
बीकानेर। ‘बड़ी मैम’ के नाम से प्रसिद्ध शांता भट्ट का देहावसान 19 अप्रैल 2023 को सुबह 7:30 बजे हो गया। उनकी अंतिम यात्रा उनके द्वारा संस्थापित विद्यालय बाल बाड़ी से दोपहर लगभग 1 बजे रवाना हुई। उनका अंतिम संस्कार नोखा रोड़ स्थित नागरिक सेवा समिति द्वारा संचालित अंत्येष्टि स्थल पर किया गया। उनके पुत्र राजकुमार भट्ट ‘राजू सर’ ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
जैसे ही बड़ी मैम के निधन की खबर उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर में फैली, यहां शोक की लहर व्याप्त हो गयी। 94 वर्षीय बड़ी मैम पिछले लगभग छह महीनों से अस्वस्थ चल रही थी। लगभग एक पखवाड़े पहले मैम ने खाना पीना त्याग दिया था। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय द्वारकानाथ भट्ट एवं शांता भट्ट ने 1962 में बाल बाड़ी स्कूल की गंगाशहर में स्थापना की। उन्होंने इतनी मेहनत की कि बाल बाड़ी स्कूल का नाम एक मॉडल के रूप में प्रसिद्ध हो गया। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा जब तक स्कूल की रैंकिग का सिलसिला चला बाल बाड़ी स्कूल की रैंकिंग पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर ही रही।
प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बड़ी मैम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका जाना अपूरणीय क्षति है। सवाई सिंह राजपुरोहित, सिकंदर यादव, डॉ. अभय सिंह टाक, प्रभुदयाल गहलोत, सूरज रतन तंवर इत्यादि ने भी बड़ी मैम के देहावसान को अपूरणीय क्षति बताया है।



