बीकानेर, 05 जून। शीतला गेट स्थित शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के इको क्लब, करुणा क्लब एवं स्काउट व गाइड द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पालसिये लगाए गए।
शाला की करुणा क्लब की सदस्या तनिषा सोलंकी, भावना अग्रवाल, भावना सोलंकी, निशा सैन और शाला के स्काउट छात्र विशाल दईया, नैतिक टाक, सहदेव सैन, रेहान, नमन तंवर, रहमानुदीन आदि ने मिलकर पक्षियों के लिए अलग अलग जगह पालसिये लगाए व चुगे की व्यवस्था की। शाला सचिव रमेश कुमार मोदी ने बताया कि हमें पर्यावरण के संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक जीव जंतु का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने पॉलिथीन भगाओ पर्यावरण – बचाओ का संकल्प भी दिलाया।
शाला के करुणा क्लब प्रभारी सौरभ बजाज ने शाला में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधों को लगाकर लगातर उनकी सेवा करने का संकल्प भी दिलाया।
शाला प्रधान हनुमान छींपा ने कहा कि कि पेड़ पौधों व जीव जंतुओं के लिए निरंतर पानी की व्यवस्था करना हमारा कर्तव्य है।
बीकानेर। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के तत्वावधान में 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत इको फ्रेंडली कैरी बैग्स वितरित किये जायेंगे।अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी की पर्यावरण जागरूकता अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. नीलम जैन ने बताया कि अणुव्रत विश्व भारती को लगभग 194 समितियों और मंचों ने पर्यावरण संरक्षण संबंधित गतिविधियां आयोजित करने के लिए सहयोग प्रदान करने की सहमति दी है। डॉ. जैन ने बताया कि अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है। धरती की सेहत के लिए इको फ्रेंडली कैरी बैग को अपनाना एक अहम कदम होगा। इस कदम के माध्यम से हम सभी को अपने पर्यावरण की रक्षा में योगदान करने का मौका मिलेगा।
अणुव्रत विश्व भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश नाहर, उपाध्यक्ष एवं पर्यावरण प्रभारी प्रताप दुग्गड़ तथा महामंत्री भीखम सुराणा के अनुसार ये अणुव्रत समितियां और मंच अणुव्रत वाटिका, पर्यावरण गोष्ठियां, पौधरोपण, पौध वितरण, पेड़ पौधों की सारसंभाल, इको फ्रेंडली बैग बनाने के प्रशिक्षण जैसे पर्यावरण संरक्षण के आयामों का संपादन किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2023 – 24 के बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा घोषित मुख्यमंत्री फीस पुनर्भरण योजना के तहत एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को भुगतान मिलेगा या नहीं… जानने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें।
विभाग ने घोर लापरवाही मानते हुए कड़ी कार्रवाई हेतु जारी किए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में प्राईवेट स्कूल्स द्वारा वर्तमान शिक्षा सत्र में आरटीई के अंतर्गत रूचि नहीं दिखाए जाने के कारण कई बच्चों को शिक्षा के अधिकार का लाभ नहीं मिल पाया। मिली जानकारी के मुताबिक 1955 स्कूल्स के शिक्षा विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करने की वजह से इस साल आरटीई कोटे में काफी कम सीट्स दर्ज हुई हैं। नतीजतन बड़ी संख्या में बच्चों को शिक्षा का अधिकार कानून का लाभ नहीं मिल पाया। शिक्षा विभाग ने इसे प्राईवेट स्कूल्स की घोर लापरवाही मानते हुए पंजीयन नहीं कराने वाली 1955 प्राईवेट स्कूल्स को नोटिस भेजकर कारण पूछा है।
अभी तक देहरादून में ही नोटिस भेजे जाने की जानकारी मिली है। विभाग ने अब बाकी जिलों में भी नोटिस भिजवाने की तैयारी कर ली है। डीजी शिक्षा बंशीधर तिवाड़ी ने बताया कि स्कूल्स की लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। संतोषजनक जवाब न देने वाले स्कूल्स की मान्यता भी सस्पेंड की जा सकती है।उनके मुताबिक सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पंजीकरण नहीं कराने वाले स्कूल्स के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
विदित रहे कि राज्य में 4433 मान्यता प्राप्त गैर सरकारी शिक्षण संस्थाएं हैं। आरटीई के अंतर्गत प्रतिवर्ष शिक्षा विभागीय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाते हुए प्रत्येक स्कूल को आरटीई कोटे के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत सीट्स का ब्योरा देना होता है, लेकिन इस साल 2478 स्कूल्स ने ही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया। बाकी 1955 स्कूल्स ने आरटीई एडमिशन से दूरी बना ली। इस कारण राज्य में आरटीई कोटे के अंतर्गत लगभग 23 हजार स्टूडेंट्स को ही प्रवेश मिल सका है जबकि पिछले वर्ष तक ये संख्या 30 हजार से अधिक तक रहती थी।
शीघ्र ही मिलेगा वंचित बच्चों को एक और अवसर
विभागीय सूत्रों के अनुसार आरटीई कोटे के तहत एडमिशन से वंचित छात्र-छात्राओं को जल्द ही दोबारा आवेदन करने का मौका दिए जाने हेतु टाईम फ्रेम बनाया जा रहा है। एपीडी-समग्र शिक्षा अभियान डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि विभागीय स्तर पर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। जिन स्टूडेंट्स को प्रथम चरण में एडमिशन से वंचित रहना पड़ा है, वे भी पुनः प्रयास कर सकेंगे।
बीकानेर। जिला जिम्नास्टिक संघ एवं पवनपुरी दक्षिण विस्तार कॉलोनी विकास समिति के तत्वावधान में 3 जून से 9 जून 2024 तक सामुदायिक भवन ,पवनपुरी दक्षिण विस्तार कॉलोनी में शाम साढ़े पांच बजे से शाम साढ़े सात बजे तक 7 दिवसीय नि:शुल्क जिम्नास्टिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। नि:शुल्क जिम्नास्टिक प्रशिक्षण शिविर में पांच वर्ष आयु वर्ग व इसके ऊपर आयु वर्ग के बालक – बालिकाएं भाग ले सकते हैं।
