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  • आगे बढ़ने के लिए आत्म विश्वास सबसे अहम कड़ी : संदीप भोजक

    श्री गोपेश्वर विद्यापीठ में दी मोटिवेशनल स्पीच, हुआ अभिनंदन

    बीकानेर। गंगाशहर स्थित श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल में शनिवार को टीवी और फिल्म एक्टर संदीप भोजक ने विशेष संबोधन दिया। विद्यापीठ की प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी के मुताबिक इस अवसर पर संदीप ने स्टूडेंट्स को आत्मविश्वास की शक्ति के संबंध में विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि आत्म विश्वास आगे बढने के लिए सबसे अहम कड़ी होती है। भोजक ने कहा कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जूनूनी और लक्ष्यसिद्धि के लिए जिद्दी होने की आवश्यकता होती है। संदीप ने अपने 20 मिनिट के संबोधन में बच्चों को खूब मोटिवेट किया। इस अवसर पर विद्यापीठ के समन्वयक गिरिराज खैरीवाल एवं शाला प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी ने संदीप भोजक एवं उनकी पत्नी सुधा भोजक को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अश्लेषा खैरीवाल ने तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। संदीप की पुत्री मिशिका ने संदीप के फिल्मी और टीवी कैरियर के बारे में जानकारी दी।

    शाला समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने स्वागत संबोधन दिया तथा संदीप के बचपन से जुड़े अनेक अनछुए उदाहरण प्रस्तुत किए। इस दौरान संदीप ने बच्चों के साथ खूब एंज्वॉय भी किया और उनके साथ बहुत सारी सेल्फी और फोटो भी खिंचवाए। मनोज कुमार सिंगला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विष्णु नायक ने कार्यक्रम का संचालन किया।

  • श्री श्री रविशंकर के जन्मोत्सव पर रक्तदान शिविर, हैप्पीनेस कोर्स एवं सुमेरू भजन संध्या के होंगे आयोजन

    7 मई को लगेगा रक्तदान शिविर, 9 मई से शुरू होगा मेगा हैप्पीनेस कोर्स, 13 मई को होगी भव्य सुमेरू भजन संध्या

    बीकानेर। दी आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के जन्म दिवस के अवसर पर संस्था के बीकानेर केंद्र द्वारा रक्तदान शिविर, मेगा हैप्पीनेस कोर्स एवं सुमेरू भजन संध्या के आयोजन किये जाएंगे। आर्ट ऑफ लिविंग ब्यूरो कम्यूनिकेशन के बीकानेर जोनल मीडिया कोऑर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि गुरूदेव श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस 13 मई के अवसर पर पूरी दुनिया में अनेक नवाचारों के साथ सेलीब्रेशन किए जाते हैं। इसी कड़ी में बीकानेर में 07 मई को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक आर्ट ऑफ लिविंग के अनुयायी स्वैच्छिक रक्तदान करेंगे। 9 मई से 14 मई तक मेगा हैप्पीनेस कोर्स का आयोजन किया जाएगा। 13 मई को “मैं तेरा…” सुमेरू भजन संध्या होगी। इस भजन संध्या में विश्व प्रसिद्ध सुमेरू भजन गायक जितेंद्र सारस्वत द्वारा भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस अवसर पर प्रसिद्ध बांसुरी वादक मोहित नामधारी बांसुरी के साथ विशिष्ट संगत करेंगे। बीकानेर की जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम को सुमेरू संध्या में मुख्य अतिथि के रूप आमंत्रित किया गया है। सिंथेसिस के डायरेक्टर मनोज बजाज विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

    सभी कार्यक्रमों के सफलतम आयोजन हेतु टीम आर्ट ऑफ लिविंग एक्टिव हो चुकी है और विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगी हुई है। खैरीवाल ने बताया कि भजन संध्या के बाद प्रसादी का आयोजन भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि तीनों कार्यक्रम संस्था के ट्रांसपोर्ट गली, रानी बाजार स्थित सेंटर पर होंगे।

  • बीकानेर एवं नोखा में निवेशक जागरूकता सेमीनार्स के हुए आयोजन

    भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, बीकानेर चैप्टर का आयोजन

    बीकानेर। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के बीकानेर चैप्टर की ओर से बीकानेर और नोखा में निवेशक जागरूकता सेमीनार्स के आयोजन किए गए। बीकानेर चैप्टर के चेयरमैन सी एस सुरेंद्र कुमार हर्ष के अनुसार निवेश संबंधी महत्वपूर्ण अपडेशन इन सेमीनार्स में विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए गए। रामपुरिया लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनंत जोशी, सीडीएसएल कंपनी के राजस्थान के प्रबंधक यशवंत गुप्ता, वेल्दॉनिक केपिटल कंपनी के सह प्रबंधक लक्ष्य भूटानी, एस बी आई इंश्योरेंस कंपनी के डिवीजनल प्रबंधक संदीप शर्मा इत्यादि ने निवेश संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। बीकानेर में ये सेमीनार होटल राजमहल में हुआ। नोखा में होटल डी पैराडाईज में इस सेमीनार का आयोजन किया गया। सी. एस. खुशबू बर्मन, सी. एस. गिरिराज जोशी, सी. एस. श्वेता जैन, सी. एस. अंकिता करनानी, महेश कुमार स्वर्णकार इत्यादि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

  • ओरण दिवस पर वृक्षों के बांधे रक्षा सूत्र, लगाए परिंडे, संरक्षण का लिया संकल्प

    ओरण-गोचर विकास बोर्ड के गठन की फिर उठी मांग

    प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाता है ओरण दिवस

    बाड़मेर। स्थानीय राणीगांव में 26 अप्रैल को 22वां ओरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत धर्म पुरी महाराज ने की। ओरण बचाओ आन्दोलन के जिला संयोजक मुकेश बोहरा के अनुसार ओरण पूजन, पौधारोपण, वृक्षों को रक्षासूत्र, पंछियों के लिए परिण्डे एवं ओरण-गोचर संरक्षण के संकल्प इत्यादि आयामों का आयोजन किया गया। बोहरा ने बताया कि राणीगांव में वर्ष 2002 में हुए ऐतिहासिक ओरण बचाओ आन्दोलन की स्मृति में प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को ओरण दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि राणीगांव में चौहटन रोड़ फांटा पर विस्तृत भू भाग में फैली धर्मपुरीजी महाराज की ओरण को महंत मोहनपुरी जी महाराज के सानिध्य में भूमाफियों एवं स्वार्थी तत्वों के चुंगल से बड़ी जदोजहद के बाद मुक्त करवाई गई थी। कार्यक्रम में ओरण-गोचर कार्यकर्ता हाकमसिंह ने ओरण-गोचर व चारावाह विकास को लेकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ओरण गोचर के संरक्षण के संबंध में ओरण गोचर विकास बोर्ड के गठन की मांग दोहराई गयी।

