं में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश हेतु फैसला दिया है। हालांकि शिक्षा विभाग की तरफ से पैरवी करने वाले विद्वान अधिवक्ताओं ने कहा था कि विभाग द्वारा कक्षा 1 से ही मान्यता दी जाती है, इसलिए केवल कक्षा – 1 में ही आरटीई के अंतर्गत प्रवेश की व्यवस्था लागू की जानी उचित रहेगी। डबल बेंच ने स्पष्ट किया कि कमज़ोर तबके और पिछड़े ग्रुप के बच्चों को प्री प्राइमरी एजुकेशन से दूर नहीं किया जाना चाहिए। यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि जैसे-जैसे देश तरक्की कर रहा है, बच्चों का IQ लेवल बढ़ा है और अगर बच्चों को प्री प्राइमरी स्टेज पर सीखने से दूर रखा जाता है, तो वे अच्छी तरह से बने-बनाए ऊँचे समाज के बच्चों से पीछे रह सकते हैं। RTE एक्ट का मकसद ही खत्म हो जाएगा, अगर कमज़ोर तबके और पिछड़े ग्रुप के स्टूडेंट्स को सिर्फ़ क्लास-I लेवल पर एडमिशन दिया जाता है, क्योंकि प्री प्राइमरी क्लास में पहले से पढ़ चुके दूसरे बच्चों के मुकाबले उनकी हालत खराब होती है।

  • आरटीई के अंतर्गत सत्र 2026-27 से 4 कक्षाओं में दिए जाएंगे निशुल्क प्रवेश

    आरटीई के अंतर्गत सत्र 2026-27 से 4 कक्षाओं में दिए जाएंगे निशुल्क प्रवेश

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2026-27 से प्री प्राईमरी की सभी कक्षाओं एवं पहली कक्षा में प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। 13 फरवरी को निदेशालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक पी पी 3, पी पी 4, पी पी 5 एवं पहली कक्षा में आरटीई के अंतर्गत निशुल्क प्रवेश दिए जाएंगे। जिन स्कूल्स के पी एस पोर्टल पर एंट्री क्लास पी पी 4 है, उन स्कूल्स में पी पी 4, पी पी 5 एवं पहली कक्षा में प्रवेश दिए जाएंगे। जहाँ पी पी 5 एंट्री क्लास है, वहाँ पी पी 5 एवं पहली कक्षा में प्रवेश दिए जाएंगे। जिन स्कूल्स में प्री प्राईमरी कक्षाएं एंट्री क्लास नहीं है, उन विद्यालयों में केवल पहली कक्षा में ही आरटीई के अंतर्गत प्रवेश दिए जा सकेंगे। प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों के लीडर्स ने इस व्यवस्था को अनुचित बताते हुए उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करार दिया है।

  • मंत्री की जिद्द नहीं हुई सफल, एक महीने बाद आरटीई के अंतर्गत अगले सत्र का टाईम फ्रेम हुआ घोषित, जल्दबाजी में शिक्षा विभाग से हुई चूक

    मंत्री की जिद्द नहीं हुई सफल, एक महीने बाद आरटीई के अंतर्गत अगले सत्र का टाईम फ्रेम हुआ घोषित, जल्दबाजी में शिक्षा विभाग से हुई चूक

    बीकानेर। सत्र 2026-27 की आरटीई का टाईम फ्रेम 13 फरवरी को जारी कर दिया गया है। ऐसा पहली बार देखने में आया है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी टाईम फ्रेम एवं दिशा निर्देश में कुछ जगह चूक रह गयी। इसकी वजह शिक्षा मंत्री की जिद्द के कारण हो रहे अनावश्यक विलंब को ही मानी जानी चाहिए। एक्चुअली निदेशालय द्वारा आरटीई टाईम फ्रेम बनाकर दिसम्बर 2025 में ही शिक्षा विभाग जयपुर से अनुमोदन हेतु भिजवा दिया गया था। जनवरी के प्रथम सप्ताह में अनुमोदन होकर निदेशालय को मिल भी गया था। निदेशालय द्वारा विज्ञप्ति की लगभग सारी तैयारियाँ एवं दिशा निर्देश भी उस दौरान तैयार कर लिए गये थे लेकिन शिक्षा मंत्री द्वारा कैचमेंट एरिया में संशोधन करने के मौखिक आदेश के कारण उस वक्त प्रस्तावित टाईम फ्रेम एवं दिशा निर्देश जारी नहीं किए जा सके। शिक्षा मंत्री की जिद्द थी कि कैचमेंट एरिया की प्राथमिक इकाई वार्ड नहीं होकर पूरा नगर किया जाए। इस जिद्द को मानना संभव नहीं था क्योंकि आरटीई एक्ट में संशोधन किए बिना यह पॉसिबल नहीं हो सकता। शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारीगणों ने भी इस बाबत मंत्रालय को अनेक मर्तबा अवगत कराया था बावजूद इसके इस विषय में मंत्री की जिद्द जारी रही। विभाग के विधिक अधिकारियों एवं लीगल एक्सपर्ट्स से परीक्षण कराने एवं कोई रास्ता निकालने के प्रयास भी सफल नहीं हुए। आखिरकार आनन फानन में 13 फरवरी 2026 को सत्र 2026-27 की आरटीई प्रवेश प्रक्रिया का टाईम फ्रेम एवं दिशा निर्देश जारी कर दिये गये। आधिकारिक रूप से जारी विज्ञप्ति में भी जल्दबाजी में त्रुटियां रह गयी। जिसका संशोधन विभाग ने अगले दिन संशोधन की अलग से विज्ञप्ति जारी कर किया। विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश एवं विज्ञप्ति में रही कुछ विसंगतियों के कारण दिशानिर्देश पोर्टल से डिलीट करने पड़े। संशोधित दिशा निर्देश शीघ्र ही पोर्टल पर अपलोड किए जाने की जानकारी मिली है। भुगतान एवं प्रवेश से संबंधित जानकारी शीघ्र ही ज्ञानायाम पोर्टल पर जारी की जाएगी।

