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  • आरटीई के अंतर्गत सत्र 2024-25 की प्रवेश प्रक्रिया होगी शीघ्र ही शुरू

    पी पी 3+ एवं पहली कक्षा में ही होंगे प्रवेश

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2024-25 की प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होने वाली है। मिली जानकारी के मुताबिक कुछ संशोधनों के साथ शिक्षा विभाग ने इस संबंध में दिशा निर्देश तैयार कर लिए हैं और इसी सप्ताह इनके जारी होने की पूरी संभावना है। सूत्रों के मुताबिक अब आरटीई के अंतर्गत पी पी 3+ एवं पहली कक्षा में ही दाखिले लिए जाएंगे। पी पी 4 + एवं पी पी 5+ में प्रवेश नहीं होंगे। यदि किसी स्कूल की एंट्री लेवल क्लास पी पी 4+ अथवा पी पी 5+ है तो वहां केवल पहली कक्षा में ही आरटीई के अंतर्गत प्रवेश हो सकेंगे।

    जिन स्कूल्स में एंट्री लेवल क्लास पी पी 3+है, वहाँ पी पी 3+ तथा पहली दोनों ही कक्षाओं में एडमिशन होंगे। पी पी 3+ में 31 जुलाई 2024 को तीन वर्ष से अधिक लेकिन 4 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों का दाखिला हो सकेगा जबकि पहली कक्षा हेतु 31 जुलाई 2024 को छह वर्ष से अधिक लेकिन सात वर्ष से कम आयु वाले बच्चे ही प्रवेश के योग्य होंगे।

    अभिभावकों के पेन नंबर को भी इस वर्ष से दस्तावेज के रूप में स्वीकृति दी गई है।

  • राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 961आरडी, बज्जू में अंत्योदय खिलौना बैंक की स्थापना

    शिक्षक डूडी के प्रयास लाए रंग

    बीकानेर। अंत्योदय प्रेरक एवं वरिष्ठ अध्यापक रामचंद्र डूडी के प्रयासों से अंत्योदय फाउंडेशन, मुंबई, रायजन इंटरनेशनल स्कूल, बीकानेर और राष्ट्रपति अवार्ड शिक्षक दीपक जोशी के सहयोग से बज्जू ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 961 आरडी में खिलौना बैंक स्थापित किया गया है।

    इसमें विभिन्न शैक्षिक खिलौने और सहायक सामग्री भेंट की गई। खिलौनों से बच्चे खेल-खेल में शिक्षा के विभिन्न आयामों से परिचित हो सकेंगे। इसके साथ ही संस्था ने महापुरुषों की जीवनियों की पुस्तकें भी भेंट की। इस दौरान अंत्योदय प्रेरक व वरिष्ठ अध्यापक रामचंद्र, निंबाराम ,महावीर ,सुखदेव ,गणपत राम आदि स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संस्था प्रधान संदीप कुमार मीणा और बज्जू के सीबीईओ डॉ. रामगोपाल शर्मा ने फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।

  • गोपेश्वर भूतेश्वर महादेव मंदिर में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व का हुआ शुभारंभ

    गोपेश्वर भूतेश्वर महादेव की भव्य शोभा यात्रा एवं शिव पार्वती वरमाला का आयोजन गुरुवार को

    बीकानेर। गोपेश्वर बस्ती स्थित श्री गोपेश्वर भूतेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के उत्सव को भव्यतम रूप से मनाने के लिए तीन दिवसीय विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत 6 मार्च को मंदिर परिसर में सायं 8.00 बजे शुरू हो गई। इस दौरान शिव भक्तों द्वारा मन्दिर में भजन संध्या एवं मेहन्दी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप रूद्राभिषेक किया गया तथा पुष्पों से श्रृंगार किया गया।

