Home Educational पी एम मोदी की मिमिक्री शिक्षक को पड़ी महंगी, मिला निलंबन

पी एम मोदी की मिमिक्री शिक्षक को पड़ी महंगी, मिला निलंबन

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शिवपुरी। गैस के बढ़े दामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए उन पर कटाक्ष करना एक प्राथमिक शिक्षक को भारी पड़ गया है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उस शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक की पहचान साकेत पुरोहित के रूप में हुई है, जो कि पोहरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय आदिवासी मोहल्ला सेमरखेडी में पदस्थ है।

शिक्षक के विरुद्ध यह कार्रवाई पिछोर क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई है। विधायक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से की गई शिकायत में शिक्षक पर जनप्रतिनिधि की मिमिक्री करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। विधायक ने कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है और साथ ही यह शासकीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन भी है। जिसके बाद उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षक अधिकारी ने पुरोहित को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान साकेत पुरोहित का मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बदरवास तय किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमों के अनुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही दिया जाएगा।

क्या कहा था निलंबित शिक्षक ने

निलंबित शिक्षक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए जो वीडियो बनाया था, उसमें उसने पीएम के बोलने के अंदाज में कहा था- ‘मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, गैस के दाम कम हुए कि नहीं हुए? नहीं हुए। और गैस के दाम बढ़े कि नहीं बढ़े? बढ़ गए। तो गैस के दाम इसलिए बढ़ गए कि भाइयों-बहनों, गैस की रोटी खाने से पेट में भी गैस बनती है, और अगर पेट में गैस बनेगी तो आप बीमार पड़ जाओगे। और अगर आप बीमार पड़ोगे तो यह देश बीमार पड़ जाएगा! मेरे भाइयों-बहनों। इसलिए गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी भी रोटी खाएगा चूल्हे की और अमीर आदमी भी खाएगा चूल्हे की रोटी। जो अमीर आदमी और आम आदमी के बीच में जो अमीरी-गरीबी की खाई है भाइयों-बहनों, वो दूर हो जाएगी। धन्यवाद भाइयों और बहनों।’

अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश उचित नहीं : नेता प्रतिपक्ष

उधर राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को उठाया और शिक्षक को निलंबित किए जाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘शिवपुरी में प्रधानमंत्री की मिमिक्री के आरोप में एक शिक्षक को निलंबित करना बेहद चिंताजनक है। क्या अब लोकतंत्र में सवाल पूछना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अपराध बन गया है?’ उन्होंने कहा, ‘जब प्रदेश की जनता महंगी गैस, पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई से परेशान है, तब जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय एक शिक्षक को सस्पेंड करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है। साथ ही बड़ा सवाल यह है कि आज प्रदेश के युवाओं और कर्मचारियों के साथ जो हो रहा है, क्या यह एक बड़ी मिमिक्री नहीं है?

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