  • तनाव से सिर्फ परेशानी मिलती है :- खैरीवाल

    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीनासर में आयोजित हुआ आशीर्वाद समारोह

    गंगाशहर, 9 फरवरी। प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) राजस्थान के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने कहा कि तनाव या डिप्रेशन हमें तो परेशान करते ही हैं, हमारे से जुड़े हुए अन्य जनों को भी दिक्कत देता है। इसलिए हमें जीवन के हर काम को खुशी के साथ करना चाहिए। हमेशा हमारे चेहरे मुस्कुराहट के साथ खिले रहने चाहिए। खैरीवाल ने यह बात मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीनासर के कक्षा – 10 वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल द्वारा आयोजित आशीर्वाद समारोह में संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं पूरे आनन्द के साथ देनी चाहिए। खैरीवाल ने कहा कि एकाग्रता जीवन का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए प्रत्येक कार्य को एकाग्रचित होकर करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को कहा कि ग्यारहवीं कक्षा में अपने मनपसंद के विषय ही लेने चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य कैलाश चंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। अपना आत्मविश्वास बनाए रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। विशिष्ट अतिथि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदासर दक्षिण के प्राचार्य मोहम्मद मूसा ने कहा कि पढ़ाई के साथ साथ अच्छा व्यक्ति भी बनना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। संस्था प्रधान डॉ. करनीदान कच्छवाह ने स्वागत संबोधन के साथ साथ बच्चों की हौसला अफजाई की। तोलाराम मेघवाल ने आभार प्रकट किया। स्टाफ सदस्यों सुनील कुमार, दीपक रंगा, रजनीश मोदी ने भी विचार व्यक्त किए। कांतारानी, तनीषा, विपिन गौड़, सीमा चौहान आदि ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंट किए। इस अवसर पर सभी स्टूडेंट्स को दो दो पेन दिए गये तथा सभी अतिथियों एवं स्टाफ ने श्रेष्ठतम प्रदर्शन हेतु आशीर्वाद दिया।

  • आरएसवी ने ₹6 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति देकर स्टूडेंट्स को किया प्रोत्साहित

    आरएसवी ने ₹6 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति देकर स्टूडेंट्स को किया प्रोत्साहित

    बीकानेर 6 फरवरी। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को ₹600000 से अधिक की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं समाजसेवी रवि शेखर मेघवाल ने आरएसवी के सीएमडी सुभाष स्वामी के साथ कक्षा 10वीं में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्यनरत 122 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए। अपने उद्बोधन में रवि शेखर ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए पूर्ण मनोयोग से प्रयास करने हेतु प्रेरित किया। सीएमडी सुभाष स्वामी ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा अलग-अलग होती है, अतः अपनी रुचि एवं लक्ष्य के अनुसार ही आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में अभिभावकों के साथ व्यवसायी ओमप्रकाश मोदी, श्याम सुंदर मोदी, आरएसवी के प्रधानाचार्य रविंद्र भटनागर, सीनियर विंग कोऑर्डिनेटर डॉक्टर पुनीत चोपड़ा एवं अन्य अध्यापक भी उपस्थित रहे।। कार्यक्रम का संचालन ऋतु शर्मा ने किया।

  • Dedicated Cub Master Ramesh Kumar Modi to receive Medal of Merit for his outstanding services in the field of Scouting and Guiding; Governor to present the award

    Bikaner, February 4: Ramesh Kumar Modi, a dedicated training counselor and Cub Master who has been serving in the Scout movement for over 52 years, will be awarded the Medal of Merit. This award is being given to Mr. Modi for his remarkable service in the field of Scouting. The award will be presented to him by His Excellency the Governor at a ceremony in Jaipur on February 11th. It is noteworthy that Ramesh Kumar Modi has previously received several long-service awards. He received the President’s Rover Award, the highest honor in Scouting, in 1989. He was first honored with the First Class Scout Badge (President’s Scout Badge) in 1979. Modi has also received numerous prestigious awards and honors in the fields of education and social service.