    बाबूलाल वादी, जितेन्द्र भंसाली, डालूराम सेजू, हरीश बोथरा, गुलाबसिंह राठौड, बंशी मेघवाल, रायमल रबारी, गौतम बोहरा, विक्रमसिंह, प्रवीण धनदे, दिनेशकुमार सहित कई पर्यावरण प्रेमी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • आफलाइन स्टडी का भुगतान मिलने और बैरियर्स हटने की जगी आस

    पैपा के साथ हुई वार्ता में निदेशक गौरव अग्रवाल ने दिया आश्वासन

    बीकानेर। आरटीई से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा, गौरव अग्रवाल ने शीघ्र उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। निदेशक अग्रवाल ने ये आश्वासन प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रतिनिधि मंडल को एक वार्ता के दौरान दिया है। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि आरटीई संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए बिंदुवार चर्चा निदेशक के साथ हुई। इस दौरान स्टाफ आफिसर अरुण शर्मा एवं आरटीई की प्रभारी अधिकारी चंद्र किरण पंवार भी उपस्थित रहे तथा निदेशक श्री अग्रवाल ने दोनों अधिकारियों से बिंदुवार डिस्कशन भी किया।

    आरटीई के अंतर्गत केवल एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन देने, सत्र 2020-21 के अंतर्गत आफलाइन तरीके से शिक्षण कार्य कराने वाले स्कूल्स को तुरंत भुगतान करने, सत्र 2018-19 तक एवं सत्र 2019-20 के भुगतान के लिए लगाए गए सभी बैरियर्स हटाने, आरटीई शुरू होने से अब तक भुगतान एवं भौतिक सत्यापन अपलोड करने से वंचित स्कूल्स को एक अंतिम अवसर और देने तथा सत्र 2021-22 एवं सत्र 2022-23 का भुगतान तुरंत रिलीज करने संबंधित मांगों पर गंभीर चर्चा की गई। चर्चा के बाद निदेशक श्री अग्रवाल ने आश्वसत किया कि वे सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रूप से सरकार के समक्ष प्रस्ताव शीघ्र से शीघ्र भिजवाने की कार्यवाही करेंगे।

    खैरीवाल ने बताया कि यह वार्ता शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला द्वारा निदेशक अग्रवाल को निर्देशित करने से संभव हो सकी। उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर में उनकी अगुवाई में डा. कल्ला से संतोष रंगा, अनुराग हर्ष, मनोज व्यास, अभिजीत व्यास एवं आनंद व्यास मिले और आरटीई संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पुरजोर मांग की थी। उसी समय शिक्षा मंत्री डॉ कल्ला ने निदेशक को कॉल कर पैपा के प्रतिनिधियों के साथ गंभीर चर्चा के लिए निर्देशित कर दिया। उसके पश्चात हुई वार्ता में खैरीवाल के अतिरिक्त डॉ. अभय सिंह टाक, अभिजीत व्यास, कृष्ण कुमार स्वामी, आनंद व्यास, घनश्याम साध, रमेश बालेचा, रमेश सैनी, रघुनाथ बेनीवाल, विनोद भाटी, राकेश पंवार, गणेश कुमार दुबे, अमजद अब्बासी एवं जितेंद्र बालेचा सम्मिलित रहे। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला एवं निदेशक गौरव अग्रवाल का आभार व्यक्त किया है।

  • बार बार अनुरोध के बावज़ूद भुगतान नहीं करना सरकार की हठधर्मिता और भेदभाव

    अनूपगढ के प्राईवेट स्कूल्स का प्रतिनिधिमंडल मिला शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला से

    बीकानेर। सत्र 2020-21 के अंतर्गत आफलाइन तरीके से शिक्षण कार्य कराने वाले स्कूल्स की आरटीई की रोकी गई पुनर्भरण राशि शीघ्र से शीघ्र रिलीज करने की मांग को लेकर अनूपगढ़ के प्राईवेट स्कूल्स संचालक शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला से मिलने हेतु बीकानेर आए।

    गैर सरकारी विद्यालय संगठन, श्रीगंगानगर के जिला अध्यक्ष मनसुख सारस्वत एवं पैपा ( प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस, राजस्थान) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल की अगुवाई में शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला को दिए गए एक सूत्री मांगपत्र में बताया गया है कि कोरोना के दौरान राज्य के लगभग सभी स्कूल्स द्वारा स्टूडेंट्स को पढ़ाई कराई गयी थी लेकिन लगभग 10 हजार स्कूल्स को अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है अतः इन सभी शिक्षण संस्थाओं के लिए भुगतान तुरंत ही रिलीज कराने की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि इस संबंध में निदेशक, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान को भी पूर्व में बहुत बार अवगत कराया जा चुका है। आप को भी अनेक मर्तबा अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई भी कार्यवाही नहीं किया जाना सरकार और शिक्षा विभाग का प्राईवेट स्कूल्स के प्रति नकारात्मक नजरिए का द्योतक है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री से सत्र 2022-23 के प्रथम किश्त के भुगतान को तुरंत शुरू कराने के लिए भी अनुरोध किया गया। डॉ. कल्ला से मिले प्रतिनिधि मंडल में मनसुख सारस्वत, परमिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, प्रदीप कुमार टाक, राज बहादुर सिंह, बूटा सिंह चावला, नवरतन गौड़ कुलवंत सिंह, सुशील भादू, लक्ष्मण राजौरिया, मोहित ढाल, लखवीर सिंह बराड, मनोज दाधीच एवं गिरिराज खैरीवाल सम्मिलित थे।

