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ओरण दिवस पर वृक्षों के बांधे रक्षा सूत्र, लगाए परिंडे, संरक्षण का लिया संकल्प

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ओरण-गोचर विकास बोर्ड के गठन की फिर उठी मांग

प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाता है ओरण दिवस

बाड़मेर। स्थानीय राणीगांव में 26 अप्रैल को 22वां ओरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत धर्म पुरी महाराज ने की। ओरण बचाओ आन्दोलन के जिला संयोजक मुकेश बोहरा के अनुसार ओरण पूजन, पौधारोपण, वृक्षों को रक्षासूत्र, पंछियों के लिए परिण्डे एवं ओरण-गोचर संरक्षण के संकल्प इत्यादि आयामों का आयोजन किया गया। बोहरा ने बताया कि राणीगांव में वर्ष 2002 में हुए ऐतिहासिक ओरण बचाओ आन्दोलन की स्मृति में प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को ओरण दिवस’ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि राणीगांव में चौहटन रोड़ फांटा पर विस्तृत भू भाग में फैली धर्मपुरीजी महाराज की ओरण को महंत मोहनपुरी जी महाराज के सानिध्य में भूमाफियों एवं स्वार्थी तत्वों के चुंगल से बड़ी जदोजहद के बाद मुक्त करवाई गई थी। कार्यक्रम में ओरण-गोचर कार्यकर्ता हाकमसिंह ने ओरण-गोचर व चारावाह विकास को लेकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ओरण गोचर के संरक्षण के संबंध में ओरण गोचर विकास बोर्ड के गठन की मांग दोहराई गयी।

बाबूलाल वादी, जितेन्द्र भंसाली, डालूराम सेजू, हरीश बोथरा, गुलाबसिंह राठौड, बंशी मेघवाल, रायमल रबारी, गौतम बोहरा, विक्रमसिंह, प्रवीण धनदे, दिनेशकुमार सहित कई पर्यावरण प्रेमी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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