कोचिंग संस्थानों के डायरेक्टर्स के साथ की मिटिंग
प्रत्येक कोचिंग की नगर निगम फायर सेफ्टी एवं बीकेईएसएल वायरिंग की करेंगे जांच
गैर शैक्षणिक स्टाफ का वेरीफिकेशन अनिवार्य होगा,
कोचिंग संस्थानों में काउंसलर की नियुक्ति जरूरी

बीकानेर, 12 अगस्त। कोचिंग संस्थानों में भी प्राईवेट स्कूल्स की तरह ही नियम कायदे लागू किए जाने को लेकर बीकानेर जिला कलेक्टर नमृता वृष्णि ने 12 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभागार में नगर के कोचिंग संस्थानों के डायरेक्टर्स के साथ मिटिंग कर निर्देश दिए। इस मिटिंग में कोचिंग संस्थानों के डायरेक्टर्स एवं प्रतिनिधियों को कलेक्टर वृष्णि ने कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान में सभी सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित की जाए। कोचिंग्स में फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। उन्होंने नगर निगम उपायुक्त को इसकी पालना के लिए निर्देशित किया। कोचिंग्स में पेयजल, प्रोपर निकास, शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने बीकेईएसएल को निर्देशित किया कि कोचिंग्स में वायरिंग की जांच करें। कोचिंग्स में नियुक्त गैर शैक्षणिक स्टाफ का वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोचिंग्स में काउसंलर नियुक्त किए जाएं तथा यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की आवश्यकता अनुसार काउंसलिंग की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेंटल हैल्थ सबसे जरूरी है। कलक्टर ने कहा कि कोचिंग के स्टूडेंट्स को वार त्योहार पर अवकाश देना चाहिए। कोचिंग में आवागमन सुगम होना चाहिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन लाल, एडीएम प्रशासन डाॅ. दूलीचंद मीना, अतिरिक्त कलक्टर (नगर) उम्मेद सिंह रतनू, नगर विकास न्यास के सचिव मुकेश बाहरठ, नगर निगम के उपायुक्त अर्पिता सोनी, उपखण्ड अधिकारी कविता गोदारा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. महेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।