    अनूपगढ से आए सभी प्राईवेट स्कूल्स के प्रतिनिधियों द्वारा मरूधरा नगर स्थित एक टी शॉप पर लघु बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्राईवेट स्कूल्स की एकता के संबंध में अनेक बिंदुओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने एक स्वर में कहा कि प्राइवेट स्कूलों के सामूहिक हितों के लिए बिना किसी पूर्वाग्रह एवं बगैर गुटबाजी के वे सदैव तत्पर रहेंगे। इस दौरान पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, आरटीई के अंतर्गत एंट्री लेवल क्लास संबंधित एवं अन्य अपडेशन बताए।

  • स्काउट व गाइड के मंडल मुख्यालय, बीकानेर ने मनाया विश्व पृथ्वी दिवस

    लगाए परिंडे, आयोजित की संगोष्ठी

    बीकानेर। विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड के बीकानेर मंडल मुख्यालय द्वारा स्थानीय संघ गंगाशहर के तत्वावधान में संगोष्ठी एवं परिंडा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय संघ परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में पेड़ों एवं मुंडेर पर परिंडे व पालसिए लगाए गए। इस अवसर पर सहायक राज्य संगठन आयुक्त मान महेंद्र सिंह भाटी, वरिष्ठ स्काउटर गौरीशंकर गहलोत, पूर्व मंडल सचिव देवानंद पुरोहित, स्थानीय संघ, बीकानेर के सचिव घनश्याम स्वामी, सी ओ स्काउट जसवंत सिंह राजपुरोहित, सी ओ गाइड ज्योति रानी महात्मा, स्थानीय संघ गंगाशहर के प्रधान भवानीशंकर जोशी, उप प्रधान गिरिराज खैरीवाल व सचिव प्रभुदयाल गहलोत ने पृथ्वी के संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए।

    इस दौरान भवानीशंकर राजपुरोहित, राजश्री सुथार सहित अनेक रोवर्स व रेंजर्स उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्थानीय संघ के प्रधान भवानीशंकर जोशी का अभिनंदन उनके बीकानेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष निर्वाचित होने की खुशी में किया गया। इस अवसर सभी मंचस्थ पदाधिकारियों एवं उपस्थित संभागियों को करुणा इंटरनेशनल संस्था की तरफ से पर्यावरण संरक्षण संबंधी साहित्य भेंट किया गया। 

  • शिक्षामंत्री डॉ. कल्ला के बाद निदेशक अग्रवाल ने भी एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु दी सिद्धांततः सहमति

    निदेशक के साथ स्कूल क्रांति संघ के प्रतिनिधियों की हुई वार्ता रही सार्थक

    जयपुर। आरटीई के अंतर्गत वर्तमान सत्र 2023-24 में केवल एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन के संबंध में शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला के बाद निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल ने भी सिद्धांततः सहमति प्रकट की है। निदेशक गौरव अग्रवाल ने 20 अप्रैल 2023 को शिक्षा संकुल में स्कूल क्रांति संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता में यह सहमति प्रदान की। उल्लेखनीय है कि शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने 17 अप्रैल 2023 को ही इस संबंध में सहमति दे दी थी। स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा के मुताबिक वार्ता बहुत सकारात्मक और सार्थक रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान निदेशक श्री अग्रवाल के साथ लगभग पौन घंटे आरटीई के अंतर्गत मुख्य समस्याओं पर गहन मंथन हुआ। उन्होंने बताया कि निदेशक श्री अग्रवाल ने उपस्थित सभी साथियों के साथ बहुत सहजता से संवाद किया। प्रत्येक प्रतिनिधि की बात गंभीरता से सुनी। भूपेंद्र राजावत और निखिल शर्मा ने प्रभावी तरीके से आरटीई संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव दिए और हेल्दी डिस्कशन किया। सौहार्द व गरिमामयी वातावरण में संपन्न इस वार्ता के परिणाम आगामी तीन चार दिन में आने की पूरी उम्मीद है। सुश्री शर्मा ने शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. कल्ला के निर्देश से ही डायरेक्टर सर के साथ वार्ता संभव हो सकी है। हेमलता शर्मा के अलावा अमित सोगानी (वारेन एकेडमी), मृदुल सिसोदिया (फ्रेम इंटरनेशनल स्कूल), ऊषा शर्मा (एस आर एन स्कूल), ऋषभ गोदिका (एशियन वर्ल्ड स्कूल), भूपेंद्र राजावत (माई अॉवन स्कूल), निखिल शर्मा (केनवर्डस स्कूल), मुकुल गोयल (एस एम एस स्कूल), धरती भारद्वाज (आक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल) इत्यादि इस दौरान उपस्थित रहे।

    19 को होने वाली वार्ता 20 को हो सकी

    17 अप्रैल 2023 को ही शिक्षामंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने निदेशक गौरव अग्रवाल से चर्चा कर 19 अप्रैल 2023 की तारीख इस वार्ता के लिए निर्धारित कर दी थी। निदेशक जयपुर पहुंच भी गए थे, लेकिन 19 अप्रैल को वार्ता नहीं हो सकी। उसके बाद 20 अप्रैल 2023 को सुबह 9 बजे सूचना मिली कि वार्ता शिक्षा संकुल में सुबह 11 बजे आयोजित होगी लेकिन अपरिहार्य कारणों से सुबह वार्ता नहीं हो सकी हालांकि स्कूल क्रांति संघ की 15 जनों की टीम शिक्षा संकुल पहुंच गयी थी। 11:30 बजे सूचना आई कि वार्ता का समय 3 बजे बाद रखा जाएगा। लगभग 4 बजे वार्ता शुरू हुई जो लगभग 45 मिनिट तक चली।

  • नहीं रहे ‘बड़ी मैम’