    Assistant State Organizing Commissioner (Scout) Ramjas Likhala, C.O. (Scout) Jaswant Singh Rajpurohit, C.O. (Guide) Meenakshi Bhati, Assistant state Commissioner (Scout) Rajendra Joshi, Former Divisional Secretary Devanand Purohit, L. A. Secretary of Bikaner Bhuvaneswar Sadh and Prabhu Dayal Gahlot, State Coordinator of PEIPA Giriraj Kheriwal, Rajesh Ranga and Ghanshyam Sadh of Karuna International, Hanuman Chimpa, senior journalists Bhawani Shankar Joshi, Devanand Purohit, , and many others have expressed their heartfelt happiness and congratulated Modi. It is worth mentioning that Mr. Modi’s late father, Sitaram Modi, was also a Cub Master, while his mother was a Himalaya Wood Badge holder. His elder brother Bhagatram Modi, younger brother Madanmohan Modi, and his son Saurabh have also been honored with the President’s Award in the field of Scouting.

  • जिला प्रशासन, बीकानेर ने सुनीता बिश्नोई की उत्कृष्ट सेवाओं का किया सम्मान

    जिला प्रशासन, बीकानेर ने सुनीता बिश्नोई की उत्कृष्ट सेवाओं का किया सम्मान


    बीकानेर। महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी सुनीता बिश्नोई को उनके उल्लेखनीय योगदान एवं उत्कृष्ट सेवाओं हेतु बीकानेर के जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य समारोह में सम्मानित किया गया। डॉ करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सुनीता बिश्नोई को राष्ट्रीय सेवा योजना में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। बिश्नोई को राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना में कार्यक्रम अधिकारी के तौर पर बालिकाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करने, विभिन्न कच्ची बस्तियों में जाकर बालिका सशक्तिकरण के प्रयास करने, महाविद्यालय में केंद्र सरकार की योजना के तहत स्थापित “नई किरण नशा मुक्ति केंद्र” प्रभारी के रूप में महाविद्यालय व आसपास के क्षेत्र में नशा मुक्ति के लिए जन जागरूकता पैदा करने तथा महाविद्यालय में स्थापित स्वीप समिति के सदस्य के रूप में छात्राओं में मतदान व नामांकन के लिए प्रेरित करने के लिए ये सम्मान प्रदान किया गया है। बिश्नोई को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किए जाने पर महाविद्यालय की स्टूडेंट्स एवं अन्य व्याख्याताओं ने प्रसन्नता प्रकट हुए उन्हें बधाई दी है।

  • सत्र 2025-26 की यूनिट कॉस्ट हुई निर्धारित

    सत्र 2025-26 की यूनिट कॉस्ट हुई निर्धारित

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत स्टूडेंट्स की सत्र 2025-26 की यूनिट कॉस्ट के निर्धारित होते ही इस विषय में जारी सारे कन्फ्यूजन भी दूर हो गये हैं। लगातार पांचवें वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं की गयी है। पिछले सालों की तरह इस वर्ष भी 13535/- प्रति विद्यार्थी यूनिट कॉस्ट निर्धारित की गई है। पुस्तकों के लिए 202/- प्रति विद्यार्थी डीबीटी द्वारा उनके जनाधार अकाउंट में डिपोजिट किए जाएंगे। हालांकि पिछले साल भी जब यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं की गयी थी तो प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग से मिलकर यूनिट कॉस्ट में वृद्धि की खूब पैरवी की थी। उस वक्त अनेक संगठनों ने दावा किया था कि अगले वर्ष यूनिट कॉस्ट में वृद्धि का पूरा भरोसा सरकार एवं शिक्षा विभाग ने दिया है।

    विश्वस्त सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करने का प्रस्ताव भिजवाया था जो कि 34 हजार रुपये से अधिक था। बाद में कम करने के फिल्टर लगाकर विभाग द्वारा लगभग 24 हजार से अधिक की राशि यूनिट कॉस्ट हेतु तय कर प्रस्तावित की थी लेकिन वित विभाग एवं सरकार द्वारा गत चार वर्षों की तरह यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करना उचित नहीं समझा और पांचवें वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं की है। प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन की अध्यक्ष हेमलता शर्मा एवं सचिव गिरिराज खैरीवाल ने सरकार की इस हिटलर शाही का विरोध करते हुए कहा कि क्या 4 वर्षों में महंगाई नहीं बढी? क्या चार वर्षों में किसी भी सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारी के वेतन में वृद्धि नहीं हुई? तो फिर यह मनमानी क्यों? उन्होंने कहा कि अब कोर्ट के अलावा कोई रास्ता उनके पास नहीं बचा है। विद्वान विधिवेत्ताओं से शीघ्र ही सलाह मशविरा कर सरकार की मनमानी को विधि सम्मत तरीके से न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।