    गुरुवार को होंगे शोभायात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन

    गुरुवार को इस तीन दिवसीय महाशिवरात्रि उत्सव के दूसरे दिन गोपेश्वर भक्त मण्डल द्वारा गोपेश्वर-भूतेश्वर महादेव की शोभा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। मुख्य पुजारी राजकुमार श्रीमाली नेे बताया कि 7 मार्च को सायं 4 बजे गोपेश्वर महादेव मन्दिर से शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में शिव परिवार की सजीव झांकियां प्रदर्शित होंगी तथा सप्त-ऋषियों द्वारा भाग लिया जायेगा। धनीनाथ गिरी मठ के राजगुरू महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती के सानिध्य में निकाली जाने वाली इस शोभायात्रा को बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    ये होगा शोभायात्रा का रूट

    शोभा यात्रा गोपेश्वर महादेव मन्दिर से रवाना होकर कांकड़ वाले बालाजी, करनाणी मौहल्ला, महावीर चौक, कुम्हारों का मौहल्ला, गोपेश्वर बस्ती इत्यादि क्षेत्रों से होते हुवे पुनः सायं 7.00 बजे गोपेश्वर मन्दिर पहुँचेगी। इस से पूर्व दोपहर 2.00 बजे महिला संगीत का कार्यक्रम भी होगा। शोभायात्रा के पश्चात शिव-पार्वती वरमाला का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा तथा रात्रि 11 बजे गोपेश्वर भूतेश्वर महादेव की केसर से केसर-पीठी कर विशेष श्रृंगार किया जायेगा।

    रूद्राभिषेक, छप्पन भोग, विशेष आरतियों के आयोजन होंगे शुक्रवार को

    महाशिवरात्रि उत्सव के तृतीय एवं मुख्य दिवस के अवसर पर 8 मार्च को प्रातः 4 बजे से रूद्राभिषेक एवं महाआरती के कार्यक्रम शुरू होंगे तथा पूरे दिन भक्तों द्वारा गंगाजल, दूध, दही, चीनी, घी, शक्कर एवं पंचामृत से महादेव का अभिषेक किया जायेगा। रात्रिकालीन 4 विशेष आरतियां की जायेगी। इस दौरान छप्पन भोग का प्रसाद भी सजाया जायेगा।

    रंगबिरंगी रोशनी से नहाया गोपेश्वर मंदिर, पिछले एक महीने से चल रही हैं तैयारियां

    पुजारी राजकुमार श्रीमाली के मुताबिक इस आयोजन के लिए पिछले एक महीने से जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। गोपेश्वर महादेव मन्दिर एवं मन्दिर में स्थित समस्त मन्दिरों मे रंग-रोगन का कार्य सम्पन्न हो चुका है और पूरे मन्दिर परिसर की साफ-सफाई का कार्य भी सम्पन्न हो चुका है। मन्दिर परिसर को रंग बिरंगी रंगीन रोशनियों से भव्य रूप से सजाया गया है।

  • बच्चों में कौशल विकसित करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है प्रदर्शन विधि

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विशेष

    ▪️विजयलक्ष्मी पारीक▪️

    विज्ञान रचनात्मक है, जिज्ञासा को प्रेरित करता है व अन्वेषण की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करता है। साइंस का पूरा नाम ” सिस्टमैटिक एंड कांप्रिहेंसिव इन्वेस्टिगेशन एंड एक्सप्लोरेशन आंफ नेचर्स कॉजेज एंड इफैक्ट्स “ होता है। इसका शाब्दिक अर्थ ” व्यवस्थित और व्यापक जांच एवं प्रकृति के कारणों और प्रभावों की खोज” होता है। किसी भी वस्तु के बारे में जानकारी ग्रहण करना एवं जानकारी को सही तरीके से लागू करना तथा किसी भी वस्तु का सही अवलोकन करना और उसका विश्लेषण करना ही विज्ञान है। बच्चों के लिए विज्ञान हमेशा से ही एक अनोखी चीज रही है और हो भी क्यों न – विज्ञान है ही एक अनोखा विषय।