इस शिविर में कोच संतोष कुमार नायक, जिम्नास्टिक्स खेल के नियम, सावधानियों, डाइट, फिटनेस एवं जिम्नास्टिक से होने वाले शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व शारीरिक विकास के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण एवं अभ्यास करायेंगे। शिविर के दौरान जिला जिम्नास्टिक संघ के अध्यक्ष सीए सुधीश शर्मा, सचिव प्रदीप सिंह एवं योग प्रशिक्षक विनोद जोशी के मार्गदर्शन में इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
परिणाम जारी करने की बोर्ड ने कर ली है पूरी तैयारी, आज तारीख घोषित करने की कवायद में लगा है बोर्ड
अजमेर। सत्र 2023-24 में राजस्थान के दसवीं की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित लगभग 12 लाख परीक्षार्थियों के परिणाम को लेकर किए जा रहे इंतजार के खत्म होने का वक्त अब आ गया है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर दसवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम अगले एक दो दिन में जारी किए जाने की कवायद में जुटा हुआ है। बोर्ड द्वारा आज परिणाम की तारीख घोषित किए जाने की पूरी संभावना है। बोर्ड के सचिव कैलाश चंद्र शर्मा से हुई चलायमान वार्ता के मुताबिक बोर्ड द्वारा परिणाम की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। बोर्ड की कोशिश है कि परिणाम 29 या 30 मई को घोषित कर दिया जाए। बोर्ड के प्रशासक बोर्ड कार्यालय से परिणाम जारी करेंगे।
मिली जानकारी के मुताबिक परिणाम संबंधित बैठक बोर्ड द्वारा 27 मई को आयोजित की जा चुकी है। सचिव कैलाश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बोर्ड की गोपनीय शाखा, परीक्षा शाखा और आईटी से जुड़े अफसरों के साथ ही ओएसडी नीतू यादव शामिल हुईं। राजस्थान बोर्ड आज मंगलवार को रिजल्ट की डेट डिसाइड कर सकता है।
सोनाली की रचनाओं ने किया अभिभूत : साहित्य, शिक्षा, पुलिस, प्रशासन, चिकित्सा, विधि, व्यवसाय इत्यादि क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों ने की खूब सराहना
बीकानेर। वॉयस आफ एज्यूकेशन “ज्ञानायाम” के माध्यम से शनिवार रात्रि में होटल भंवर निवास में आयोजित हुए “किस्से और कहानियां” कार्यक्रम में बीकानेर – जयपुर की नवोदित कवयित्री सोनाली खत्री ने अपने रचना – संसार को प्रस्तुत किया। सोनाली ने अपने रचना पाठ की शुरुआत उसके द्वारा सातवीं कक्षा में लिखी गई कविता “पापा कितने अनमोल होते हैं…” से की। “खुद का सहारा हूँ मैं…” कविता सुनाकर सोनाली ने अपने जीवन में आए विभिन्न संघर्षों पर रोशनी डाली और माहौल को भावुकता से सराबोर कर दिया। उसके द्वारा प्रस्तुत “कोई न जाने…”, “तेरी याद में…, ” ये जख्म मुझे पूछते हैं…,” रचनाओं को उपस्थित सुधि दर्शकों ने खूब सराहा। लगभग 40 मिनिट की अपनी विभिन्न कविताओं एवं रचनाओं का समापन सोनाली ने “मोहब्बत है तो हम सब हैं… ” खुशनुमा कविता प्रस्तुत कर किया।
कवयित्री मोनिका गौड़ ने अपनी पुस्तक भेंट कर सोनाली को दिया आशीर्वाद
इस अद्भुत कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कथाकार – साहित्यकार बुलाकी शर्मा ने सोनाली को ढेर सारा आशीर्वाद दिया तथा उसकी रचनाओं की खुले मन से सराहना की।
इस अवसर पर आर्काईज के डायरेक्टर नितिन गोयल, जिला कोषाधिकारी धीरज जोशी, सी.ओ. (गंगाशहर) शालिनी बजाज, शिक्षाविद – पत्रकार डॉ. अभय सिंह टाक, वरिष्ठ कवयित्री मनीषा आर्य सोनी एवं मोनिका गौड़, कॉलेज व्याख्याता सुनीता बिश्नोई, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता गुलाटी, आर एन आरएसवी की शिक्षिका सुनीता शर्मा, समाजसेवी लक्ष्मण मोदी, कुलवंत खत्री, ज्योति सुथार, एडवोकेट श्याम सुंदर कुलरिया, डॉ. पुखराज, डॉ. शिवशंकर, डॉ. देवी सिंह, समाजसेवी ऋत्विक सेठिया इत्यादि ने अपने अपने संक्षिप्त संबोधनों में सोनाली की कविताओं की भरपूर तारीफ की तथा निरंतर आगे बढते रहने के लिए आशीर्वाद दिया।
रवि अग्रवाल ने सोनाली का परिचय देते हुए बताया कि सोनाली बीकानेर से है तथा जयपुर रहती हैं। इन्होंने साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु ओ पी जी एस यूनिवर्सिटी की अपनी व्याख्याता की सेवाओं से त्यागपत्र दे दिया है। रवि ने बताया कि सोनाली ने अपनी एल एल एम यूनिवर्सिटी आफ लंदन के स्कूल आफ ओरियंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज़ से पूरी की है। सोनाली का बीकानेर में यह पहला साहित्यिक प्रस्तुतियों का कार्यक्रम है।
सोनाली की माताजी सीमा खत्री ने इस अवसर कहा कि सोनाली को बचपन से ही कविताएं लिखने का शौक था, इस शौक को इसके पिताजी ने खूब प्रोत्साहित किया था। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेविका श्रीमती अंजू रामपुरिया ने कैंडल रोशन कर किया। कार्यक्रम के दौरान सोनाली का सम्मान शॉल, डायरी, पेन, पुष्पगुच्छ एवं साहित्य भेंट कर किया गया। सोनाली की माताजी सीमा खत्री का सम्मान भी शॉल भेंटकर किया गया। आयोजन की महता, सभी विशिष्ट आगतुंकों का परिचय, स्वागत संबोधन एवं आभार ज्ञानायाम के समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने प्रस्तुत किया। मंच संयोजन विष्णु ने किया। नम्रता एवं सृष्टि ने बुके भेंटकर कर सोनाली का स्वागत किया।
उपनिदेशक (छात्रवृति) सुनीता चावला उद्बोधन देते हुए
पैपा एवं ज्ञानायाम का साझा आयोजन
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा)सुनील बोड़ा विचार व्यक्त करते हुए
सभी अतिथियों एवं संभागियों ने कार्यक्रम को बहुत सार्थक बताया
