थर्ड ग्रेड टीचर्स के ट्रांसफर पर लगा ग्रहण कब होगा दूर

उजियारे के पर्व दीपावली के दिन लगे ग्रहण का अंधकार तो शाम को ग्रहण के मोक्ष के साथ ही मिट जाएगा लेकिन प्रदेश में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक के ग्रहण का अंधियारा कब हटेगा, तबादले को तरस रहे टीचर्स के घर खुशियों की दीपावली कब आएगी और कब इन टीचर्स की मायूसी समाप्त होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। राज्य में तृतीय श्रेणी के लगभग ढाई लाख टीचर्स हैं। इनके ट्रांसफर तबादला नीति के नाम पर पिछले चार साल से रूके पडे़ हैं। 2018 में जून से अक्टूबर तक अंतिम बार तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर राज्य सरकार द्वारा किए गए थे। उस से पहले इन टीचर्स का ट्रांसफर 2010 में हुआ था। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही ग्रेड फर्स्ट, ग्रेड सेकंड, हैड मास्टर, प्रिंसिपल के ट्रांसफर बिना किसी नीति नियमों के दो बार हो चुके हैं परंतु ग्रेड थर्ड के टीचर्स के ट्रांसफर पर तबादला नीति के बहाने से प्रतिबंध लगा हुआ है। कभी कहा जाता है कि तबादला नीति का ड्राफ्ट पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है तो कभी यह जानकारी आती है कि तबादला नीति बनकर तैयार हो गयी है, बस अनुमोदन की दरकार है। गत वर्ष तबादला नीति के अनुसार राज्य के लगभग 85000 थर्ड ग्रेड टीचर्स ने ट्रांसफर हेतु आनलाइन आवेदन किए थे, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में सरकार ने सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अचानक थर्ड ग्रेड टीचर्स के तबादलों पर रोक लगा दी। यह गाज हमेशा थर्ड ग्रेड टीचर्स पर ही क्यों गिरती है? क्या इनका कोई धणी धोरी नहीं है? जबकि ये टीचर्स एक शिक्षक के रूप में सबसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा का पहला सबक ही नहीं अपितु उसकी पूरी प्राईमरी एज्यूकेशन थर्ड ग्रेड टीचर्स द्वारा ही दी जाती है, लेकिन सरकारों द्वारा इनके साथ किए जा रहे व्यवहार इन्हें हतोत्साहित करता है फिर भी ये अपने कर्तव्य का निर्वाह निर्बाध रूप से कर्तव्यनिष्ठा से कर रहे हैं। बहुत उम्मीद के साथ पिछले साल इन टीचर्स ने आनलाईन आवेदन कर अपने इच्छित स्थान पर तबादले हेतु आवेदक किए थे लेकिन अचानक शिक्षा विभाग ने थर्ड ग्रेड टीचर्स के तबादलों पर रोक लगा दी, जो कब हटेगी, किसी को नहीं मालूम। कईयों का तो प्रथम नियुक्ति के बाद आज तक तबादला नहीं हुआ है। नेताओं के चक्कर लगाते-लगाते उनके चप्पल जूते सब घिस गए हैं। केवल 85,000 आवेदन तो गत वर्ष से ही पेंडिंग पडे़ हैं और इनको खोलकर देखने वाला कोई नहीं है। पिछले अगस्त में शिक्षा विभाग ने तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के स्थानांतरण आवेदन पत्र आनलाईन लिए थे। तब कहा था ट्रांसफर नीति बनाकर तबादले किए जाएंगे। विभाग ने नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया लेकिन तबादला नीति को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। तबादले की उम्मीद में बैठे इन टीचर्स के लिए सवा साल गुजरने के बाद भी कोई एक्शन प्लान नहीं बन सका है। 

दरी बिछने से वोटर लिस्ट तक के काम करते हैं तृतीय श्रेणी शिक्षक

थर्ड ग्रेड टीचर से काम भी थर्ड ग्रेड ही लिए जाते हैं। नेताओं की सभाओं में दरी बिछाने, माइक लगाने, भीड़ इक्ट्ठी करने, राशन कार्ड बनवाने, पशु गणना, जन संख्या गणना, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, घर-घर जाकर चुनावों की पर्ची बांटने तक के सारे काम थर्ड ग्रेड टीचर करते हैं। फिर भी ये घर से सैंकड़ों किलोमीटर दूर हमारे देश की नई पौध को ककहरा सीखाने में जुटे हुए हैं। विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाने वाले इन टीचर्स के ट्रांसफर पर लगा तबादला नीति रूपी ग्रहण कब हटेगा, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। सरकार और शिक्षा विभाग को पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए इन शिक्षकों की पीड़ा को समझना चाहिए और तुरंत रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर लगे प्रतिबंध को हटाकर इनके ट्रांसफर कर इन्हें राहत दी जानी चाहिए।

Comments

One response to “थर्ड ग्रेड टीचर्स के ट्रांसफर पर लगा ग्रहण कब होगा दूर”

  1. DINESH UTREJA Avatar
    DINESH UTREJA

    Bilkul ab to 3rd grade teachers k transfer hone hi chaiye.

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