    ज्यादातर बच्चों का दिमाग 6 साल तक 90% विकसित हो चुका होता है, जीवन की प्रारंभिक अवस्था ही हमारे बौद्धिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होती है। हमारे दिमाग में सिनेप्सिस होती है, जो कि हमारे दिमाग की कोशिकाओं से बनी हुई होती है। बच्चों को सिनेप्सिस किसी भी व्यस्क व्यक्ति से काफी ज्यादा एक्टिव रहता है। इसीलिए बच्चे किसी भी चीज को जल्दी समझते हैं और करते भी हैं। आज के वैज्ञानिक युग में विज्ञान के प्रति बच्चों में रुचि का होना जरूरी है।

    विज्ञान के प्रति जिज्ञासा तथा रुचि बढाने का कार्य सिर्फ शिक्षक ही कर सकता है। बच्चों में वैज्ञानिक जागरूकता पैदा करने के लिए आसपास के वातावरण से उन्हें परिचित कराना जरूरी है। प्राकृतिक वातावरण में होने वाले बदलाव एवं गतिविधियों को बच्चे जिज्ञासु होकर देखते हैं, सुनते हैं व समझने का प्रयास करते हैं। बच्चों में कौशल विकसित करने के लिए सबसे अच्छी विधि प्रदर्शन विधि है प्रदर्शन विधि में प्रदर्शनी और स्पष्टीकरण दोनों सम्मिलित है।

  • बीकानेर में पहली बार होने जा रही पेरेंटिंग सेमीनार को लेकर जबर्दस्त उत्साह

    देश के नं 1 पेरेंटिंग कोच परीक्षित जोबनपुत्र बताएंगे बेस्ट पेरेंटिंग के टिप्स

    बीकानेर। वर्तमान भागमभाग के समय में पेरेंटिंग काउंसिलिंग भी बहुत जरूरी होती जा रही है। उचित व सही पेरेंटिंग बच्चों के ब्राइट फ्यूचर के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होती है। बच्चों के सफल करिअर में पेरेंट्स के महत्वपूर्ण योगदान के मद्देनजर वर्तमान समय में पेरेंटिंग काउंसलिंग समय की डिमांड है। इसी आवश्यकता को देखते हुए बीकानेर पुलिस द्वारा निर्विकल्प फांउडेशन एवं सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के साथ बीकानेर में एक पेरेंटिंग सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 5 मार्च 2024 को स्थानीय रविंद्र रंगमंच पर सायं 3:30 बजे आयोज्य इस सेमीनार में देश के श्रेष्ठतम पेरेंटिंग कोच परीक्षित जोबनपुत्र द्वारा पेरेंटिंग टिप्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह सेमीनार निशुल्क रखी गई है। इस सेमीनार में बीकानेर जिले की राजकीय व गैर राजकीय स्कूल्स के कक्षा 1 से 6 में अध्यनरत बच्चों के पेरेंट्स की सूची स्कूल्स द्वारा उपलब्ध करवा कर उनको एंट्री पास के माध्यम से प्रवेश दिया जायेगा। सेमीनार में सम्मिलित होने वाले सभी पेरेंट्स को प्रमाण – पत्र दिए जाएंगे।

    इस अभिनव सेमीनार के समन्वयक करिअर काउंसलर डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली के मुताबिक विनोद एग्रो इंडस्ट्रीज के ब्रांड बीकानेर फ्रेश, सिंथेसिस इंस्टीट्यूट, डॉ. श्याम अग्रवाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, एंटरप्रेन्योर एंड बिजनेस मेंटर गोविंद भादू, भीखाराम चांदमल, शिवा स्टेशनर्स, पिंटू राठी, मीडिया बर्ड व राम डिजिटल स्टूडियो कार्यक्रम के सहयोगी हैं। डॉ. श्रीमाली ने बताया कि इस सेमीनार में अधिक से अधिक स्कूल्स के स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को लाभान्वित करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को आईजी आफिस के कांफ्रेस हाल में आयोजित प्रिंसिपल्स मिटिंग में बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की डीन प्रो. विमला डुकवाल, जैन महासभा के अध्यक्ष व विनोद एग्रो के एमडी विनोद बाफना, मोटिवेशनल स्पीकर गोविन्द भादू, शिवा स्टेशनरी के ओमप्रकाश मुखीजा, राम स्टूडियो के राम पाणेचा, भीखाराम चांदमल के ज्ञान गोस्वामी इत्यादि ने पेरेंटिंग सेमीनार में अधिकाधिक पेरेंट्स को भाग लेने हेतु मोटिवेट करने की अपील मिटिंग में मौजूद बीकानेर के 42 स्कूल्स के प्रतिनिधियों से की।