    बीकानेर। ‘बड़ी मैम’ के नाम से प्रसिद्ध शांता भट्ट का देहावसान 19 अप्रैल 2023 को सुबह 7:30 बजे हो गया। उनकी अंतिम यात्रा उनके द्वारा संस्थापित विद्यालय बाल बाड़ी से दोपहर लगभग 1 बजे रवाना हुई। उनका अंतिम संस्कार नोखा रोड़ स्थित नागरिक सेवा समिति द्वारा संचालित अंत्येष्टि स्थल पर किया गया। उनके पुत्र राजकुमार भट्ट ‘राजू सर’ ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
    जैसे ही बड़ी मैम के निधन की खबर उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर में फैली, यहां शोक की लहर व्याप्त हो गयी। 94 वर्षीय बड़ी मैम पिछले लगभग छह महीनों से अस्वस्थ चल रही थी। लगभग एक पखवाड़े पहले मैम ने खाना पीना त्याग दिया था। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय द्वारकानाथ भट्ट एवं शांता भट्ट ने 1962 में बाल बाड़ी स्कूल की गंगाशहर में स्थापना की। उन्होंने इतनी मेहनत की कि बाल बाड़ी स्कूल का नाम एक मॉडल के रूप में प्रसिद्ध हो गया। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा जब तक स्कूल की रैंकिग का सिलसिला चला बाल बाड़ी स्कूल की रैंकिंग पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर ही रही।
    प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बड़ी मैम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका जाना अपूरणीय क्षति है। सवाई सिंह राजपुरोहित, सिकंदर यादव, डॉ. अभय सिंह टाक, प्रभुदयाल गहलोत, सूरज रतन तंवर इत्यादि ने भी बड़ी मैम के देहावसान को अपूरणीय क्षति बताया है।

  • स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री शर्मा का हुआ एक्सीडेंट, बाल बाल बची

    स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा की कार 18 अप्रैल 2023 को दोपहर पौने एक बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। मिली जानकारी के मुताबिक वे आरटीई के अंतर्गत सत्र 2022-23 में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में थोपे गए प्रवेशों के संबंध में जयपुर हाइकोर्ट में विचाराधीन केस के संबंध में गयी थीं। लौटते वक्त न्यू सांगानेर रोड़ पर एक पिक अप गाड़ी उनकी कार से सामने से टकरा गयी। उन्होंने और ड्राइवर दोनों ने ही सीट बेल्ट लगा रखा था, इसलिए गंभीर चोटें नहीं आईं। सुश्री हेमलता ने बताया कि उन्हें रिब्स में सूजन आईं है। ड्राईवर पूरी तरह से सुरक्षित है। गाड़ी का बोनट चकनाचूर हो गया है। सुश्री शर्मा ने इस दुर्घटना के बाद ईश्वर का शुक्रिया ज्ञापित किया है।

  • आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर असमंजस

    आरटीई के अंतर्गत 20 अप्रैल 2023 को निकलने वाली लॉटरी स्थगित

    क्या दुबारा जारी होगी प्रवेश प्रक्रिया

    स्कूल क्रांति संघ एवं पैपा ने शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला का जताया आभार

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत 20 अप्रैल 2023 को निकलने वाली लॉटरी स्थगित कर दी गई है। इस संबंध में अतिरिक्त निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) अशोक कुमार मीणा द्वारा 18 अप्रैल 2023 को आदेश प्रसारित किया गया है। इस आदेश में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, शिक्षा संकुल, जयपुर के राज्य परियोजना निदेशक को 20 अप्रैल 2023 को आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 के प्रवेश हेतु निकलने वाली लॉटरी स्थगित करने हेतु निर्देशित किया गया है। इस आदेश में सत्र 2023-24 की आरटीई की संशोधित प्रवेश प्रक्रिया, दिशा निर्देश एवं टाईम फ्रेम शीघ्र ही जारी किए जाने की बात कही गई है। इस आदेश के जारी होने के बाद प्राईवेट स्कूल्स के संचालकों में ऊहापोह की स्थिति हो गयी है। वे कन्फ्यूज हो गए हैं कि क्या पूरी प्रक्रिया को दुबारा बनाया जाएगा या किन्हीं अपरिहार्य कारणों से ऐसा किया गया है। ज्ञानायाम को अपने विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र 2023-24 में केवल एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन की व्यवस्था लागू करने के लिए ही 20 अप्रैल 2023 को निकलने वाली लॉटरी स्थगित की गयी है। संशोधित दिशा निर्देश व प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही संशोधित टाईम फ्रेम हेतु आगामी एक दो दिन में ही शिक्षा विभाग आवश्यक कार्यवाही संपादित कर लेगा।


    उल्लेखनीय है कि सत्र 2023-24 में आरटीई के अंतर्गत चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया का पुरजोर विरोध करते हुए राज्य के प्राईवेट स्कूल्स के दो संगठनों स्कूल क्रांति संघ एवं पैपा ( प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस) ने शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला से लगातार संपर्क व मुलाकातें कीं, उन्हें मांग पत्र सौंपे। इस गंभीर मुद्दे पर शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ 17 अप्रैल 2023 को अपने निवास स्थान पर वार्ता हेतु आमंत्रित कर आश्वस्त किया था कि वे पूर्व की भांति केवल एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन की व्यवस्था लागू करने की पूरी पूरी कोशिश करेंगे। डॉ. कल्ला ने उसी वक्त निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल को कॉल कर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु कहा था। इस आदेश के जारी होने के बाद स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा एवं पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने इस गंभीर मसले का समाधान कर प्राईवेट स्कूल्स को बड़ी राहत प्रदान की है। हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही इस संबंध पूरे स्पष्ट आदेश व गाइडलाइंस जारी कर शिक्षण संस्थानों के संचालकों के असमंजस को दूर किया जाएगा।गौरतलब है कि इस संबंध में 17 अप्रैल 2023 को ज्ञानायाम ने पूरी जानकारी अपने पोर्टल के माध्यम से प्रसारित की थी। इससे पहले ज्ञानायाम ने ही चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया का विरोध करने की जानकारी भी प्रस्तुत की थी। हजारों पाठकों ने दोनों जानकारियों को एप्रीसिएट किया है, इसलिए ज्ञानायाम उनके प्रति आभारी है।

