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पुनर्भरण संबंधित स्पष्ट निर्देश 10 दिनों में जारी नहीं किए जाएंगे तो प्राईवेट स्कूल्स प्री प्राईमरी कक्षाओं में नहीं देंगे प्रवेश

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शिक्षा विभाग द्वारा प्री प्राईमरी कक्षाओं का आरटीई के अंतर्गत भुगतान नहीं करने की हठधर्मिता का प्राईवेट स्कूल्स ने किया विरोध

11 संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के बैनर तले दिया गया ज्ञापन

बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं (पी पी 3, पी पी 4 एवं पी पी 5) के प्रवेश हेतु योग्य स्टूडेंट्स के भुगतान हेतु आगामी 10 दिन में यदि शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा निर्देश जारी नहीं किए जाएंगे तो, प्राईवेट स्कूल्स इन कक्षाओं में एक भी विद्यार्थी को प्रवेश नहीं देंगे। राजस्थान के 11 प्राईवेट स्कूल्स के संयुक्त संगठन प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के माध्यम से मंगलवार की शाम को अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा शैलेन्द्र देवड़ा को यह ज्ञापन दिया गया है।

फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि सरकार एवं शिक्षा विभाग प्री प्राईमरी कक्षाओं में प्रवेशित होने वाले एवं अध्ययनरत विद्यार्थियों के पुनर्भरण से बचना चाहते हैं जबकि हाईकोर्ट द्वारा 8 जनवरी 2026 को दिए गए फैसले में भुगतान हेतु आदेशित किया गया है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग एवं सरकार अभी तक हठधर्मी बने हुए हैं और भुगतान करने से बचना चाह रहे हैं। पूर्व में भी विभाग से इस संबंध में निवेदन किये जा चुके हैं लेकिन विभाग ने मौन धारण कर रखा है। इसलिए आज विभिन्न संगठनों के सामूहिक मंच प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के बैनर तले शिक्षा विभाग को इस संबंध में अपने स्पष्ट दिशा निर्देश अधिकतम 10 दिनों में जारी करने हेतु ज्ञापन देकर चेतावनी दी गई है कि यदि आगामी 10 दिनों में शिक्षा विभाग ने प्री प्राईमरी कक्षाओं हेतु पुनर्भरण के स्पष्ट दिशा निर्देश जारी नहीं किए तो एक भी प्राईवेट स्कूल प्री प्राईमरी कक्षाओं में किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश नहीं देंगे।

खैरीवाल ने बताया कि इसके साथ साथ ज्ञापन में वर्तमान सत्र 2025-26 का शीघ्र भुगतान करने हेतु आग्रह करते हुए अप्रैल महीने में दोनों किश्तों का भुगतान एक साथ करने हेतु मांग की गई है। उन्होंने बताया कि सत्र 2018-19, सत्र 2019-20, सत्र 2020-21 में भुगतान हेतु लगाए गये बैरियर्स हटाकर रोका गया भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। कोरोना के दौरान आफलाइन अध्यापन कराने वाले वाले स्कूल्स को बिना शर्त त्वरित भुगतान की मांग भी ज्ञापन में की गई है। आरटीई शुरू होने से लेकर अब तक भुगतान से वंचित या अन्य किसी तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल पर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट अपलोड नहीं कर सकने वाले स्कूल्स को एक अवसर और देने की मांग भी इस ज्ञापन में की गई है। लगातार पांचवें वर्ष भी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं करने का विरोध जताते हुए यूनिट कॉस्ट को तर्कसंगत बनाने की मांग भी उल्लेखित है। खैरीवाल ने बताया कि इस अवसर पर फेडरेशन के सहसचिव लोकेश कुमार मोदी, प्रभुदयाल गहलोत, तरविन्दर सिंह कपूर, रमेश बालेचा, रघुनाथ बेनीवाल, घनश्याम साध हरिनारायण स्वामी, अभिजीत व्यास, रविकांत पुरोहित, सोमेश्वर स्वामी, रामदेव गौर, युवराज जैन, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, उदयवीर सिंह, भरतसिंह राठौड़, पंकज गौड़, घनश्याम स्वामी, कुणाल सिंह कपूर सहित अनेक प्राईवेट स्कूल्स संचालक उपस्थित थे।

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