    मीटिंग में बीबीएस स्कूल के प्राचार्य फादर संदीप थॉमस, जैन पब्लिक स्कूल की प्राचार्या रूपश्री सिपानी, बीकानेर पब्लिक स्कूल की प्राचार्य शिल्पी खत्री, नालन्दा पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजेश रंगा, आर्यन पब्लिक स्कूल के हरिप्रसाद व्यास, माहेश्वरी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या डॉ. श्रेया थानवी, बाल गोविन्दम स्कूल के मनोज बिहानी, संस्कार स्कूल की प्राचार्या कविता शर्मा, विंग्स स्कूल की प्राचार्या नीना सिंह, सोफिया स्कूल की बबीता, सेमूनो इंटरनेशनल टेक्नो स्कूल की डायरेक्टर डॉ. नीलम जैन, आरबीएम स्कूल के अभिजीत व्यास, रमेश इंग्लिश स्कूल की प्राचार्या हेमा कवात्रा, एंजेल स्कूल के प्राचार्य आनंद व्यास, अर्हम् इंग्लिश एकेडमी के एमडी सुरेन्द्र डागा, मद्रास कान्वेट स्कूल की प्राचार्या जयमाला विश्वकर्मा, सनराईज स्कूल की प्राचार्या इन्द्रा बालेजा, बर्लिन स्कूल के मनमोहन पालीवाल, शास्त्री इंग्लिश स्कूल के एडवोकेट बजरंग प्रजापत, सेन्ट पब्लिक स्कूल के अरूण व्यास, मघीदेवी सरस्वती स्कूल के तुलसी राम तंवर, मैक्स टू मैक्स पब्लिक स्कूल की सरिता चाण्डक, सिल्वन इंग्लिश स्कूल की प्राचार्या सुनीता तनेजा इत्यादि उपस्थित रहे।

  • टेक्नीकल एरर्स के कारण सत्र 2023-24 के प्रथम क्लेम बिल का आप्शन शिक्षा विभाग ने किया बंद। बिल बनाने में स्कूल संचालकों को करनी पड़ी मशक्कत

    तकनीकी समस्याओं के समाधान के बाद ही वापस शुरू होगा बिल जनरेशन आप्शन

    प्री प्राईमरी कक्षाओं के स्टूडेंट्स को क्लेम बिल में नहीं किया शामिल

    बीकानेर। 14 फरवरी को सुबह 11 बजे शुरू हुए सत्र 2023-24 के प्रथम क्लेम बिल जनरेशन कार्य ने प्राईवेट स्कूल्स को खूब मशक्कत कराई। बिल जनरेशन का कार्य शुरू होते ही तकनीकी खामियों के कारण सुचारू रूप से नहीं हो सका और शाम होते होते शिक्षा विभाग को क्लेम जनरेट करने का आप्शन हटाने पर मजबूर होना पड़ा। बुधवार को सुबह लगभग ग्यारह बजे क्लेम जनरेशन आप्शन शुरू हुआ लेकिन तकनीकी खामी के कारण शून्य यूनिट कॉस्ट शो होना या बार बार क्लेम आप्शन सिस्टम में दिखाई नहीं देने की समस्याएं होने लगीं। अनेक शिक्षण संस्थाओं के बिल्स में फीस वाले कॉलम में शून्य जबकि पुस्तकों वाले कॉलम में राशि शो रही थी। इसके अलावा अनेक स्कूल्स के स्टूडेंट्स को सरकारी स्कूलों में नामांकित दिखाया जा रहा है।