बीकानेर, 13 मई। प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) एवं वॉयस आफ एज्यूकेशन “ज्ञानायाम” द्वारा प्राईवेट स्कूल्स की विभिन्न जिज्ञासाओं के समाधान के लिए होटल पाणिग्रहण एवं गोयल एंपोरियम के सहयोग से ज्ञानोल्लास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभिनव कार्यक्रम साढ़े चार घंटे तक चला लेकिन प्राईवेट स्कूल्स के संचालक एकटक जमे रहे। अपनी महत्वपूर्ण जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर वे बहुत संतुष्ट प्रतीत हो रहे थे। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि आरटीई की सहायक निदेशक श्रीमती चंद्र किरण पंवार, पीएसपी (प्रारंभिक शिक्षा) के प्रभारी अरुण स्वामी एवं पीएसपी (माध्यमिक शिक्षा) प्रभारी बृजेश वैष्णव ने प्राईवेट स्कूल्स के नियमित निरीक्षण, आरटीई, मान्यता, क्रमोन्नति, फीस एक्ट, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर इत्यादि से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर पर उपनिदेशक (छात्रवृत्ति) श्रीमती सुनीता चावला ने विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। मोटिवेशनल स्पीकर एवं लाईफ कोच डॉ. गौरव बिस्सा ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता प्राईवेट स्कूल्स तथा उनके टीचर्स के प्रभावी योगदान को उजागर करते हुए समाज में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया। अतिरिक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, श्रीमती प्रतिभा देवठिया ने मुख्य अतिथि, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा के ओएसडी कुंजीलाल स्वामी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सुनील बोड़ा तथा गोयल एंपोरियम के डायरेक्टर संजीव गोयल ने कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। वरिष्ठतम पत्रकार संतोष जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सभी अतिथियों ने अपने अपने संबोधनों में ज्ञानोल्लास को बेहद सार्थक एवं सराहनीय बताया। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने सभी अतिथियों का परिचय देते हुए कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। खैरीवाल ने पैपा की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी तथा भावी योजनाओं के बारे बताया। सौरभ बजाज ने कार्यक्रम का मंच संयोजन किया। सी ओ (स्काउट) जसवंत सिंह राजपुरोहित ने सभी का आभार प्रकट किया। अश्लेषा खैरीवाल ने कार्यक्रम में सम्मिलित हुए सभी अतिथियों एवं संभागियों का तिलक लगाकर स्वागत किया।
मान सम्मान एवं अभिनंदन भी होते रहे
कार्यक्रम के दौरान हुए सम्मान समारोह में सभी अतिथियों एवं जिज्ञासा समाधानकर्ता शिक्षाधिकारियों का अभिनंदन शॉल, माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा के ओएसडी कुंजीलाल स्वामी, होटल पाणिग्रहण के पुनीत शर्मा, गोयल एंपोरियम के डायरेक्टर संजीव गोयल, पल्लवी एंटरप्राइजेज के विमल किराडू एवं सिंथेसिस के मनोज बजाज, शांति बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय के लोकेश कुमार मोदी, ए एस पी के पुरूषोत्तम चौहान, श्री गणेश बाल विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती संतोष व्यास, सी. ओ. स्काउट जसवंत सिंह राजपुरोहित तथा जार के बीकानेर जिला अध्यक्ष श्याम मारू, पत्रकार नरेश मारू इत्यादि का विशेष अभिनंदन स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंटकर किया गया। कार्यक्रम में 111 स्कूल संचालकों का अभिनंदन स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। टीम पैपा एवं ज्ञानायाम का भी अभिनंदन स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। सैन स्टूडियो, मनन प्रोडक्शन एवं संवित् सांउड को भी मोमेंटो से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अपनी सुमधुर वाणी में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले हरि किशन व्यास, विमल किराडू, विशाल आचार्य, श्याम सुंदर, हरिनारायण स्वामी एवं इंद्रा बालेचा का भी अभिनंदन किया गया।
ज्ञानायाम के विशेषांक का हुआ लोकार्पण
इस अवसर पर ज्ञानायाम के विशेषांक का लोकार्पण संतोष जैन, डॉ. गौरव बिस्सा, सुनील बोड़ा, चंद्र किरण पंवार, अरूण स्वामी, बृजेश वैष्णव एवं गिरिराज खैरीवाल ने किया।
होटल पाणिग्रहण एवं फैमिली वियर गारमेंट्स शो रूम गोयल एंपोरियम के सहयोग से 12 मई की शाम को होगा आयोजन
बीकानेर, 09 मई। प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) एवं वॉयस आफ एज्यूकेशन “ज्ञानायाम” के संयुक्त तत्वावधान में 12 मई को होटल पाणिग्रहण में आयोज्य अपडेशन कार्यशाला एवं स्नेह मिलन समारोह “ज्ञानोल्लास” के बैनर का लोकार्पण बुधवार को जिला परिषद के सी ई ओ सोहनलाल, पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल एवं लोकेश कुमार मोदी ने किया।
लोकार्पण के दौरान खैरीवाल ने सीईओ सोहनलाल को पैपा एवं ज्ञानायाम तथा आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। खैरीवाल ने बताया कि होटल पाणिग्रहण एवं फैमिली वियर गारमेंट्स शो रूम गोयल एंपोरियम के सहयोग से हो रहे इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा मान्यता, क्रमोन्नति, आरटीई, फीस एक्ट इत्यादि के संबंध में प्राईवेट स्कूल्स के प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रविवार शाम को कार्यक्रम निर्धारित समय 5 बजे शुरू हो जाएगा।
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ रक्त दान शिविर
बीकानेर, 5 मई। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता – संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में रविवार को बीकानेर केंद्र द्वारा लगाए गए रक्त दान शिविर में 142 यूनिट रक्त दान हुआ।
