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निजी शिक्षण संस्थानों को एकजुटता के लिए परस्पर सहयोग – समन्वय से काम करने की महती आवश्यकता

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निजी शिक्षण संस्थानों के प्रति सरकार की दोहरी नीति अनुचित : राणावत

निजी शिक्षण संस्थाओं की स्थिति बहुत गंभीर : डॉ. कर्णावट

भगवान सबको सुधारे पर शुरूआत मुझ से करे : खैरीवाल

नाना गांव में आयोजित हुआ पाली जिला प्राईवेट स्कूल्स का एक दिवसीय सम्मेलन

पाली। पाली के बाली तहसील स्थित नाना गांव की उदय बाल विद्या मंदिर में पाली जिले की निजी स्कूल्स का एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार, 1 अक्टूबर को लगभग 5 घंटे तक निजी शिक्षण संघ, बाली की अगुवाई में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में बाली के विधायक पुष्पेंद्रसिंह राणावत बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण में निजी शिक्षण संस्थानों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि शिक्षित व समृद्ध समाज का निर्माण कर शिक्षक राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। राणावत ने कहा कि प्राईवेट स्कूल्स को सरकार द्वारा समय पर आरटीई का भुगतान नहीं करना तथा इनके साथ सौतेला व्यवहार करना अनुचित है। विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद डॉ. महेन्द्र कर्णावट ने कहा कि वर्तमान समय में निजी विद्यालयों की स्थिति बहुत गंभीर है। हमें आपस में एकजुट होकर व साथ मिलकर आने वाली चुनौतियों से निपटना होगा। आने वाले समय में जो बदलाव हो रहे हैं, शिक्षा नीति में जो परिवर्तन आ रहे हैं, इसका अध्ययन करके उसके अनुसार चलना पड़ेगा।

विशिष्ट अतिथि प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूशंस रेगुलेटरी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रत्येक विद्यालय संचालक को अपनी स्वयं की भूमिका निश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल्स की समस्याओं के प्रति सरकारों द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने में संगठनों से ज्यादा स्कूल संचालक दोषी हैं क्योंकि वे संगठनों को किसी भी तरह से प्रोत्साहित नहीं करते हैं, न ही संगठनों के आह्वान पर अपनी सहभागिता निश्चित करते हैं और किसी भी तरह से आर्थिक सहायता के लिए भी तैयार नहीं रहते हैं। उन्होंने उपस्थित निजी शिक्षण संस्थाओं के संचालकों से आह्वान किया कि “भगवान सबको सुधारे पर शुरूआत मुझ से करे…” के भाव के साथ संगठनों के प्रति तत्पर रहने से ही सभी का भला संभव हो सकेगा। जब सभी अपनी अपनी भूमिका, अपना अपना योगदान देंगे तभी निजी शिक्षण संस्थानों की एकजुटता प्रदर्शित हो सकेगी। अध्यक्षता बद्रीनाथ धाम की आनंद माताजी ने की। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष के. एन. भाटी, जालौर, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा, अजमेर, स्कूल क्रांति संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मदनलाल वर्मा, झालावाड़, जोधपुर प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरपत सिंह शेखावत, पाली जिला प्राईवेट शिक्षण संस्था समिति के संरक्षक कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप दवे एवं उपाध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी इत्यादि ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने अपने विचार व्यक्त किए। सुमेरपुर ब्लाक के अध्यक्ष पन्नालाल, देसूरी ब्लाक के अध्यक्ष मोहन सिंह, रोहिट ब्लाक के अध्यक्ष गोपाराम पटेल, मारवाड़ जंक्शन ब्लाक के अध्यक्ष जसवंत सिंह एवं पाली ब्लाक के अध्यक्ष कानाराम इत्यादि सहित बड़ी संख्या में पाली जिले की प्राईवेट स्कूल्स के संचालक इस मौके पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के संयोजक एवं निजी शिक्षण संघ, बाली के अध्यक्ष प्रताप सिंह भाटी के मुताबिक पाली जिले के संरक्षक कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष प्रदीप कुमार दवे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी व सचिव पुखराज शर्मा के विशेष सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सका। पीएसबी कॉलेज, पीएसबी सीनियर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं उदय बाल विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, नाना की छात्राओं ने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में स्काउट्स स्टूडेंट्स ने विभिन्न व्यवस्थाओं को संभाला। डायनोस एज्यूकेशन इंडिया द्वारा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए सभी संभागियों को डॉक्यूमेंट फाईल्स भेंट की गयी।

इस अवसर पर सभी अतिथियों का साफे एवं दुपट्टे द्वारा स्वागत किया गया तथा सभी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले सभी अतिथियों एवं संभागियों के उदय बाल विद्या मंदिर परिसर में प्रवेश होते ही तिलकार्चन एवं ढोल नगाड़े बजाकर जोश भरा अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में निजी स्कूलों को एकजुट होकर परस्पर सहयोग – समन्वय से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

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