  • आरटीई के अंतर्गत पूर्व की भांति केवल एंट्री लेवल क्लास में ही होंगे प्रवेश

    जयपुर। शिक्षा मंत्री डॉ.बी. कल्ला ने आरटीई से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्राईवेट स्कूल्स के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर वार्ता से हल होने वाली समस्याओं के समाधान हेतु परस्पर समन्वय व सहयोग की अपील की। डॉ कल्ला ने कहा कि प्राईवेट स्कूल्स सरकार व समाज का बहुत बड़ा सहयोग कर रहे हैं। इसलिये इन संस्थाओं की वाजिब समस्याओं के समाधान के लिए वे मिल बैठकर रास्ता निकालना चाहते हैं। 17 अप्रैल 2023 को डॉ. कल्ला के सिविल लाईंस स्थित निवास स्थान पर लगभग 40 मिनिट तक सार्थक चर्चा हुई। उपस्थित प्रत्येक स्कूल प्रतिनिधि की बात को शिक्षा मंत्री ने पूरी शिद्दत के साथ सुना तथा पूरा आश्वासन दिया कि आरटीई के अंतर्गत चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया में संशोधन किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि आरटीई के अंतर्गत पूर्व की भांति एंट्री लेवल कक्षा में ही प्रवेश दिए जाने की व्यवस्था इसी सत्र 2023-24 से शुरू किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल के समक्ष ही उन्होंने इस संबंध में निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल को कॉल कर अवगत भी करा दिया। इस दौरान डॉ. कल्ला ने कहा कि सत्र 2020-21 के अंतर्गत भुगतान से वंचित स्कूल्स को पुनर्भरण करने के लिए तथ्यात्मक टिप्पणी मंगवा ली गई है। शीघ्र ही इस संबंध में भी उचित कार्यवाही की जाएगी।

    स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा एवं प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल की अगुवाई में डॉ. कल्ला से मिले प्रतिनिधि मंडल में सीमा शर्मा (अक्षरधाम स्कूल, जयपुर) अमित सोगानी (वारेन एकेडमी, जयपुर), मृदुल सिसोदिया (फ्रेम इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), ऊषा शर्मा (एस. आर. एन. इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), प्रतिमा शर्मा (विद्याश्रम स्कूल, जयपुर), कमल सेठिया (वर्धमान इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), भूपेंद्र राजावत (माई अॉवन स्कूल, जयपुर), निखिल शर्मा (केनवर्डस पब्लिक स्कूल, जयपुर), ललित बांगा (ध्रुव बाल निकेतन, जयपुर), आयुष बैराठी (एवरशाईन इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), सन्नी कपूर (मालवीय कान्वेंट स्कूल, जयपुर), धरती भारद्वाज (आक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर) एवं श्री गोयल इत्यादि सम्मिलित थे। उल्लेखनीय है कि उक्त समस्याओं के समाधान के लिए पैपा एवं स्कूल क्रांति संघ द्वारा शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर समाधान हेतु मांग की गई थी। बीती 10 अप्रैल 2023 को इस संबंध में स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा के नेतृत्व में जयपुर के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री से मिलकर शीघ्र समाधान के लिए आग्रह किया गया था। इसी तरह से 8 अप्रैल को पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बीकानेर में डा. कल्ला से इस गंभीर मसले का शीघ्र निराकरण हेतु अनुरोध किया था।

  • आरटीई के अंतर्गत पूर्व की भांति केवल एंट्री लेवल क्लास में ही होंगे

    जयपुर। शिक्षा मंत्री डॉ.बी. कल्ला ने आरटीई से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्राईवेट स्कूल्स के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर वार्ता से हल होने वाली समस्याओं के समाधान हेतु परस्पर समन्वय व सहयोग की अपील की। डॉ कल्ला ने कहा कि प्राईवेट स्कूल्स सरकार व समाज का बहुत बड़ा सहयोग कर रहे हैं। इसलिये इन संस्थाओं की वाजिब समस्याओं के समाधान के लिए वे मिल बैठकर रास्ता निकालना चाहते हैं। 17 अप्रैल 2023 को डॉ. कल्ला के सिविल लाईंस स्थित निवास स्थान पर लगभग 40 मिनिट तक सार्थक चर्चा हुई। उपस्थित प्रत्येक स्कूल प्रतिनिधि की बात को शिक्षा मंत्री ने पूरी शिद्दत के साथ सुना तथा पूरा आश्वासन दिया कि आरटीई के अंतर्गत चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरटीई के अंतर्गत पूर्व की भांति एंट्री लेवल कक्षा में ही प्रवेश दिए जाने की व्यवस्था इसी सत्र 2023-24 से शुरू किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल के समक्ष ही उन्होंने इस संबंध में निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल को कॉल कर अवगत भी करा दिया। इस दौरान डॉ. कल्ला ने कहा कि सत्र 2020-21 के अंतर्गत भुगतान से वंचित स्कूल्स को पुनर्भरण करने के लिए तथ्यात्मक टिप्पणी मंगवा ली गई है। शीघ्र ही इस संबंध में भी उचित कार्यवाही की जाएगी।

    स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा एवं प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल की अगुवाई में डॉ. कल्ला से मिले प्रतिनिधि मंडल में सीमा शर्मा (अक्षरधाम स्कूल, जयपुर) अमित सोगानी (वारेन एकेडमी, जयपुर), मृदुल सिसोदिया (फ्रेम इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), ऊषा शर्मा (एस. आर. एन. इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), प्रतिमा शर्मा (विद्याश्रम स्कूल, जयपुर), कमल सेठिया (वर्धमान इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), भूपेंद्र राजावत (माई अॉवन स्कूल, जयपुर), निखिल शर्मा (केनवर्डस पब्लिक स्कूल, जयपुर), ललित बांगा (ध्रुव बाल निकेतन, जयपुर), आयुष बैराठी (एवरशाईन इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर), सन्नी कपूर (मालवीय कान्वेंट स्कूल, जयपुर), धरती भारद्वाज (आक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल, जयपुर) एवं श्री गोयल इत्यादि सम्मिलित थे। उल्लेखनीय है कि उक्त समस्याओं के समाधान के लिए पैपा एवं स्कूल क्रांति संघ द्वारा शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर समाधान हेतु मांग की गई थी। बीती 10 अप्रैल 2023 को इस संबंध में स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा के नेतृत्व में जयपुर के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री से मिलकर शीघ्र समाधान के लिए आग्रह किया गया था। इसी तरह से 8 अप्रैल को पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बीकानेर में डा. कल्ला से इस गंभीर मसले का शीघ्र निराकरण हेतु अनुरोध किया था।

  • डॉ. गौरव बिस्सा की“लाइफ मैनेजमेंट” और “रूल्स ऑफ़ द जॉब”का हुआ लोकार्पण

    आत्मशक्ति, कमिटमेंट, कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और व्यक्तित्व विकास के सिद्धांतों को समझाने में कारगर है डॉ. बिस्सा की पुस्तकें : सुभाष स्वामी

