संशोधन के बाद अब इस तरह की रहेगी आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया, लॉटरी का समय निर्धारित

पीपी 4+ एवं पीपी 5+ में प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन

जयपुर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 की लॉटरी 19 मई 2023 को एनआईसी द्वारा निकाली जाएगी। लॉटरी के लिए सुबह 9 बजे का समय प्रस्तावित किया गया है। एक साथ चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया के विरोध एवं कोर्ट के आदेश के कारण 20 अप्रैल को निकलने वाली लॉटरी स्थगित कर दी गई थी। आंशिक संशोधन के साथ अब लॉटरी ठीक 30 दिनों बाद शुक्रवार को निकाली जा रही है। इस संबंध में 15 मई को शिक्षा विभाग ने संशोधित टाईम फ्रेम जारी करते हुए लॉटरी हेतु 19 मई तारीख तय की थी। इस एक माह की अवधि में जहाँ प्राईवेट स्कूल्स वाले तरह तरह के कयास लगा रहे थे वहीं अभिभावक भी पशोपेश में थे। असमंजस की स्थिति के बादल शुक्रवार सुबह लॉटरी निकलते ही छंट जाएंगे और नयी प्रवेश प्रक्रिया भी स्पष्ट हो जाएगी।

ये संशोधन किए गए हैं

जो संशोधन किए गए हैं उनके मुताबिक सत्र 2022-23 में प्री प्राईमरी क्लासेज में प्रवेश होने के बाद भी प्रवेश से वंचित रहे स्टूडेंट्स को लॉटरी में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पी पी 4+ एवं पी 5+ में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार इन कक्षाओं में उसी विद्यालय की पिछली कक्षा से प्रमोट होकर आने वाले बच्चों पर आरटीई के अंतर्गत प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन कक्षाओं में सत्र 2023-24 में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के मुताबिक आरटीई के अंतर्गत प्रवेश देना होगा। पी पी 3+ एवं पहली में सभी नॉन आरटीई स्टूडेंट्स के आधार पर आरटीई प्रवेश दिए जायेंगे।

नहीं किया जाएगा भुगतान

आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स के लिए पुनर्भरण की कोई व्यवस्था सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा नहीं की गई है। विभाग व सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा पहली से आठवीं तक के आरटीई स्टूडेंट्स के लिए ही अनुदान दिया जाता है इसलिए राज्य सरकार यह भुगतान करने में सक्षम नहीं है। हालांकि स्कूल क्रांति संघ ओर से जयपुर हाइकोर्ट बेंच में इस संबंध में याचिका विचाराधीन है।

विरोध की सुगबुगाहट शुरू

शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला एवं निदेशक डॉ. गौरव अग्रवाल द्वारा आरटीई के अंतर्गत केवल एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु सिद्धांततः सहमति देने के बावजूद इस तरह से प्रवेश प्रक्रिया जारी किए जाने की जानकारी मिलते ही प्राईवेट स्कूल्स के संगठनों ने विरोध का मानस बना लिया है। स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा ने कहा कि ये सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा उनके साथ सरासर पक्षपात, अन्याय एवं धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला एवं 20 अप्रैल को निदेशक अग्रवाल के साथ हुई वार्ता में स्पष्ट रूप से दोनों ने ही एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु सिद्धांततः सहमति दी थी लेकिन मामूली सा संशोधन किया है और इस तरह के संशोधन संबंधित चर्चा तक दोनों वार्ताओं में नहीं हुई थी। यह संशोधन पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि उनके संगठन द्वारा पहले ही इस संबंध में न्यायालय की शरण ली जा चुकी है।

दो बड़ी वजहों के चलते एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन की नहीं हो सकी व्यवस्था

विश्वत सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्री एवं विभाग चाहते हुए भी दो बड़ी वजहों के कारण एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु प्रक्रिया लागू नहीं कर सके। पहली वजह हाईकोर्ट द्वारा उन स्कूल्स के विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लेने का वो आदेश बना जिसमें कहा गया था कि सत्र के समाप्त होने के समय में शुरू की प्रवेश प्रक्रिया को यदि किन्हीं विद्यालयों द्वारा नहीं मानते हुए प्रवेश नहीं दिए गए हैं तो ऐसे स्कूल्स के विरुद्ध विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में हजारों स्टूडेंट्स के एडमिशंस होने के बाद भी अनेक स्कूल्स द्वारा प्रवेशित नहीं किया गया। चूंकि ये सभी स्टूडेंट्स प्री प्राईमरी की तीनों ही कक्षाओं के थे तो सरकार की मजबूरी थी कि अब इन स्टूडेंट्स को अगली कक्षाओं में प्रवेश देने की व्यवस्था करे। दूसरी वजह लगभग 5 लाख से अधिक संख्या में आनलाईन आवेदन 18 अप्रैल तक हो चुके थे। ये आवेदन प्री प्राईमरी एवं पहली सहित चारों कक्षाओं के लिए किए गए। ऐसे में सरकार व शिक्षा विभाग चाहते हुए भी एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु प्रक्रिया नहीं बना सका। अलबत्ता उन्होंने गली निकालकर एक रास्ता बनाने की कोशिश जरूर की है, जिसके अंतर्गत पी पी 4+ एवं पी पी 5+ में उसी स्कूल में प्रमोट होने वाले स्टूडेंट्स के आधार पर आरटीई की सीट्स निर्धारित नहीं की जाएगी। इन कक्षाओं में इस सत्र 2023-24 में नवीन प्रवेश लेने वाले नॉन आरटीई के स्टूडेंट्स की संख्या के आधार पर आरटीई की सीट्स का निर्धारण किया जाएगा।

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