  • सत्र 2025-26 की यूनिट कॉस्ट हुई निर्धारित

    सत्र 2025-26 की यूनिट कॉस्ट हुई निर्धारित

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत स्टूडेंट्स की सत्र 2025-26 की यूनिट कॉस्ट के निर्धारित होते ही इस विषय में जारी सारे कन्फ्यूजन भी दूर हो गये हैं। लगातार पांचवें वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं की गयी है। पिछले सालों की तरह इस वर्ष भी 13535/- प्रति विद्यार्थी यूनिट कॉस्ट निर्धारित की गई है। पुस्तकों के लिए 202/- प्रति विद्यार्थी डीबीटी द्वारा उनके जनाधार अकाउंट में डिपोजिट किए जाएंगे। हालांकि पिछले साल भी जब यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं की गयी थी तो प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग से मिलकर यूनिट कॉस्ट में वृद्धि की खूब पैरवी की थी। उस वक्त अनेक संगठनों ने दावा किया था कि अगले वर्ष यूनिट कॉस्ट में वृद्धि का पूरा भरोसा सरकार एवं शिक्षा विभाग ने दिया है।

    विश्वस्त सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करने का प्रस्ताव भिजवाया था जो कि 34 हजार रुपये से अधिक था। बाद में कम करने के फिल्टर लगाकर विभाग द्वारा लगभग 24 हजार से अधिक की राशि यूनिट कॉस्ट हेतु तय कर प्रस्तावित की थी लेकिन वित विभाग एवं सरकार द्वारा गत चार वर्षों की तरह यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करना उचित नहीं समझा और पांचवें वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं की है। प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन की अध्यक्ष हेमलता शर्मा एवं सचिव गिरिराज खैरीवाल ने सरकार की इस हिटलर शाही का विरोध करते हुए कहा कि क्या 4 वर्षों में महंगाई नहीं बढी? क्या चार वर्षों में किसी भी सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारी के वेतन में वृद्धि नहीं हुई? तो फिर यह मनमानी क्यों? उन्होंने कहा कि अब कोर्ट के अलावा कोई रास्ता उनके पास नहीं बचा है। विद्वान विधिवेत्ताओं से शीघ्र ही सलाह मशविरा कर सरकार की मनमानी को विधि सम्मत तरीके से न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।

  • राज्य समान परीक्षा योजना के अंतर्गत 22 नवंबर 2025 को होने वाली परीक्षाएं अब 02 दिसम्बर को होंगी

    बीकानेर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की प्लाटून कमाण्डर सीधी भर्ती परीक्षा 22 नवंबर को होने के कारण कक्षा 9 से 12 तक इस दिन होने वाली राज्य समान परीक्षाएं अब 02 दिसम्बर 2025 को होंगी।

  • पैपा और ज्ञानायाम द्वारा आयोजित “ज्ञान – प्रबोध” कार्यशाला में हुई सार्थक चर्चा – परिचर्चा

    बीकानेर। गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) एवं वॉयस आफ एज्यूकेशन “ज्ञानायाम” द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला एवं दीपावली मिलन समारोह “ज्ञान – प्रबोध” में बहुत सार्थक चर्चा – परिचर्चा हुई। कार्यशाला में शिक्षा विभाग एवं महिला आधिकारिता विभाग के माध्यम से नए अपडेट्स भी बताए गए। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि स्टेशन रोड़ स्थित महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में टी सी एवं अवकाश के अधिकार के लिए सार्थक चर्चा – परिचर्चा के बाद तय हुआ कि इस विषय में शीघ्र ही शिक्षा विभाग के साथ वार्ता की जाएगी। खैरीवाल ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत यूनिट कॉस्ट में तर्क संगत वृद्धि कराने के प्रयास करने एवं बकाया राशि शीघ्र जारी कराने हेतु भी विचार – विमर्श हुआ।

    उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. विजयशंकर आचार्य के मुख्य आतिथ्य एवं मेहरबान सिंह खालसा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में महिला आधिकारिता विभाग की प्रबन्ध निदेशक कविता हुरकट, शिवरतन तथा नन्दकिशोर ने लाडो प्रोत्साहन योजना, पन्नाध्याय योजना सहित अनेक सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा उनका महत्व बताया। निदेशालय के आरटीई सैल के प्रभारी अरूण स्वामी ने लाडो योजना के साथ साथ आरटीई एवं पी एस पोर्टल संबंधित अपडेट्स बताए तथा उपस्थित संभागियों की जिज्ञासाओं का प्रभावी समाधान किया। मालचन्द सुथार ने पीएफ एवं ईएसआई से संबंधित उल्लेखनीय जानकारी प्रदान की। घनश्याम साध ने करुणा इण्टरनेशनल एवं गीता श्लोक प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. विजय शंकर आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सीखने – सीखाने का माध्यम होती है। ऐसी कार्यशालाएं नवीन जानकारियों का सेतु बनती हैं। विजय सिंह शेखावत ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान समय में एकजुट होना आवश्यक हो गया है। उन्होंने डमी सिस्टम को अत्यंत घातक करार देते हुए इस सिस्टम को नेस्तनाबूद करने की पैरवी की। चरण सिंह चौधरी, तरविन्दर सिंह कपूर, रमेश बालेचा, मो. फारूक, राजेश पुरोहित, प्रभुदयाल गहलोत, रघुनाथ बेनीवाल, रविकांत पुरोहित, बालकिशन सोलंकी, लोकेश कुमार मोदी, रमेश कुमार मोदी, जयपाल सिंह भाटी, विक्रम सिंह, राजेश स्वामी, श्रीकृष्ण स्वामी, मांगीलाल रामावत, भैरूसिंह, नीलेश अनेजा, विकास तनेजा, मनोज व्यास, अनुराग हर्ष, चन्द्रकांता लोहिया, इचरज स्वामी, रोहिणीकांत इत्यादि द्वारा प्रस्तुत जिज्ञासाओं का यथोचित समाधान मंच द्वारा बताया गया। ज्ञानसागर के प्रतिनिधि विशाल चौपड़ा एवं सभी अतिथियों एवं वक्ताओं को स्मृति चिन्ह, डायरी एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सम्मिलित सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं संभागियों को ज्ञानसागर एवं प्रदीप केमिकल्स, गंगाशहर की तरफ से आकर्षक डायरी उपहार में दी गई। कार्यशाला का कुशल मंच संचालन प्रताप सिंह भाटी नेे किया। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा स्वागत एवं धन्यवाद संबोधन ज्ञापित किए। कार्यशाला का समापन राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के सामूहिक गान द्वारा हुआ।

    पैपा के प्रदेश समन्वयक खैरीवाल का किया अभिनंदन

    प्राईवेट स्कूल्स के 12 राज्य स्तरीय संगठनों द्वारा पिछले सप्ताह गठित सामूहिक फोरम “प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन” के सचिव पद की जिम्मेदारी पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल को दिए जाने पर अभिनंदन पत्र, शाल एवं माल्यार्पण द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। रमेश बालेचा द्वारा लिखित अभिनंदन लेख का वाचन प्रताप सिंह भाटी ने किया। विजयसिंह शेखावत द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर खैरीवाल का अभिनंदन किया गया।

  • प्री प्राईमरी कक्षाओं के भुगतान को लेकर आई विशेष खबर

    आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं के भुगतान एवं प्रवेश संबंधित सुनवाई पूरी

    जयपुर। आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग एवं प्राईवेट स्कूल्स के बीच जयपुर हाईकोर्ट बैंच में चल रहे केस की सुनवाई आज पूरी हो गई है। अगले सप्ताह तक फैसला सुरक्षित रखा गया है। हालांकि न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। जैसा कि सुनने में आ रहा है कि प्री प्राईमरी कक्षाओं के लिए भी भुगतान की व्यवस्था होगी और एंट्री लेवल क्लासेज भी दो रहेंगी।

  • 12 संगठनों ने एकजुट होकर किया प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन का गठन

    जयपुर। सरकार द्वारा प्राईवेट स्कूल्स के साथ लगातार किए जा रहे भेदभाव को हटवाने एवं प्राईवेट स्कूल्स के हितों के लिए एकजुटता के साथ संघर्ष करने हेतु राजस्थान के गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के राज्य स्तरीय 12 संगठनों ने स्वच्छ शिक्षा क्रांति मिशन के अंतर्गत एक साथ आकर संयुक्त फोरम “प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन” का गठन सर्वसम्मति से किया है। फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि इस फेडरेशन द्वारा प्राईवेट स्कूल्स की ज्वलंत समस्याओं का समाधान करवाने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर के होटल ग्रांड सफारी में 12 संगठनों के प्रतिनिधियों की हुई मैराथन मिटिंग में 10 प्रमुख मुद्दों पर विशद चर्चा – परिचर्चा कर उनमें से शुरूआत 5 मुद्दों से किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। अवकाश के अधिकार के लिए, टी सी के अधिकार के लिए, आरटीई की यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करने तथा बकाया भुगतान कराने के लिए, फीस एक्ट की विसंगतियों को दूर कराने एवं डमी स्कूल्स व कोचिंग्स पर नकेल कसवाने के लिए कार्य योजना बनाकर संघर्ष एवं सार्थक प्रयास करने के फैसले लिये गये।

    फेडरेशन की अध्यक्ष हेमलता शर्मा ने बताया कि इस फेडरेशन में स्वयं सेवी शिक्षण संस्था संघ, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ, प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), स्कूल क्रांति संघ, स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन, राजस्थान (स्वराज), इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, प्राईवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन, स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संरक्षण समिति, न्यू आल राजस्थान स्कूल एसोसिएशन एवं गैर सरकारी विद्यालय वेलफेअर संगठन इत्यादि राज्य स्तरीय संगठनों ने कॉमन मुद्दों पर एक साथ संघर्ष करने की सहमति दी है। इनके अलावा प्राईवेट स्कूल्स के राष्ट्रीय संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) के राजस्थान इकाई ने भी इस फेडरेशन में शामिल होने के लिए सहमति दी है।