    बीकानेर। मैनेजमेंट ट्रेनर, लाइफ स्किल कोच, मोटिवेशनल स्पीकर एवं इंजीनियरिंग कॉलेज के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. गौरव बिस्सा द्वारा लिखित दो पुस्तकों “लाइफ मैनेजमेंट” और “रूल्स ऑफ़ द जॉब” का विमोचन 16 मार्च 2023 को करणी नगर स्थित आर. एन. आरएसवी स्कूल में हुआ। इस मौके पर आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुभाष स्वामी ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. बिस्सा की पुस्तकें पाठकों को स्वाध्याय हेतु प्रेरित कर उनमें प्रेरणा भरने का अद्भुत काम करती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पुस्तकों में आत्मशक्ति, कमिटमेंट, कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और व्यक्तित्व विकास के सिद्धांतों को रोचक उदाहरणों द्वारा खोजपरक माध्यम से कुशलता से समझाया गया है। विशिष्ट अतिथि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरिशंकर आचार्य ने आध्यात्मिक सिद्धांतों को वर्तमान मैनेजमेंट से जोड़ने की कला पर आधारित पुस्तक लाइफ मैनेजमेंट का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया तथा कहा कि जीवन देने का नाम है और यही भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है। उन्होंने डॉ. बिस्सा के प्रभावी प्रस्तुतिकरण और कम्यूनिकेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरलतम शब्दों में अपनी बात प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचा देना ही डॉ. बिस्सा के लेखन और व्यक्तित्व की खासियत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. एस.एन. हर्ष ने कहा कि उत्कृष्ट लेखन समाज को दिशा देता है और पुस्तकें भविष्य में मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सिद्ध करती हैं। दोनों पुस्तकों के विविध सेग्मेंट्स का प्रभावी विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए डॉ. हर्ष ने कहा कि बॉस मैनेजमेंट, रिलेशनशिप मैनेजमेंट, नौकरी के नियम और लीडरशिप के गूढ़ सूत्रों को बहुत ही बेहतरीन ढंग से समझाया गया है। इस अवसर पर लेखक डॉ. गौरव बिस्सा ने अपने समूचे लेखन को अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं समाज को समर्पित किया। उन्होंने आभार प्रकट करते हुए कहा कि जीवन में जो कुछ भी प्राप्त होता है, इन्हीं के कृपा और आशीर्वाद की बदौलत होता है। डॉ. बिस्सा ने “रूल्स आफ द जॉब्स” पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा कि सम्पूर्ण योगदान देते हुए अपने कार्य को सर्वोत्कृष्ट ढंग से करना ही जॉब का पहला रूल होता है। प्रभावी कम्यूनिकेशन, रिश्तों के प्रति महत्त्व, लीडरशिप डवलपमेंट एवं नैतिक जिम्मेदारियों को इस पुस्तक में उदाहरणों सहित बताया गया है। उन्होंने अपनी दूसरी पुस्तक “लाइफ मैनेजमेंट” के संबंध में बताते हुए कहा कि यह पुस्तक वर्तमान समय में आध्यात्मिक सूत्रों की उपयोगिता की जानकारी प्रदान करती है। आर. एन. आरएसवी के प्रशासक पार्थ मिश्रा, सीईओ आदित्य स्वामी और स्कूल प्राचार्य बिंदु बिश्नोई एवं मंच उद्घोषक डॉ. जय प्रकाश राजपुरोहित को इस दौरान शॉल एवं ममेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संजू श्रीमाली ने डॉ. गौरव बिस्सा का अभिनंदन किया। डॉ. अमित सांघी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

    इनकी साक्षी में हुआ लोकार्पण

    वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. एल. एन. खत्री, प्रो. शिवराम झाझड़िया, प्रो. आर. के. धूड़ियायएवं प्रो. के. डी. शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति कल्ला, फीजीशियन डॉ. अविनाश कल्ला, सी. ए. वीरेंद्र, हीरालाल तिवारी एवं अंकुश चोपड़ा, शिक्षाविद् गिरिराज खैरीवाल, समाजसेवी मिलाप नारायण चोपड़ा, पत्रकार – लेखक हरीश बी. शर्मा, पत्रकार – शिक्षाविद् डॉ. मुदिता पोपली, विनय थानवी, साहित्यकार ऋतु शर्मा, डॉ. कृष्णा आचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय के व्याख्याता महावीर सिंह पूनिया, समाज सेवी जयपाल भाटी, पत्रकार बृजमोहन आचार्य, समाजसेवी कन्हैयालाल बोथरा, डॉ. नीलम जैन, संजय श्रीमाली, पंकज पारीक, आर. जे. रोहित, विपिन लड्ढा सहित शहर के लगभग 200 गणमान्य जनों की सक्रिय उपस्थिति में विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ।

  • 11 अप्रैल को होने वाली 8 वीं सहित सभी बोर्ड परीक्षाएं अब 13 अप्रैल को होंगी

    बीकानेर। राज्य सरकार द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के एच्छिक अवकाश को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिए जाने से 11 अप्रैल 2023 को होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की तारीख में परिवर्तन कर दिया गया है। अब ये परीक्षाएं 13 अप्रैल 2023 को होंगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस संबंध में मुख्य परीक्षा नियंत्रक द्वारा हस्ताक्षरित संशोधन जारी कर दिया है। जारी संशोधन में कहा गया है कि 11 अप्रैल 2023 को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिए जाने से 11 अप्रैल 2023 को होने वाली माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षाएं 13 अप्रैल 2023 को पूर्व निर्धारित समय प्रातः 8:30 बजे से सुबह 11:45 बजे तक होंगी। इसी तरह पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, राजस्थान ने भी आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में संशोधन करने की तैयारी कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक थोड़ी ही देर में इस संबंध में विधिवत संशोधन निकलने वाला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आठवीं की परीक्षा भी अब 11 अप्रैल 2023 के स्थान पर 13 अप्रैल 2023 को होंगी। समय दो बजे से साढ़े चार बजे तक ही रहेगा।

  • रोलर स्केटिंग की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेंगे आरएसवी के विद्यार्थी

