
बीकानेर | 6 अप्रैल, 2026 राजस्थान शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत सत्र 2026-27 के प्रवेश नियमों में अपनी सख्त नीति को बदलते हुए ‘यू-टर्न’ ले लिया है। पहले विभाग ने स्पष्ट किया था कि अंतिम तिथि के बाद ऑनलाइन आवेदन में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा, लेकिन अब हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विभाग को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सीताराम जाट के हस्ताक्षर से जारी यह संशोधित आदेश 4 अप्रैल की रात करीब 10 बजे तैयार हुआ, जो 5 अप्रैल की रात तक सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से सार्वजनिक हुआ। हालांकि इस आदेश में विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि अभिभावकों द्वारा ‘रि-अपलोड’ किए गए दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी किसकी होगी—निजी स्कूल प्रबंधन की या शिक्षा विभाग के अधिकारियों (CBEO/DEO/JD) की?
प्रवेश प्रक्रिया में होगी देरी, पर हजारों को मिलेगी राहत
विभाग के इस फैसले से आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के समय चक्र (Timeframe) में बदलाव होना तय है, जिससे सत्र में कुछ विलंब हो सकता है। बावजूद इसके, यह निर्णय उन हजारों अभिभावकों के लिए संजीवनी साबित होगा जिनके आवेदन तकनीकी त्रुटियों या दस्तावेजों की कमी के कारण निरस्त होने की कगार पर थे।
विभाग द्वारा जारी संशोधित कैलेंडर के अनुसार अब प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में संपन्न होगी –
प्रथम चरण (संशोधन व निस्तारण): दस्तावेज रि-अपलोड: 6 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक। ऑनलाइन परिवेदना (शिकायत): रिजेक्शन की स्थिति में 17 अप्रैल तक मौका।
द्वितीय चरण (रिक्त सीटों हेतु): नया अलॉटमेंट (NIC द्वारा): 21 अप्रैल 2026। दस्तावेज वेरिफिकेशन: 28 अप्रैल 2026 तक। रि-अपलोड सुविधा: 30 अप्रैल 2026 तक। ऑनलाइन परिवेदना: 8 मई 2026 तक।
तृतीय चरण (अंतिम अवसर): सीट अलॉटमेंट: 12 मई 2026। वेरिफिकेशन अवधि: 12 से 14 मई 2026। संशोधित दस्तावेज रि-अपलोड: 12 से 18 मई 2026। अंतिम परिवेदना अवसर: 12 से 20 मई 2026।