आधार वेरीफिकेशन की तकनीकी समस्या से बिल्स जेनरेशन में होगी देरी
बीकानेर, 20 मई। लंबे समय से आरटीई के अंतर्गत भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे राज्य के गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए एक अच्छी खबर है। सत्र 2021-22 से लेकर गत सत्र 2025-26 तक के पुनर्भरण हेतु शिक्षा सचिवालय द्वारा बुधवार को अनुमोदन कर दिए जाने की पुख्ता जानकारी मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत वर्षों के बकाया भुगतानों के निस्तारण के साथ-साथ सत्र 2024-25 की तर्ज पर ही सत्र 2025-26 के लिए भी दोनों किश्तों (प्रथम एवं द्वितीय) के क्लेम बिल एक साथ जेनरेट करने के विकल्प पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय इस प्रक्रिया को त्वरित गति से लागू करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है और क्लेम बिल जनरेशन संबंधी समस्त विभागीय तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
हालांकि वर्तमान में पीएस पोर्टल पर चल रहे एक अनिवार्य तकनीकी अपग्रेडेशन के कारण क्लेम बिलों के लाइव होने में थोड़ा और समय लगेगा। वर्तमान में पोर्टल पर विद्यार्थियों के ‘आधार वेरिफिकेशन’ की प्रक्रिया में तकनीकी व्यवधान आ रहा है। आरटीई के नियमों के अनुसार पोर्टल पर पंजीकृत सभी आरटीई विद्यार्थियों का आधार वेरीफिकेशन होना अनिवार्य है। नियमानुसार, यदि किसी विद्यालय के एक भी आरटीई विद्यार्थी का वेरीफिकेशन लंबित रहता है, तो तकनीकी रूप से उस पूरे संस्थान का क्लेम बिल जेनरेट नहीं किया जा सकता। इस तकनीकी विसंगति के स्थाई और त्वरित समाधान हेतु नेशनल इन्फॉरमैटिक्स सेंटर (एनआईसी) के विशेषज्ञ पिछले कई दिनों से युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस तकनीकी समस्या के पूर्ण समाधान से पहले बिल जनरेशन का विकल्प शुरू करना प्राईवेट स्कूल्स एवं विभाग दोनों के लिए नई उलझनें पैदा कर सकता है। इसलिए जैसे ही एनआईसी आधार वेरिफिकेशन सिस्टम को अपडेट कर देगा पोर्टल पर बिल जनरेशन की सुविधा को तत्काल लाइव कर दिया जाएगा।
विदित रहे कि ज्ञानायाम ने 7 मई को ही बता दिया था कि आरटीई के अंतर्गत सत्र 2025-26 के पुनर्भरण हेतु बिल्स जेनरेशन हेतु अब और अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन द्वारा दोनों किश्तों के भुगतान की प्रक्रिया सत्र 2024-25 की तरह ही एक साथ शुरू करने हेतु शिक्षा विभाग में 17 मार्च 9 अप्रैल एवं 01 मई को मांग पत्र दिए गए थे।