नेक्सट आप्शन वाले स्कूल में रिक्त सीट्स पर एडमिशन प्रक्रिया लागू
दिशा निर्देशों का अध्ययन नहीं करने की आदत के चलते स्कूल प्रबंधन हुए चक्कर घिन्नी
बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत प्रथम वरीयता क्रम वाले स्कूल में एडमिशन नहीं हो पाने के स्थिति में उससे अगले क्रम वाले स्कूल में रिक्त आरटीई सीट्स पर दाखिला प्रक्रिया चालू सत्र 2023-24 से लागू हो गयी है। जैसे ही इस व्यवस्था के तहत सेकंड आप्शन वाले स्कूल्स में वेकेंट सीट्स पर एडमिशन होने शुरू हुए तो ऐसे स्कूल्स वाले कुछ समझ ही नहीं पाए। वे चक्कर घिन्नी हो गए। आरटीई के अच्छे अच्छे जानकार भी इस संबंध में गच्चा खा गये। हालांकि इस संबंध में आरटीई के 2023-24 के लिए जारी दिशा निर्देशों में बताया हुआ है। इसी तरह से तीसरे, चौथे या पांचवें क्रम वाले स्कूल में भी किसी वेरीफाईड स्टूडेंट्स का एडमिशन वहां रिक्त सीट्स पर 30 सितंबर 2023 को अलॉट कर दिया जाएगा। जब किसी स्टूडेंट का प्रथम वरीयता वाले स्कूल में एडमिशन नहीं होता है और उसका दूसरे, तीसरे, चौथे या पांचवें क्रम में से किसी भी प्राथमिकता में चयन हो जाता है तो उसके लिए वह अंतिम अवसर रहेगा। यदि किसी स्टूडेंट का सेंकड प्राथमिकता में एडमिशन अलॉट हो जाता है तो उसे वहाँ प्रवेश लेना अनिवार्य होगा क्योंकि ऐसी स्थिति में उसका प्रथम वरीयता वाले स्कूल में एडमिशन का अधिकार समाप्त हो जाएगा। यदि वो वहां किसी भी कारणवश प्रवेश नहीं लेता है तो उसका प्रवेश निरस्त हो जाएगा। इसी तरह से अगली प्रायोटीज में भी यही सिस्टम रहेगा।

बार बार सूचना के बाद भी रेस्पांस नहीं देने वाले अभिभावकों के बच्चों के प्रवेश किए जा सकेंगे निरस्त
फर्स्ट या सेकंड या नेक्सट आप्शन वाले स्कूल में एडमिशन के लिए रूचि नहीं लेने वाले और संबंधित स्कूल द्वारा संपर्क करने के बाद भी कोई रिस्पांस नहीं देने वाले अभिभावकों के बच्चों के एडमिशन को कैंसिल करने की टेब अगले सप्ताह तक पी एस पी पोर्टल पर शुरू कर दिए जाने हेतु शिक्षा विभाग ने प्रयास तेज कर दिए है। इस टेब के शुरू हो जाने से संबंधित स्कूल आवश्यक जानकारी सबमिट कर ऐसे एडमिशन निरस्त कर सकेंगे। ऐसे निरस्त पात्र स्टूडेंट्स आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 में कहीं भी प्रवेश हेतु योग्य नहीं रहेंगे।
शीघ्र शुरू होने वाले टैब द्वारा एडमिशन निरस्त किए जा सकेंगे
इस संबंध में पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल द्वारा शिक्षा विभाग को प्रभावी तरीके से बार बार अवगत कराया गया कि लगभग हर स्कूल में इस तरह की समस्या आ रही है, जिसका निदान अत्यन्त आवश्यक है। 15 सितंबर 2023 को खैरीवाल को आरटीई की प्रभारी अधिकारी चंद्र किरण पंवार ने बताया कि उनके सेक्शन द्वारा इस संबंध में भेजा गया प्रस्ताव सचिवालय में अनुमोदन हेतु लंबित है और इस प्रस्ताव के अनुमोदित होते ही एनआईसी द्वारा पीएसपी पर इस संबंध में टैब स्टार्ट कर दी जाएगी।