आर्ट ऑफ लिविंग ब्यूरो कम्यूनिकेशन के बीकानेर जोनल मीडिया कोऑर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल के मुताबिक ट्रांसपोर्टर गली स्थित कथूरिया भवन में लगे इस शिविर में संस्था के सदस्यों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा 142 डिवोटिज ने ब्लड डोनेट कर अपने गुरुदेव को एडवांस में बर्थडे विश किया। शिविर के संयोजक रवि कथूरिया एवं अनिल खजांची ने बताया कि गुरूदेव के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर केंद्र द्वारा हर वर्ष 13 मई से पहले आने वाले रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है।
इस अवसर पर स्टेट टीचर्स कॉर्डिनेटर जितेंद्र सारस्वत, जोनल टीचर्स कॉर्डिनेटर अजय खत्री, अपेक्स राजेश मुंजाल, वरिष्ठ प्रशिक्षिका साधना सारस्वत, ऋतुबाला शर्मा, स्वाति शर्मा, सुभाष दाधीच, खुशाल खत्री, रामदेव कुलरिया, जानकी वल्लभ, प्रकाश शर्मा सहित संस्था के अनेक सदस्यों ने विभिन्न व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला।
बीकानेर। आखिरकार शिक्षा विभाग ने राजकीय महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल्स को वापस हिंदी मीडियम में परिवर्तित करने का रास्ता निकाल ही लिया है। इसके लिए विभाग द्वारा एक फोरमेट का निर्धारण कर जिला स्तर पर अधिकारियों से इंग्लिश मीडियम स्कूल के मौजूदा हालात, टीचर्स की संख्या, स्टूडेंट्स की संख्या के साथ ही उसे फिर से हिंदी मीडियम में शुरू करने की सिफारिश मांगी है। इसके आधार पर फैसला कर शिक्षा विभाग इंग्लिश मीडियम स्कूल्स को फिर से हिंदी मीडियम में बदलेगा।
राजस्थान में चल रहे 2000 से ज्यादा महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों को हिंदी मीडियम में बदलने की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राजस्थान में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल्स की जरूरत को लेकर सरकार के स्तर पर रिव्यू किया जा रहा है। इसके बाद ही इन स्कूल्स के संचालन पर कोई निर्णय लिया जाएगा। दिलावर ने कहा कि सरकारी स्तर पर रिव्यू करने के साथ ही हम यह भी देखेंगे कि महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के अनुरूप है भी या नहीं है। इसी आधार पर अंतिम फैसला किया जाएगा। दरअसल, राजस्थान की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने प्रदेश में लगभग 2070 सरकारी शिक्षण संस्थाओं को अंग्रेजी मीडियम में कन्वर्ट कर उन्हें डेवलप किया था। इन स्कूलों को महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल का नाम दिया गया था। इन स्कूलों में दाखिले की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर गरीब परिवार के छात्र पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद अब शिक्षा विभाग ने इसमें बदलाव की कवायद तेज कर दी है। पिछले दिनों शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश में संचालित किए जा रहे महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल का रिव्यू करने का फैसला किया था। इसके बाद अब शिक्षा विभाग ने सभी संभाग और उपखण्ड स्तर से महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों के संचालन को लेकर पूरी रिपोर्ट मांगी है।
बीकानेर 03 मई।आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर केंद्र द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आर्ट ऑफ लिविंग ब्यूरो कम्यूनिकेशन के बीकानेर जोनल मीडिया कोऑर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोज्य कार्यक्रमों का आगाज 5 मई को रक्तदान शिविर के साथ शुरू होगा तथा 13 मई को सुमेरू भजन संध्या के साथ संपन्न होगा।
रक्तदान शिविर का इस वर्ष भी होगा आयोजन
संस्था के जोनल टीचर्स कॉर्डिनेटर अजय खत्री के मुताबिक 5 मई, रविवार को संस्था के वरिष्ठ सदस्य रवि कथूरिया एवं अनिल खजांची के नेतृत्व में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। विदित रहे कि पिछले कई वर्षों से संस्था द्वारा गुरूदेव श्री श्री रविशंकर के जन्मदिवस 13 मई से पहले आने वाले रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
आनंद की अनुभूति का साक्षात्कार : मेगा हैप्पीनेस कोर्स
संस्था की वरिष्ठ प्रशिक्षिका साधना सारस्वत के निर्देशन में 7 से 12 मई 2024 तक मेगा हैप्पीनेस कोर्स का आयोजन किया जाएगा। यह विशिष्ट कोर्स सुबह व शाम दोनों समय आयोजित किया जाएगा। इस कोर्स में आर्ट ऑफ लिविंग के टीचर्स द्वारा सुदर्शन क्रिया के अद्भुत प्रशिक्षण के साथ साथ ध्यान – ज्ञान एवं योग के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
13 मई को होगी भव्य सुमेरू भजन संध्या
13 मई शाम को 6:30 बजे से आयोज्य सुमेरू भजन संध्या में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुमेरु भजन गायक जितेंद्र सारस्वत द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं जाएंगी। खैरीवाल ने बताया कि सभी आयोजन ट्रांसपोर्ट गली, रानी बाजार स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के सेंटर कथूरिया भवन में आयोजित होंगे।
वृद्धाश्रम में होंगे सेवा कार्य
13 मई को गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस के अवसर पर वृद्धाश्रम में लोकेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में में लगातार पांचवें वर्ष भोजन – प्रसादी एवं सेवा कार्य किए जाएंगे।
