नई दिल्ली । केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने विद्यार्थियों को भ्रामक विज्ञापनों के जरिए गुमराह करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इस कड़ी में राजस्थान के दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों सीएलसी (सीकर) औरमोशन (कोटा) पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
क्या है मामला ?
प्राधिकरण की जांच में यह पाया गया कि इन दोनों संस्थानों ने NEET, IIT और JEE Advanced जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में “सर्वाधिक सफल परिणाम” देने के जो दावे समाचार पत्रों में प्रकाशित किए थे, वे पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक थे।
कार्रवाई का विवरण
जांच के बाद प्राधिकरण ने दोनों संस्थानों पर आर्थिक दंड लगाते हुए दोनों कोचिंग्स को सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करने एवं और भविष्य में फेक विज्ञापन प्रकाशित नहीं करने हेतु पाबंद किया है। सीकर स्थित सीएलसी कोचिंग पर 5 लाख तथा कोटा स्थित मोशन कोचिंग पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई उन सभी शिक्षण संस्थानों के लिए एक चेतावनी है जो छात्रों और अभिभावकों को लुभाने के लिए झूठे आंकड़ों और परिणामों का सहारा लेते हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रामक प्रचार अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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