आत्मशक्ति, कमिटमेंट, कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और व्यक्तित्व विकास के सिद्धांतों को समझाने में कारगर है डॉ. बिस्सा की पुस्तकें : सुभाष स्वामी

बीकानेर। मैनेजमेंट ट्रेनर, लाइफ स्किल कोच, मोटिवेशनल स्पीकर एवं इंजीनियरिंग कॉलेज के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. गौरव बिस्सा द्वारा लिखित दो पुस्तकों “लाइफ मैनेजमेंट” और “रूल्स ऑफ़ द जॉब” का विमोचन 16 मार्च 2023 को करणी नगर स्थित आर. एन. आरएसवी स्कूल में हुआ। इस मौके पर आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुभाष स्वामी ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. बिस्सा की पुस्तकें पाठकों को स्वाध्याय हेतु प्रेरित कर उनमें प्रेरणा भरने का अद्भुत काम करती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पुस्तकों में आत्मशक्ति, कमिटमेंट, कॉर्पोरेट मैनेजमेंट और व्यक्तित्व विकास के सिद्धांतों को रोचक उदाहरणों द्वारा खोजपरक माध्यम से कुशलता से समझाया गया है। विशिष्ट अतिथि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरिशंकर आचार्य ने आध्यात्मिक सिद्धांतों को वर्तमान मैनेजमेंट से जोड़ने की कला पर आधारित पुस्तक लाइफ मैनेजमेंट का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया तथा कहा कि जीवन देने का नाम है और यही भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है। उन्होंने डॉ. बिस्सा के प्रभावी प्रस्तुतिकरण और कम्यूनिकेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरलतम शब्दों में अपनी बात प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचा देना ही डॉ. बिस्सा के लेखन और व्यक्तित्व की खासियत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. एस.एन. हर्ष ने कहा कि उत्कृष्ट लेखन समाज को दिशा देता है और पुस्तकें भविष्य में मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सिद्ध करती हैं। दोनों पुस्तकों के विविध सेग्मेंट्स का प्रभावी विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए डॉ. हर्ष ने कहा कि बॉस मैनेजमेंट, रिलेशनशिप मैनेजमेंट, नौकरी के नियम और लीडरशिप के गूढ़ सूत्रों को बहुत ही बेहतरीन ढंग से समझाया गया है। इस अवसर पर लेखक डॉ. गौरव बिस्सा ने अपने समूचे लेखन को अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं समाज को समर्पित किया। उन्होंने आभार प्रकट करते हुए कहा कि जीवन में जो कुछ भी प्राप्त होता है, इन्हीं के कृपा और आशीर्वाद की बदौलत होता है। डॉ. बिस्सा ने “रूल्स आफ द जॉब्स” पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा कि सम्पूर्ण योगदान देते हुए अपने कार्य को सर्वोत्कृष्ट ढंग से करना ही जॉब का पहला रूल होता है। प्रभावी कम्यूनिकेशन, रिश्तों के प्रति महत्त्व, लीडरशिप डवलपमेंट एवं नैतिक जिम्मेदारियों को इस पुस्तक में उदाहरणों सहित बताया गया है। उन्होंने अपनी दूसरी पुस्तक “लाइफ मैनेजमेंट” के संबंध में बताते हुए कहा कि यह पुस्तक वर्तमान समय में आध्यात्मिक सूत्रों की उपयोगिता की जानकारी प्रदान करती है। आर. एन. आरएसवी के प्रशासक पार्थ मिश्रा, सीईओ आदित्य स्वामी और स्कूल प्राचार्य बिंदु बिश्नोई एवं मंच उद्घोषक डॉ. जय प्रकाश राजपुरोहित को इस दौरान शॉल एवं ममेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संजू श्रीमाली ने डॉ. गौरव बिस्सा का अभिनंदन किया। डॉ. अमित सांघी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इनकी साक्षी में हुआ लोकार्पण

वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. एल. एन. खत्री, प्रो. शिवराम झाझड़िया, प्रो. आर. के. धूड़ियायएवं प्रो. के. डी. शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति कल्ला, फीजीशियन डॉ. अविनाश कल्ला, सी. ए. वीरेंद्र, हीरालाल तिवारी एवं अंकुश चोपड़ा, शिक्षाविद् गिरिराज खैरीवाल, समाजसेवी मिलाप नारायण चोपड़ा, पत्रकार – लेखक हरीश बी. शर्मा, पत्रकार – शिक्षाविद् डॉ. मुदिता पोपली, विनय थानवी, साहित्यकार ऋतु शर्मा, डॉ. कृष्णा आचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय के व्याख्याता महावीर सिंह पूनिया, समाज सेवी जयपाल भाटी, पत्रकार बृजमोहन आचार्य, समाजसेवी कन्हैयालाल बोथरा, डॉ. नीलम जैन, संजय श्रीमाली, पंकज पारीक, आर. जे. रोहित, विपिन लड्ढा सहित शहर के लगभग 200 गणमान्य जनों की सक्रिय उपस्थिति में विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ।