बीकानेर। आल इंडिया मीडिया एसोसिएशन के बीकानेर जिलाध्यक्ष गिरिराज खैरीवाल ने बीकानेर जिले की कार्यकारिणी घोषित करते हुए डॉ. अभय सिंह टाक एवं डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली को महासचिव मनोनीत किया है। रघुनाथ बेनीवाल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रदान की है। उपाध्यक्ष पद पर विरेन्द्र आभाणी, जयपाल सिंह, नितिन शर्मा एवं संजय सांखला को नियुक्त किया है।
विजय कपूर, अश्विनी कुमार श्रीमाली, देवेन्द्र सारस्वत एवं नितिन खत्री को सचिव का दायित्व दिया गया है। संयुक्त सचिव पद पर जितेंद्र बालेचा की नियुक्ति की गई है। प्रकाशचंद सामसुखा, प्रमोद बहादुर सक्सेना, डॉ. नंदकिशोर पुरोहित एवं डॉ. तिलोक कुमार जैन को संरक्षक बनाया गया है। मंगल जोशी, लोकेश मोदी, कामिनी भोजक, पुरुषोत्तम चौहान, सौरभ बजाज, विष्णु कुमार पंवार एवं असगर अली को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है।
बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह हुआ संपन्न
बीकानेर, 29 अप्रैल। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा कि विद्यार्थी, वैदिक भारत के शाश्वत सिद्धांतों को आधार बनाकर ऐसे नवाचार करें, जो प्रकृति के अनुकूल हों। राज्यपाल श्री मिश्र सोमवार को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में निहित अद्वितीय क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों को तकनीकी शिक्षा में प्रधानता देने के लिए चिंतन की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों में इस तरह के शोध और अनुसंधान हों, जिससे देश के संसाधनों से स्थानीय उत्पादों का निर्माण हो सके। राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में शोध और अनुसंधान की मौलिक परंपरा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसी के अनुरूप भारतीय पारंपरिक ज्ञान को केंद्र में रखकर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाए। प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी मानव कल्याण के उद्देश्य के साथ युगानुकूल हो। राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत की शिक्षा का दृष्टिकोण विज्ञान, प्रौद्योगिकी, भारतीय दर्शन और नवाचार प्रतीक के रूप में खड़ा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज भी हमारे यहां वैज्ञानिक, तकनीकी और चिकित्सकीय शिक्षा अंग्रेजी में ही दी जाती है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत भारत सरकार द्वारा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसलेशन एंड इंटरप्रिटेशन की पहल की गई है। इसका उद्देश्य अंग्रेजी के साथ दूसरी भाषाओं में वैज्ञानिक, तकनीकी और चिकित्सकीय शिक्षा के पाठ्यक्रमों को सुलभ करवाना है। राज्यपाल ने बीकानेर की साहित्यिक परम्परा को रेखांकित किया और परम्परागत ज्ञान को आगे बढ़ाने में डॉ. छगन मोहता, हरीश भादाणी, रामदेव आचार्य और यादवेंद्र शर्मा जैसे साहित्यकारों के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इनके सृजन सरोकारों ने निरंतर मानवता को लाभान्वित किया है। उन्होंने बीकानेर की गंगा जमुना संस्कृति और यहां की पाटा संस्कृति को भी देशभर के लिए मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि बीकानेर में प्रौद्योगिकी विकास का भी अहम इतिहास रहा है, यहां के दूरदर्शी महाराजा गंगा सिंह ने वर्ष 1926 में रेल संसाधन बढ़ाने और उन्नत सिंचाई के लिए गंगनहर लाने जैसे ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने कहा कि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय बीकानेर के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर नए शोध संदर्भों में नए आयाम स्थापित करेगा। श्री मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति के अनुरूप ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करे, जिसमें हमारे प्राचीन ज्ञान के संदर्भों के साथ आधुनिक वैश्विक ज्ञान का समन्वय हो। श्री मिश्र ने कहा कि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान दर्शन और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों के साथ कौशल निर्माण और नैतिक उन्नयन से जुड़े पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए गए हैं। आने वाले समय में इसके बेहतरीन परिणाम आएंगे। राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में से 11 बालिकाएं हैं। यह संख्या इस बात की द्योतक है कि अवसर मिलने पर बालिकाएं अपने भविष्य के साथ राष्ट्र के भविष्य को भी सुदृढ़ बना सकती हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीष शरण विद्यार्थी ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के नवाचारों व प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संघटक एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक, परास्नातक, विद्या वाचस्पति की उपाधि के लिए लगभग 16 हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। साथ ही इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन संकाय के कुल सात अनुसंधान केंद्रों पर 17 विशेषज्ञता क्षेत्रों में विद्या वाचस्पति पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रो. अम्बरीष शरण ने बताया कि विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, कौशल-विज्ञान प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और अभिनव विचारों को विकसित करने के लिए आइडिया लैब एवं आई स्टार्ट इनक्यूबेशन की स्थापना की गई है। महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए एनसीसी महिला विंग सहित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को तनाव मुक्त जीवन जीने के प्रशिक्षण के लिए वैल्यू सेल आनंदम की स्थापना भी की