    बीकानेर। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी हायर सेकेंडरी स्कूल के 6 विद्यार्थियों का चयन प्रथम राष्ट्रीय इंटर डिस्ट्रिक्ट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप हेतु हुआ है। आरएसवी की प्रिंसिपल निधि स्वामी के मुताबिक यह प्रतियोगिता 27 अप्रैल से 2 मई तक मोहाली-चंडीगढ़ में आयोजित होगी। स्कूल के युविका तंवर, आर्यन, हनी प्रताप सिंह, मधुश्री पारीक, उज्जवल तथा तनुज का चयन इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु हुआ है। विद्यालय के प्रशिक्षक राहुल खत्री ने बताया कि विद्यालय की स्पोर्ट्स अकादमी में फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, स्केटिंग, एथलेटिक्स, बेसबॉल, खो खो तथा अन्य खेलो हेतु अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था है।

  • आरटीई के तहत एक साथ चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया का विरोध शुरू

    बिना भुगतान अध्ययन कराने की बाध्यता हिटलरशाही एवं अन्यायपूर्ण

    आरटीई के अंतर्गत आगामी सत्र 2023-24 के लिए चार कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने के शिक्षा विभाग के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। एक साथ चार कक्षाओं में आरटीई के प्रवेश देने एवं बिना भुगतान प्री प्राईमरी कक्षाओं में तीन साल तक अध्ययन कराने की बाध्यता का विरोध करते हुए प्राईवेट स्कूल्स के संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि शिक्षा विभाग का यह कार्य हिटलरशाही है, जिसे बर्दाश्त करना किसी भी स्थिति में संभव नहीं है। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग द्वारा आरटीई के अंतर्गत आगामी सत्र 2023-24 के लिए पी पी 3+, पी पी 4+, पी पी 5+ एवं पहली कक्षा में प्रवेश के लिए टाईम फ्रेम जारी किया गया है। विज्ञप्ति के साथ ही शिक्षा विभाग ने दिशा निर्देश – 2023-24 भी जारी कर दिए हैं। जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक प्री प्राईमरी (पी पी 3+, पी पी 4+एवं पी पी 5+) में आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स को बिना पुनर्भरण अध्ययन कराने की बाध्यता की शर्त डाली गई है। उल्लेखनीय है कि सत्र 2022-23 के लिए शिक्षा विभाग ने हाइकोर्ट के अंतरिम आदेश की पालना में 6 फरवरी से 1 मार्च 2023 तक पी पी 3+, पी पी 4+, एवं पी पी 5+ के प्रवेश हेतु प्रक्रिया लागू की थी। इस प्रक्रिया में भी शिक्षा विभाग ने बिना पुनर्भरण के अध्ययन कराने की बाध्यता की शर्त डाली थी। इन दोनों ही कार्यों के विरोध हेतु प्राईवेट स्कूल्स संचालक एवं इनके विभिन्न संगठनों द्वारा योजनाएं बनाईं जा रही हैं। हालांकि स्कूल क्रांति संघ, जयपुर द्वारा इस प्रक्रिया को आरटीई के नियमों का उल्लंघन बताते हुए जयपुर हाइकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष हेमलता शर्मा के अनुसार 2022-23 के अंतर्गत सत्र समाप्त होने की कगार पर शुरू की गई इस विसंगति पूर्ण प्रक्रिया के अंतर्गत पुनर्भरण हेतु चुनौती दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उनको उस वक्त लगा कि कोर्ट के अंतरिम आदेश की अनुपालना में केवल सत्र 2022-23 में ही एक साथ चार कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया लागू की गई होगी लेकिन विभाग ने हठधर्मिता दिखाते हुए इसे आगामी सत्र 2023-24 में भी थोप दिया है जो कि सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का विधि सम्मत अध्ययन कर रहे हैं और शीघ्र ही पूर्व में प्रस्तुत केस में अन्य विसंगतियां संबंधित बिंदु भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि लीगल एक्सपर्ट के सुझाव के अनुसार एक पत्र तैयार किया गया है जिसे राज्य की प्रत्येक स्कूल द्वारा सरकार एवं शिक्षा विभाग तक डाक या ईमेल द्वारा प्रेषित कर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुश्री हेमलता ने कहा कि उनके संगठन द्वारा अतिशीघ्र ही इस संबंध में प्रदेशव्यापी आंदोलन किए जाने की योजना बनाई जा रही है। स्कूल क्रांति संघ के अलावा प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन, राजस्थान (स्वराज), रिकॉक्नाइज्ड स्कूल एसोसिएशन, प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन, गैर सरकारी स्कूल एवं जनकल्याण संस्थान, स्वयं सेवी शिक्षण संस्थान समिति इत्यादि प्रदेश स्तरीय संगठनों ने भी इस अन्यायपूर्ण और हिटलरी निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलनात्मक कार्यवाही की योजना बनानी शुरू कर दी है।

  • होम एक्जाम्स की तारीखों में संशोधन

    13 से 27 अप्रैल 2023 तक होंगी वार्षिक परीक्षाएं

    बीकानेर। पूर्व में शिविरा में घोषित वार्षिक परीक्षा तारीखों में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार वार्षिक परीक्षा परिणाम की तारीख भी अब 30 अप्रैल की बजाय 02 मई कर दी गई है। जिला समान परीक्षा योजना के तहत ली जाने वाली वार्षिक परीक्षाएं 13 से 27 अप्रैल 2023 तक होंगी जबकि पहले इन के लिए 06 अप्रैल से 25 अप्रैल का टाईम फ्रेम निर्धारित था। इस संबंध में बुधवार को निदेशक, माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल ने संशोधित आदेश जारी किया है।

  • शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के बालक बालिकाओं ने मंडल स्तरीय कब बुलबुल उत्सव में लहराया परचम

    बीकानेर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड, बीकानेर मंडल द्वारा देवीकुंड सागर में 25 से 27 मार्च 2023 तक आयोजित तीन दिवसीय मंडल स्तरीय पांचवें शांति भंडारी कब बुलबुल उत्सव में शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय का परचम बरकार रहा। इस उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं लोक नृत्य, लोक गीत, देशभक्ति गीत, बड़ी सलामी, विशाल गर्जना, विचित्र वेशभूषा, घेरे छक्के के गीत, जंगल नृत्य इत्यादि में शाला के कब और बुलबुल ने शानदार प्रदर्शन किया तथा संपूर्ण मंडल स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल कर विद्यालय की परंपरा को कायम रखा।

