
उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर के लिए बड़ी सौगात गंगाशहर महाविद्यालय का डॉ. कल्ला एवं भाटी ने किया उद्घाटन
बीकानेर। शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि शिक्षा ही मनुष्य का सबसे सुंदर और बड़ा आभूषण होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य में सैंकड़ों नए शिक्षण संस्थान बड़े स्तर पर स्थापित किए हैं एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों को और अधिक विकसित किया है। उन्होंने ये उद्गार राजकीय महाविद्यालय, गंगाशहर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहे।
17 जून को बूंदाबांदी के बीच आयोजित हुए इस समारोह में शिक्षामंत्री डॉ. कल्ला ने कहा कि ये महाविद्यालय शुरू होने से गंगाशहर, भीनासर, सुजानदेसर, गोपेश्वर बस्ती, उदयरामसर, चौधरी कॉलोनी, घड़सीसर इत्यादि क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों द्वारा यहां महाविद्यालय खोले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे पूरा करते हुए क्षेत्रवासियों को सौगात दी है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है तथा भवन निर्माण के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए की स्वीकृति भी राज्य सरकार द्वारा जारी कर दी गई है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। नए सत्र से अस्थाई तौर पर कक्षाएं भी आरंभ कर दी जाएंगी। शिक्षामंत्री ने कहा कि बीकानेर को एज्यूकेशन हब के रूप में विशेष पहचान मिली है। यहां पांच विश्वविद्यालय और अनेक महाविद्यालय हैं। वहीं गत वर्ष बजट में डेयरी साइंस, आयुर्वेद और पब्लिक हेल्थ कॉलेज भी स्वीकृत करवाए गए। इस दौरान डॉ. कल्ला ने क्षेत्र में उनके द्वारा करवाए गए अनगिनत विकास कार्यों का उल्लेख भी किया।
ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि वर्ष 2018 तक प्रदेश में 230 कॉलेज थे जो अब बढ़कर लगभग 500 हो गए हैं। इनमें बालिका शिक्षा के महाविद्यालय भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में नए महाविद्यालय खोले हैं। इससे उच्च शिक्षा के अवसर बढे हैं। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर के युवा वर्ग के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के बारे में बताया। कॉलेज के नोडल प्राचार्य डॉ. इंद्रसिंह राजपुरोहित ने स्वागत उद्बोधन दिया और कहा कि शीघ्र ही प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। समाजसेवी हंसराज डागा ने महाविद्यालय का नामकरण आचार्य तुलसी के नाम से करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस दौरान नोडल अधिकारी डॉ. देवेश खंडेलवाल तथा त्रिलोकीनाथ कल्ला बतौर अतिथि मौजूद रहे।
इस अवसर पर अखाराम चौधरी ने शिक्षामंत्री डॉ बी डी कल्ला का शाल एवं साफा भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के अतिरिक्त कुलसचिव डॉ. बिठ्ठल बिस्सा, पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल, जतन लाल दूगड़, खेताराम चौधरी, गिरिराज सेवग, बसंत नवलखा, प्रकाश पुगलिया, सोहनलाल चौधरी, डॉ. अनंत नारायण जोशी, प्रकाश सामसुखा, डॉ. राकेश हर्ष, , डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र पुरोहित ने किया।