गई है। उन्होंने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को 75 प्रतिशत तक की सीमा तक बढ़ाया गया है। तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को प्राचीन आविष्कार, कृषि, वन, वास्तुकला, ललित कला, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और भारतीयता से परिचित करवा कर स्वदेशी ज्ञान भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रो. विद्यार्थी ने कहा कि यहां से निकले विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय और जिले को नई पहचान दिलाई है। समारोह के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 बीआर्क, बी डिजाइन, बीटेक, एमटेक, एमबीए, एमसीए पाठयक्रम सहित कुल 20 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। वहीं बीटेक की 2 हजार 529, बीटेक (ऑनर्स) की 18, एमबीए की 426, एमसीए की 139, एमटेक की 42, बीआर्क की 3, बी-डिजाइन की 14 सहित कुल 3 हजार 171 डिग्रियां वितरित की। इससे पहले उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया। इस दौरान पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतीश कुमार गर्ग, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण कुमार, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित, संभागीय आयुक्त श्रीमती वंदना सिंघवी, जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक श्रीमती तेजस्विनी गौतम सहित विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल और विद्या परिषद सदस्य, विश्वविद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी, अभिभावक और आमजन मौजूद रहे। इससे पहले विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर राज्यपाल का गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान किया गया। राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। दीक्षांत समारोह की शुरुआत दीक्षांत परेड से हुई। इसके पश्चात विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया। कुलसचिव रामकिशोर मीणा ने आभार जताया।
प्रभारी सचिव नवीन जैन आर एन आरएसवी में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए
बीकानेर। राजस्थान के विद्यार्थियों को ‘असुरक्षित स्पर्श’ के बारे में जागरूक करने के लिए ‘गुड टच, बैड टच’ अभियान के तहत स्पर्श (गुड टच – बैड टच) मेंटोर तथा जिला प्रभारी सचिव नवीन जैन ने शुक्रवार को करणी नगर स्थित आरएन आरएसवी स्कूल में विद्यार्थियों से संवाद किया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को जागरुक करते हुए टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभाव और अच्छे तथा बुरे स्पर्श के प्रति महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान बताया कि बच्चों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के आंकड़े बहुत चौंकाने वाले हैं, इसलिए बच्चों को इस दिशा में स्वयं जानकर आगे आना होगा तथा गलत का विरोध करना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि इस कैंपेन के तहत अब तक 65 लाख से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों के माध्यम से तथा 15 लाख से अधिक बच्चों को स्पर्श वॉलिंटियर्स द्वारा गुड टच एवं बेड टच की जानकारी दी गई है। लगातार तीन चरणों में चले इस अभियान ने सफलता अर्जित की है। भावी शिक्षकों के लिए इस कैंपेन के महत्व पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसी को दृष्टिगत रखते हुए कैंपेन को भावी शिक्षकों के लिए भी बढ़ाया जा रहा है ताकि स्कूलों में शिक्षकों के माध्यम से इस जानकारी का आधिकारिक प्रचार प्रसार हो सके।
इस दौरान बीकानेर स्पर्श टीम से डॉ मुदिता पोपली, चंद्रप्रभा, सोनू राजपुरोहित, नवाब अली भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएएस यक्ष चौधरी तथा सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक सुशील शर्मा ने भी शिरकत की। स्कूल निदेशक पार्थ मिश्रा, व्यवस्थापक रामलाल स्वामी, शाला प्राचार्य बिंदु विश्नोई ने श्री जैन को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
बीकानेर। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी उच्च माध्यमिक विद्यालय के 3 स्टूडेंट्स ने राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में 3 गोल्ड एवं 3 सिल्वर मैडल जीतकर स्कूल को गौरवान्वित किया है। खेल प्रभारी विनय विश्नोई के अनुसार देवेंद्र सिंह ने दो गोल्ड मेडल एवं एक सिल्वर मेडल, कृष्ण स्वरूप मिश्रा ने एक गोल्ड मेडल एवं दो सिल्वर मेडल तथा आरव अग्रवाल ने एक सिल्वर मेडल हासिल किया।
इन स्टूडेंट्स को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया है। इन विद्यार्थियों को विद्यालय की प्रधानाचार्य निधि ने बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन की मंगल कामना की।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में भीषण सड़क हादसे में 8 स्कूली स्टूडेंट्स की हुई मौत, बस में सवार सभी स्टूडेंट्स हैं घायल, 10 स्टूडेंट्स की स्थिति नाजुक
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने व्यक्त की संवेदनाएं
महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नारनौल में कनीना के गांव उन्हानी में महिला महाविद्यालय के पास स्कूल बस पलटने से अब तक 8 बच्चों की मौत हो चुकी है। हादसे में 5 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य मासूमों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में अधिकांश बच्चे गांव धनौंदा के रहने वाले हैं। किसी दूसरे वाहन को ओवरटेक करते समय बस का नियंत्रण खो गया तो बस का ड्राइवर चलती बस से बाहर कूद गया और बस एक पेड़ से जा टकराई। बस में तकरीबन 45 स्टूडेंट्स सवार थे। गुरुवार को ईद उल फितर के अवकाश के दिन भी जीएल पब्लिक स्कूल कनीना की यह स्कूल बस सेहलंग, झाड़ली, धनौंदा से कनीना की ओर बच्चों को लेकर आ रही थी। दुर्घटना इतनी भयंकर थी कि बस पलटते ही स्कूली बच्चे बस के शीशों में से बाहर निकल कर गिर गए और भीषण चीख पुकार मच गई। इसी दौरान आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा होने लगे। लगभग आधे घंटे में ही 300 से अधिक लोग मौके पर पहुंच गए। हर कोई बच्चों को संभालने में जुटा था। उन्होंने बच्चों को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया। सड़क पर दोनों ओर से आ रहे वाहन चालकों ने मौके से बच्चों को बस से निकालकर अपने वाहनों में अस्पतालों में पहुंचाया। पुलिस को भी सूचना दे दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अर्थमूअर मशीन की सहायता से बस को उठाया और पुलिस थाने में ले गई। करीब दस बच्चों की हालत गंभीर है और सभी बच्चे घायल हैं। इनको तुरंत कनीना लाया गया। यहां से कुछ नारनौल, पीजीआइएमएस रोहतक और रेवाड़ी रेफर कर दिए गए। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ड्राईवर की लापरवाही को इस दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह बताया जा रहा है। घायल छात्रों में से कुछ बच्चों ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि ड्राइवर ने शराब पी हुई थी। एक बच्चे ने कहा कि ‘ड्राइवर ने पी रखी थी और बस की रफ्तार 120 से ज्यादा कर रखी थी। इसी के चलते संतुलन बिगड़ गया।’ इसके अलावा हादसे के बाद मौके पर जमा हुजूम में से भी कई लोगों ने ड्राईवर के शराब पीए हुए होने की बात कही। एसपी अर्श वर्मा ने बताया कि ड्राइवर को अरेस्ट कर लिया गया है। डॉक्टर फिलहाल ड्राइवर का मेडिकल कर रहे हैं। इससे पता चलेगा कि उसने शराब पी थी या नहीं। बस के कागज भी चेक कर रहे हैं। हरियाणा की शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने निजी अस्पताल में पहुंच कर छात्रों का हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संचालकों को भी नियमों का पालन करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि ड्राइवर के साथ-साथ स्कूल के प्रिंसिपल व मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईद के अवकाश के दिन स्कूल खोलना गंभीर बात है। उन्होंने इसको लेकर प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई जाए। हादसे को लेकर उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की तरफ से घायलों की हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की निगरानी में बेहतर उपचार हो रहा है। इसके साथ ही डीसी ने स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई करने की बात कही है। उधर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल की मान्यता को रद्द करने के लिए लिखे जाने की बात सामने आ रही है। देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, पूर्व सी एम मनोहर लाल खट्टर, पूर्व सी एम दुष्यंत चौटाला, पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो.रामबिलास शर्मा इत्यादि ने इस दर्दनाक हादसे पर दुख जताया है।मिली जानकारी के मुताबिक जी एल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन राजेंद्र लोढ़ा भाजपा के नेता हैं और कनिना म्युनिसिपल कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। इस दुर्घटना के बाद उन्हें भी पुलिस कस्टडी में लिए जाने की जानकारी मिली है।
आल इंडिया मीडिया एसोसिएशन के बीकानेर जिलाध्यक्ष पद पर खैरीवाल हुए निर्वाचित
बीकानेर। आल इंडिया मीडिया एसोसिएशन (AIMA) के बीकानेर जिलाध्यक्ष पद पर पत्रकार – शिक्षाविद् गिरिराज खैरीवाल निर्वाचित घोषित किए गए हैं। संस्था के पूरे देश के लिए जिलाध्यक्ष पद हेतु 17 मार्च 2024 को आनलाइन वोटिंग हुई थी। उस दौरान बीकानेर जिले में संस्था के 257 सदस्यों में से 199 सदस्यों ने अपने अपने वोट डाले। चुनाव परिणामों की आनलाइन घोषणा बुधवार, 27 मार्च 2024 को दोपहर लगभग 1 बजे की गयी। 199 में से खैरीवाल को 151 वोट हासिल हुए हैं जबकि उनके निकटतम उम्मीदवार प्रकाशचंद सामसुखा को 24 वोट ही मिले। दो अन्य उम्मीदवारों संजय सांखला को 20 तथा असगर अली को 4 वोट मिले। परिणाम की घोषणा के पश्चात खैरीवाल ने सभी मतदाता सदस्यों का तहेदिल आभार प्रकट किया है और अपने शुभचिंतकों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।
आर्ट ऑफ लिविंग, बीकानेर ने इस बार फिर मनायी ईको फ्रेंडली होली
जमकर लुत्फ लिया डिवोटिज ने
बीकानेर। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि लाईफ मैनेजमेंट में हैप्पीनेस और मुस्कुराहट जिसने सीख लिए, उसके जीवन में कभी भी तनाव नहीं होता। जीवन की यह अतीव गूढ़ एवं प्रेरक बात बहुत वर्षों पहले आर्ट ऑफ लिविंग के मुख्यालय बेंगलुरु आश्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी ने एक मुलाकात के दौरान उन्हें आशीर्वाद स्वरूप कही थी। श्री मेघवाल ने ये शब्द सोमवार, 25 मार्च को ट्रांसपोर्ट गली स्थित आर्ट ऑफ लिविंग कैंपस में आयोजित ईको फ्रेंडली होली समारोह में अभिव्यक्त किये। मेघवाल ने होली को भाईचारे का पर्व बताते हुए होली को प्रेम और सौहार्द का द्योतक बताया। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा इको फ्रेंडली होली का आयोजन बेहद सराहनीय प्रयास है। केवल गुलाल और फूलों से होली खेलना बहुत ही प्रशंसनीय है। मेघवाल ने बताया कि उन्होंने भी आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस कोर्स का प्रशिक्षण लिया हुआ है। उन्होंने बताया कि वे 2008 में चूरु जिला कलक्टर के पद पर कार्यरत थे और इस दौरान उन्होंने चूरु जिले के सभी अधिकारियों को हैप्पीनेस कोर्स करवाया था। इस दौरान मेघवाल ने आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से जुड़े अनेक संस्मरण शेयर करते हुए सभी को होली की रंगबिरंगी शुभकामनाएं दीं तथा आर्ट ऑफ लिविंग फैमिली के साथ होली का आनंद लिया।
इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर जोन के मीडिया समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि हंसी मजाक के नाम पर छेड़छाड़ और फूहड़ता इस कदर बढ़ गयी है कि लोग होली वाले दिन घरों से बाहर निकलने से ही बचते हैं। साथ ही रंगों की आड़ में पक्के एवं केमिकल्स मिले रंगों के प्रयोग के कारण लोग होली खेलने से दूर होने लगे हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों से आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा ईको फ्रेंडली होली का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर के राजस्थान अपेक्स मेंबर राजेश मुंजाल ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर केंद्र की गतिविधियों से रूबरू करवाया। इस मौके पर स्टेट टीचर्स कॉर्डिनेटर जितेंद्र सारस्वत के नेतृत्व में आर्ट ऑफ लिविंग, बीकानेर के डिवोटिज ने होली का जमकर लुत्फ उठाया। इस दौरान गीत – संगीत – नृत्य की विभिन्न प्रस्तुतियां चलती रहीं और डिवोटिज थिरकते रहे।
लगभग दो घंटे चले इस अनुपम आयोजन में साधना सारस्वत, गीता भटनागर, शीला चौधरी, रामदेव कुलरिया, दमयन्ती सुथार, राजकुमार भटनागर, मुकेश शर्मा, परताराम चौधरी, पृथ्वी सिंह, अरुण कुमार, प्रकाश शर्मा, कुशाल खत्री, प्रेम जोशी, भंवरी देवी सहित बड़ी संख्या में आर्ट ऑफ लिविंग के डिवोटिज उपस्थित रहे और ईको फ्रेंडली होली का आनंद उठाया।
होली मौज-मस्ती और आनंद का उत्सव है। हमारा जीवन भी होली की तरह जीवंत और रंगों से पूर्ण होना चाहिए, नीरसता और उकताहट से भरा नहीं। फाल्गुन मास की पूर्णिमा साल की आखिरी पूर्णिमा है। भारत में ऐसी पद्धति है कि इस दिन घर की सारी पुरानी चीज़ों को इकट्ठा करके उसकी होली जलाते हैं। और उसके अगले दिन रंग खेलकर होली मनाते हैं।
रंगों की तरह जीवन में हमारी भूमिकाएं भी स्पष्ट होनी चाहिए
जैसे हर रंग अपने आप में स्पष्ट दिखते है, वैसे ही जीवन में हमारी विभिन्न भूमिकाएं और भावनाएं भी स्पष्ट रूप से परिभाषित होनी चाहिए। कई बार हम इनमें घालमेल कर देते हैं तभी भ्रम और समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जिस समय आप पिता की भूमिका में हैं, तो पिता ही रहें; जब आप ऑफिस में हों तो अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखें। इन भूमिकाओं को मिलाने से ही गलतियां होती हैं। स्पष्टता जीवन के विभिन्न पहलुओं की सुंदरता को सबके सामने लाती है। यह हमें हर भूमिका को ठीक से निभाने की शक्ति देती है।
हिरण्यकश्यप स्थूलता का प्रतीक है
हमारे देश में होली के विषय में हिरण्यकश्यप, होलिका और प्रह्लाद की एक कहानी बहुत प्रचलित है। हिरण्यकश्यप एक असुर राजा था। ‘हिरण्यकश्यप’ माने वह व्यक्ति जो हमेशा स्वर्ण या भौतिक धन सम्पदा की ओर ही देखता रहता हो। हिरण्यकश्यप को स्वयं भी गहरे आनंद की खोज थी लेकिन वह वास्तविक आनंद को पहचान नहीं पाया। उसके अपने पुत्र प्रह्लाद (विशेष आह्लाद ) के इतने समीप होते हुए भी वह उसको पहचान नहीं पाया और उसी आनंद को वह इधर-उधर ढूँढता रहा। इसीलिए ‘हिरण्यकश्यप’ स्थूलता का प्रतीक है।
हमारे भीतर का प्रह्लाद कौन है?
हिरण्यकश्यप के पुत्र का नाम प्रह्लाद था। प्रह्लाद का अर्थ है एक विशेष संतोष, खुशी और आह्लाद। प्रह्लाद भगवान नारायण का भक्त था। नारायण यानि आत्मा। जो खुशी हमें भीतर अपनी आत्मा से मिलती है, वह खुशी और कहीं नहीं मिल सकती। हम सभी को एक ऐसे विशिष्ट आनंद की चाह है जो कभी समाप्त न हो। ऐसे ही विशिष्ट आनंद की तलाश में लोग शराब पीते हैं, जुआ खेलते हैं और पैसे इकट्ठे करते हैं। लोग जो भी हित-अहित काम कर बैठते हैं वह सब उसी विशिष्ट आह्लाद ‘प्रह्लाद’ की चाह में करते हैं।
होलिका का गूढ़ार्थ क्या है ?
होलिका हिरण्यकश्यप की बहन थी। होलिका को अग्निदेव ने ऐसा आशीर्वाद दिया था जिसके कारण अग्नि होलिका को कोई हानि नहीं पंहुचा सकती थी। ‘होलिका’, अतीत के बोझ का प्रतीक है, जो प्रह्लाद की सरलता को जलाने का प्रयास करती है।
होलिका दहन के पीछे की कहानी
ऐसी कथा प्रचलित है कि असुर राजा हिरण्यकश्यप को अपने पुत्र प्रह्लाद की नारायण भक्ति पसंद नहीं थी। वह चाहता था कि जैसे राज्य के अन्य लोग हिरण्यकश्यप की भक्ति करते हैं वैसे ही प्रह्लाद भी उनकी भक्ति करे। हिरण्यकश्यप के अनेक प्रयासों के बाद भी प्रह्लाद ने अपनी नारायण भक्ति जारी रखी। एक बार हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि पर बैठ जाए; होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि पर बैठी किंतु प्रह्लाद नहीं जला बल्कि होलिका जल गई। यह होलिका दहन की कहानी है।
लोभी व्यक्तियों को कभी शांति का अनुभव नहीं हो सकता
लोभी व्यक्ति दूसरों को कम, खुद को ज्यादा सताते हैं। इसीलिए ऐसे लोगों के चेहरे में कोई आनंद, मस्ती और शांति कभी हो ही नहीं सकती। अतीत के समाप्त हो जाने से जीवन एक उत्सव बन जाता है। अतीत को जलाकर, आप एक नई शुरुआत के लिए तैयार होते हैं। आपकी भावनाएँ आग की तरह आपको जला देती हैं लेकिन जब रंगों का फव्वारा फूटता है तो वे आपके जीवन में आनंद भर देते हैं। अज्ञानता में भावनाएं हमें परेशान करती हैं; ज्ञान के साथ वही भावनाएं रंगीन हो जाती हैं।