    शाला के सचिव हिमालय वुड वैज कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने बताया कि विद्यालय ने इस दौरान 09 प्रतियोगिताओं में अव्वल स्थान हासिल किए। खुशबू गोदारा, साक्षी गोदारा, अंजली जाट, श्वेता कच्छवा, हर्षिता मोदी,गुंजन गोदारा, सौम्या, दीप्ति, तेजवीर सारण, राजपाल, करण गोदारा, रोहित गोदारा, वेदांत, विराट, वंशराज और रोहित ने इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रभावी प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा सिद्ध की। उत्सव समापन के पश्चात विद्यालय आगमन पर सभी संभागी कब बुलबुल का शाला प्रधान हनुमान छींपा, शिक्षक सौरभ बजाज इत्यादि द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर शाला सचिव रमेश कुमार मोदी ने बताया कि विद्यालय द्वारा लगातार सर्वोत्तम प्रदर्शन के माध्यम से सर्वाधिक उपलब्धियां हासिल की जाती रही है।

  • प्राईवेट स्कूल्स के 09 संगठनों ने एक जाजम पर आने की सहर्ष सहमति दी

    सामूहिक संघर्ष ही है समाधान का रास्ता

    जयपुर। जयपुर के पांच्यावाला स्थित खंडेलवाल रेस्टोरेंट के सभागार में 18 मार्च 2023 को दोपहर 2:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संरक्षण समिति, जयपुर द्वारा होली स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। प्राईवेट स्कूल्स की विभिन्न गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए सभी संगठनों को एक जाजम पर आकर संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यकता पर इस समारोह में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त किए।

    समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षाविद डॉ. महेंद्र कर्णावट (राजसमंद) ने विभिन्न उदाहरणों से सांगठनिक शक्ति का बल स्पष्ट किया और कहा कि बिना सांगठनिक शक्ति के कोई भी सरकार हमारे दर्द का उपचार नहीं कर सकती। उन्होंने अपने संबोधन में सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के बीच सरकारी भेदभाव को उजागर करते हुए कहा कि सरकारी एवं निजी विद्यालयों में समान आचार संहिता लागू करवाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि यह यह विभेद नहीं मिटा तो हमारे संगठनों का भी कोई औचित्य नहीं है। इसलिये हमें पूरी योजना के साथ सामूहिक रूप से एक जुट होकर संघर्ष का शीघ्र ही बिगुल बजाना होगा। डॉ. कर्णावट ने उपस्थित सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि इस संबंध में गहरे मंथन और विशद चिंतन की महती आवश्यकता है। बिना व्यापक चिंतन मनन किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। इसलिए शीघ्र ही दो दिवसीय चिंतन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना अत्यावश्यक है। उन्होंने इस दो दिवसीय कार्यक्रम को राजसमंद की मेजबानी में करने का अनुरोध भी किया।

    प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल (बीकानेर) ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में भी सभी संगठनों द्वारा सामूहिक हितों के लिए एक जाजम पर काम करने की कोशिशें हो चुकी हैं और कुछ हद तक सफलताएं भी मिलीं लेकिन ये कोशिशें कारगर नहीं हो सकी। मैं शुभकामनाओं के साथ आश्वस्त करता हूँ कि हमारी संस्था प्राईवेट शिक्षण संस्थाओं के हितों हेतु हर संभव प्रयास में सदैव साथ रही है और रहेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास रचनात्मक तरीके से करने होंगे। सभी संगठनों के पदाधिकारियों को व्यक्तिगत स्वार्थ त्यागकर इस तरह के आयाम को मूर्त करने में सहभागी बनना होगा, तभी ये सार्थक परिकल्पना साकार हो सकेगी। खैरीवाल ने समुपस्थित संभागियों को होली की शुभकामनाएं अर्पित करते हुए कहा कि वे लंबे अर्से से एक जाजम की प्रस्तावना को सजीव करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने सभी संगठनों की सामूहिक संघर्ष समिति के गठन के सुझाव पर सहमति जताते हुए इसके गठन के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव इस दौरान प्रस्तुत किए तथा कहा कि हमें पूर्व के असफल प्रयासों से सबक लेते हुए जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए और कम से कम एक और सामूहिक मिटिंग का आयोजन कर सामूहिक संघर्ष समिति का गठन करना चाहिए।

    इस अवसर पर स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन, (स्वराज) के प्रदेश अध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल (भरतपुर), रिकॉक्नाइज्ड स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संजय शर्मा (कोटा), स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश सचिव सीमा शर्मा (जयपुर), राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा (अजमेर), प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश शर्मा (जयपुर), गैर सरकारी स्कूल एवं जनकल्याण संस्थान के अध्यक्ष जितेन्द्र अरोड़ा ने भी संबोधित करते हुए सामूहिकता एकता के सार्थक प्रयास में सथासंभव सहयोग हेतु विश्वास दिया तथा अपने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संरक्षण समिति के अध्यक्ष भूपराम शर्मा (जयपुर) ने समारोह के संयोजक के रूप में सुझाव दिया कि सभी संगठनों द्वारा सामूहिक हितों के लिए एक जाजम पर आकर संघर्ष करने से ही प्राईवेट शिक्षण संस्थानों की समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के विभिन्न जिलों से राज्य स्तरीय संगठनों के पदाधिकारियों ने प्राईवेट स्कूल्स की एकता को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से यहां आकर “संघे शक्ति कलयुगे” को सार्थक किया है। इस अवसर पर एडवोकेट शैलेषनाथ सिंह (जयपुर), रतन सिंह पिलानिया (सीकर), विनेश शर्मा (नागौर), रितिका राठौड़ (जयपुर), अनूपसिंह राठौड़ (जयपुर) इत्यादि ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में गुड़ा (कोलायत, बीकानेर) से जयपाल सिंह भाटी, राजसमंद से मुकेश वैष्णव, भीलवाड़ा से सुनील बांगड़, ब्यावर से कुलदीप सिंह राठौड़ व अजमत काठात, अजमेर से लालचंद यादव व भूपेंद्र सिंह, जयपुर से मनोज कुमार शर्मा ‘अमन’ इत्यादि सहित जयपुर के अनेक शिक्षण संस्थानों के संचालक व डायरेक्टर भी उपस्थित थे। स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संरक्षण समिति के पदाधिकारियों मनोज शर्मा, भारती शर्मा, जसवंत सिंह यादव इत्यादि द्वारा समारोह में सक्रिय सहयोग किया गया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।