
भरतपुर। सेवारत तृतीय श्रेणी शिक्षक के सेवा संबंधित संशोधित आदेश निकालने की एवज में घूस लेना अतिरिक्त जिला अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), भरतपुर को महंगा पड़ गया। जयपुर में पदस्थापित तृतीय श्रेणी शिक्षक की शिकायत पर धौलपुर एसीबी ने यह कार्रवाई की तथा एडीईओ सुनील अग्रवाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। संबंधित टीचर ने एसीबी के जयपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी थी, जिस पर जयपुर कार्यालय द्वारा धौलपुर एसीबी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
मिली जानकारी के मुताबिक परिवादी शिक्षक जयपुर में सेवारत है और कोर्ट के आदेश से भरतपुर आ गया। जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर दयाल बंसल द्वारा 28 अगस्त 2022 को जारी आदेश में संबंधित टीचर को प्रोविजनल पीरियड दुबारा करने के लिए निर्देशित किया गया था। बाद में एक आदेश 10 मई 2023 को भी जारी हुआ। ये दोनों आदेश लेकर टीचर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचा। वहाँ उसने एडीईओ सुनील अग्रवाल को दोनों आदेश प्रस्तुत किए। दोनों आदेश देखकर एडीईओ अग्रवाल ने संशोधित आदेश की एवज में आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी। एडीईओ ने संबंधित टीचर को कहा कि कार्यालय में नई चेयर्स की आवश्यकता है और इस लिए संशोधित आदेश निकालने हेतु आठ हजार रुपये देनें होंगे। इसके बाद टीचर ने जयपुर एसीबी में शिकायत दर्ज करायी। जिसके सत्यापन हेतु बुधवार को एसीबी धौलपुर ने कार्रवाई की और एडीईओ को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
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