    फेडरेशन के कोषाध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल ने बताया कि इस अवसर पर 7 सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, 7 सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड एवं 25 सदस्यीय प्रबन्धकारिणी केे गठन सर्वसम्मति से किए गए। 7 सदस्यीय बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ के प्रदेश अध्यक्ष एल. सी भारतीय, जयपुर, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा, अजमेर, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कर्णावट, राजसमंद, प्राईवेट स्कूल वेलफेअर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संजय शर्मा, कोटा, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश गुप्ता, कोटा, स्कूल वेलफेअर सोसाइटी (स्वराज) के प्रदेश महासचिव डॉ. मुकेश माण्डन, जोधपुर एवं नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस – निसा के प्रदेश प्रभारी डॉ. दिलीप मोदी, झुंझुनू रहेंगे। गोपीदास रामावत, पाली, बाबूलाल जुनेजा, हनुमानगढ़, विलियम डिसूजा, उदयपुर, रेणुदीप गौड़, भरतपुर, विनेश शर्मा, नागौर, डॉ. रामवीर सिंह डागुर, भरतपुर एवं सुभाष स्वामी, बीकानेर एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य चुने गए हैं। इस दौरान चुनी गई सर्वसम्मत प्रबन्धकारिणी में स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष हेमलता शर्मा, जयपुर को अध्यक्ष, प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल, बीकानेर को सचिव एवं स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन (स्वराज) के प्रदेश अध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल, भरतपुर को कोषाध्यक्ष चुना गया है। दिलीप पोखरना, चित्तौड़गढ़, भूपराम शर्मा, जयपुर, अमित सोगानी, जयपुर, एवं डॉ. अनिल धानुका, सूरतगढ़ को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर चुना गया है। उपाध्यक्ष पद के लिए भरत कुमार भाटी, ब्यावर, के. एन. भाटी, जालौर, मदनलाल वर्मा, झालावाड़, शिवहरि शर्मा, नाथद्वारा का चयन किया गया है। इसी तरह से सह सचिव के पद के लिए जय शंकर त्रिवेदी, पाली, लोकेश जैन, देवली, डॉ. आनन्द थोरी, बाड़मेर एवं लोकेश कुमार मोदी, बीकानेर को चुना गया है। जितेंद्र अरोड़ा, ब्यावर, बाल सिंह राठौड़, बाड़मेर, हनुमान सिंह रावत, अजमेर, रिसालसिंह पायल, झुंझुनू, विनोद कुमार पटसारिया, धौलपुर, श्याम लाल बिडियासर, नागौर, सीमा शर्मा, जयपुर, अर्जुन देवलिया, भीलवाड़ा, भगवान स्वरूप शर्मा, अलवर एवं सन्जू देवी, चूरू कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं। फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप पोखरना के मुताबिक शीघ्र ही एक मिटिंग का आयोजन किया जाएगा और राजस्थान के सभी जिलों के लीडर्स को फेडरेशन में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा।

  • आगामी सत्र को 01 अप्रैल 2026 से शुरू करने के सम्बन्ध में निजी स्कूल्स के सुझाव नहीं लिया जाना सर्वथा अनुचित : गिरिराज खैरीवाल

    बीकानेर। आगामी सत्र 2026 – 27 पहली अप्रैल से शुरू करने के सम्बन्ध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में हेल्दी डिस्कशन किया गया। प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), राजस्थान के प्रदेश-समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने इस दौरान कहा कि अचानक सत्र को 01 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय जल्दबाजी में किया गया है। ऐसा करने से पहले निजी स्कूल्स से किसी भी तरह से सुझाव तक नहीं लिए गए। इस दौरान संभावित समाधान के रूप में पाठ्यक्रम (सिलेबस) में कटौती करने का सुझाव देते हुए खैरीवाल ने कहा कि यदि वर्तमान परिस्थितियों और उपलब्ध समय को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम के कुछ गैर-आवश्यक हिस्सों को कम कर दिया जाए तो शेष पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों द्वारा बेहतर ढंग से समझा और आत्मसात किया जा सकेगा। इस अवसर पर लोकेश जैन ने कहा कि निर्धारित समय में संपूर्ण पाठ्यक्रम को पूरा करने में छात्रों और शिक्षकों को कठिनाई आ सकती है। जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होना सुनिश्चित है। चर्चा के दौरान प्रमोद चौधरी ने कहा कि ​यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में देखा जा रहा है। लेकिन बीच सत्र में ऐसा करना छात्र हित के लिए उचित नहीं है। गुणवत्ता अनुभाग के सहायक निदेशक जितेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने इस दौरान कहा कि कोर्स में कटौती के लिए विभिन्न विचार आ रहे हैं। इस संबंध में जो भी संभावनाएं उचित होंगी, उन पर विचार कर लागू किया जाएगा।
    ​इस अवसर पर पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं विभाग के सहायक निदेशक अरविन्द शर्मा ने कहा कि परीक्षा फीस के लिए एसबीआई कलेक्ट एप्प एक अच्छा नवाचार है। इसके माध्यम से कुछ क्लिक्स में ही परीक्षा फीस जमा कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सभी प्राईवेट स्कूल्स पी एस पोर्टल पर प्रपत्र 7 को प्रोपर ली फीड कर देते तो सभी स्कूल्स के लिए एक यूनिक परीक्षा कोड जनरेट किया जा सकता था लेकिन 75% से अधिक प्राईवेट स्कूल्स द्वारा इस प्रपत्र की पूर्ति नहीं किए जाने के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक रूप से पीएसपी कोड से इसका उपयोग किया जा सकेगा। लेकिन भविष्य में एक यूनिक कोड आवश्यक रहेगा।
    पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने एसएलएफसी हेतु पोर्टल को वापस अनलॉक करने हेतु निदेशक सीताराम जाट से निवेदन भी किया।

  • प्राईवेट स्कूल्स की अभिनव पहल “सार्थक संगत” की पांचवीं कड़ी का आयोजन 12 अक्टूबर 2025 को होगा ब्यावर में

    सार्थक संगत हेतु प्राईवेट स्कूल्स के लीडर्स एवं क्रिएटिव स्कूल डायरेक्टर्स का उत्साह उल्लेखनीय

    बीकानेर। गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के अभिनव आयाम “सार्थक संगत” की पांचवीं कड़ी का आयोजन 12 अक्टूबर 2025, रविवार को ब्यावर में होगा। ब्यावर स्थित गीता रिसोर्ट में सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक चलने वाली इस अभिनव कार्यशाला में प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों के लीडर्स एवं क्रिएटिव स्कूल डायरेक्टर्स संभागित्व करेंगे। इस कार्यशाला में अवकाश एवं टी सी के अधिकारों पर वृहद चर्चा परिचर्चा की जाएगी। आरटीई के अंतर्गत यूनिट कॉस्ट में वृद्धि हेतु एवं कोचिंग एक्ट के सही क्रियान्वयन हेतु भी मंथन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सार्थक नवाचार करते हुए कार्यशाला में स्कूल ग्रोथ पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। संगठनों के परस्पर समन्वय एवं संगठनों तथा विद्यालयों में समन्वय विषयों पर पैनल डिस्कशन किए जाएंगे। कार्यशाला के दौरान एक खुला सत्र का आयोजन प्रस्तावित है, जिसके अंतर्गत सभी संभागियों को अपनी राय एवं सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इस सत्र में संभागियों की वाजिब जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाएगा। कार्यशाला में संभागित्व करने वाले सभी संभागियों के मान – सम्मान के साथ सार्थक संगत का समापन होगा। जून 2024 से बीकानेर से शुरू हुई इस अभिनव पहल के शानदार सार्थक परिणाम निकल कर आए हैं। इस पहल के प्रणेता गिरिराज खैरीवाल के मुताबिक संगत लिमिटेड बौद्धिक वर्ग के लिए शुरू की गई थी। हर संगत में संभागियों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। ब्यावर की संगत को लेकर बहुत उत्साह दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि ब्यावर में आयोज्य सार्थक संगत के लिए संभागियों की संख्या 100 की बजाय 150 करने का निर्णय आज ब्यावर में हुई मिटिंग में लिया गया है।

  • रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर एम एस कॉलेज की रासेयो इकाई ने किया कार्यक्रम का आयोजन

    रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर एम एस कॉलेज की रासेयो इकाई ने किया कार्यक्रम का आयोजन

    बीकानेर, 19 नवंबर। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय बीकानेर में “इतिहास विभाग” व राष्ट्रीय सेवा योजना की तृतीय व चतुर्थ इकाई के संयुक्त तत्वाधान में “मणिकर्णिका जयंती” मनाई गई।
    महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अभिलाष आल्हा, वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. इंदिरा गोस्वामी, प्रो. उज्जवल गोस्वामी व इतिहास विभागाध्यक्ष सुनीता बिश्नोई ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई (मणिकर्णिका) के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।


    महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर आल्हा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति की मर्दानी नायिका अपनी अंतिम सांस तक अंग्रेजों से लोहा लेने वाली शौर्य व राष्ट्रभक्ति की प्रतिमूर्ति मणिकर्णिका सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता “खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” सुनाकर सभागार में जोश का संचार कर दिया।
    मुख्य वक्ता प्रो.उज्जवल गोस्वामी ने मणिकर्णिका के संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1857 की क्रांति की महान नायिका ने अपने अदम्य साहस से अंग्रेजी हुकूमत की जड़े हिला दी थीं। साहस, त्याग व नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी है। प्रो. इंदिरा गोस्वामी ने मणिकर्णिका के गुणों के बारे में बताते हुए छात्राओं से कहा कि वे उनके गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे तो महिला सशक्तिकरण की अवधारणा जीवंत हो उठेगी।


    इतिहास विभागाध्यक्ष सुनीता बिश्नोई ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई की वीरता से अंग्रेज भी नतमस्तक हो गए थे, जनरल ह्यूरोज ने उनके बारे में कहा था कि “भारतीय क्रांतिकारियों में यहां सोई हुई औरत अकेली मर्द है।”
    इस अवसर पर छात्राओं ने महारानी लक्ष्मीबाई से संबंधित अपने विचार कविताओं व गीतों के माध्यम से प्रकट किये। इस दौरान छात्राओं के बीच रोचक तरीके से एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

  • मानवीय शिक्षा पर आधारित अंतर्विद्यालयी विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने किया सक्रिय संभागित्व

    मानवीय शिक्षा पर आधारित अंतर्विद्यालयी विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने किया सक्रिय संभागित्व

    करुणा इंटरनेशनल के सहयोग से शांति विद्या निकेतन के करुणा क्लब ने किया आयोजन

    बीकानेर। करुणा इंटरनेशनल संस्था के सहयोग से शनिवार को मानवीय शिक्षा पर आधारित अंतर्विद्यालयी विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शीतला गेट के बाहर स्थित शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक सौरभ बजाज ने बताया कि इस अभिनव आयोजन में 14 स्कूल्स के 88 विद्यार्थियों ने सक्रिय संभागित्व किया।

    उन्होंने बताया कि करुणा इंटरनेशनल के बीकानेर केंद्र के उपाध्यक्ष गिरिराज खैरीवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय, जयपुर के मैनेजमेंट डीन डॉ. टी. के. जैन मुख्य अतिथि थे। करुणा इंटरनेशनल के डायरेक्टर जतनलाल दूगड़ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित हुए तथा शाकाहारी जीवन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

    दूगड़ ने सभी को एक प्रतिज्ञा दिलाते हुए कहा कि हमें आजीवन शाकाहारी जीवन के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण एवं विकास समिति के सचिव व समाजसेवी सीताराम कच्छावा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण हेतु विभिन्न उदाहरणों द्वारा अपील की।

    करुणा इंटरनेशनल के शिक्षा अधिकारी घनश्याम साध ने पशु कल्याण के बारे में विस्तृत संभाषण प्रस्तुत किया। संस्था के मंत्री राजेश रंगा ने पॉलीथिन मुक्त भारत की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग – उपयोग नहीं करने की प्रेरणा प्रदान की। प्रकृति के साथ शांतिपूर्वक सहअस्तित्व विषय पर संस्था के उपमंत्री प्रभुदयाल गहलोत ने अपना प्रेरणा पाथेय प्रदान किया। मनोज कुमार राजपुरोहित ने नैतिक मूल्यों पर अपने विस्तृत विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. टी. के जैन ने दया एवं सहिष्णुता का महत्व विभिन्न कहानियों के माध्यम से प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद गिरिराज खैरीवाल ने करुणा इंटरनेशनल संस्था के उद्देश्यों, लक्ष्यों, उपलब्धियों एवं कार्यों पर विशेष प्रकाश डाला। शांति विद्या निकेतन के सचिव रमेश कुमार मोदी ने स्वागत संबोधन एवं करुणा क्लब की गतिविधियां प्रस्तुत की। सौरभ बजाज ने सभी का आभार प्रकट किया। हरिनारायण आचार्य, दीपक पुरोहित, मानवेंद्र व्यास, पुष्पा खत्री, भास्कर आचार्य एवं भावना आचार्य इत्यादि ने भी विचार प्रकट किए। इस दौरान शांति विद्या निकेतन के स्टूडेंट्स ने प्लास्टिक संरक्षण हेतु जागरूकता नृत्य तथा करुणा प्रार्थना की प्रभावी प्रस्तुतियां पेश कीं।

    सहभागी बने करुणा क्लब्स के प्रभारियों का किया सम्मान

    कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी स्कूल्स श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी, डिसेंट किड्स, नालंदा पब्लिक स्कूल, श्री रामबक्श मेमोरियल स्कूल, प्रभात बाल मंदिर, सेंट श्री खेतेश्वर एज्यूकेशन सोसाइटी, श्री गणेश बाल विद्या निकेतन, राजू पब्लिक स्कूल, गीतांजलि माध्यमिक विद्यालय, विजय बाल मंदिर, संत सांईनाथ विद्या मंदिर, श्री पूर्णेश्वर ज्ञान मंदिर एवं श्री नालंदा पब्लिक स्कूल के करुणा क्लब के प्रभारी टीचर्स को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों का जताया आभार

    कार्यक्रम में सम्मिलित सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का सम्मान मोमेंटो एवं माला द्वारा किया गया। सभी का स्वागत तिलक एवं बैज लगाकर किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्ज्वलन किया गया।

    दो मिनिट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

    शांति विद्या निकेतन के प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा के पिता महेंद्र पंवार एवं करुणा इंटरनेशनल संस्था के बीकानेर केंद्र के उपाध्यक्ष मनोज व्यास की माता श्रीमती विनोद देवी के देहावसान हो जाने पर कार्यक्रम के अंत में दो मिनिट का मौन रखकर दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।