    इसके अलावा टोकन नं की अग्रिम पंक्ति में शामिल होने के कारण हजारों स्कूल्स द्वारा एक ही समय में बिल्स जनरेट करने की कवायद में पोर्टल भी बार बार हैंग होने लगा। डीईओ, डायरेक्ट्रेट एवं एनआईसी के अधिकारियों एवं कार्मिकों के नंबर्स पर कॉल्स की झड़ियां लगनी शुरू हो गई। अंततोगत्वा शाम को लगभग सवा 6 बजे पोर्टल से सत्र 2023-24 के प्रथम क्लेम बिल का आप्शन ही हटा दिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक आप्शन में आ रहे टेक्नीकल एरर के दुरस्त होते ही क्लेम बिल्स बनने लगेंगे। साथ ही क्लेम में प्री प्राईमरी कक्षाओं के स्टूडेंट्स को सम्मिलित नहीं किए जाने का विरोध शुरू हो गया है।

  • यूनिट कॉस्ट नहीं बढाने को लेकर प्राईवेट स्कूल्स के संगठनों का भारी रोष कभी भी ले सकता है आंदोलन का रूप

    ज्ञानायाम में प्रकाशित जानकारी के बाद एक्शन में आए विभिन्न संगठन

    बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 में भी यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं करने से गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने रोष जताया है। प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि सरकार की दमनकारी नीतियों का डटकर मुकाबला किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ज्ञानायाम ने पिछले सप्ताह ही इस संबंध में खुलासा करते हुए बताया था कि लगातार दूसरे वर्ष भी आरटीई की यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं की गई है। ज्ञानायाम के माध्यम से जैसे ही यह जानकारी सामने आई प्राईवेट स्कूल्स के विभिन्न संगठनों के मुखियाओं के विरोध के स्वर बुलंद होने लगे। राजसमंद के शिक्षाकुल संगठन के डॉ. महेंद्र कर्णावट ने कहा कि सरकारी तंत्र द्वारा प्राईवेट स्कूल्स के साथ इस तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए और महंगाई दर के मुताबिक न्यूनतम वृद्धि यूनिट कॉस्ट में होनी ही चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शीघ्र ही प्रदेश स्तर पर विभिन्न संगठनों के साथ योजना बनाकर संघर्ष शुरू किया जाएगा।

    स्कूल क्रांति संघ, राजस्थान, जयपुर की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा ने कहा कि आरटीई के अंतर्गत नियमानुसार भुगतान नहीं करने, यूनिट कॉस्ट में बढ़ोतरी नहीं करने, मनमाने तरीके से आरटीई के नाम पर प्राईवेट स्कूल्स का दमन करने इत्यादि सहित अनेक बिंदुओं को लेकर हमने न्यायालय की शरण में जाना तय किया है। आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया को भी हमारे द्वारा न्यायालय में चैलेंज किया हुआ है, जिसके अंतर्गत सरकार को भुगतान करने के अंतरिम आदेश न्यायालय ने दे रखे हैं। इसी तरह से सत्र 2020-21 के अंतर्गत आफलाइन तरीके से शिक्षण कार्य कराने वाले स्कूल्स के लिए भी कोर्ट में केस लंबित चल रहा है। सुश्री शर्मा ने कहा कि आरटीई के अंतर्गत भुगतान संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए उनके संगठन द्वारा बड़े आंदोलन की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के अंतरिम आदेश के बावजूद भी प्री प्राईमरी कक्षाओं के स्टूडेंट्स को भुगतान प्रक्रिया में शामिल नहीं करने का भी समुचित विरोध किया जाएगा। रिकॉक्नाइज्ड स्कूल एसोसिएशन, राजस्थान, कोटा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संजय शर्मा ने कहा कि यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं करना, शिक्षा विभाग और सरकार की प्राईवेट स्कूल्स के विरुद्ध दमनकारी नीति है। ऐसा होने से प्राईवेट स्कूल्स आरटीई के अंतर्गत प्रवेश नहीं देने के रास्ते निकालेंगे, जिससे गरीब विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। श्री शर्मा ने कहा कि उनका संगठन इस विषय में शीघ्र ही शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर प्राईवेट स्कूल्स की वास्तविक पीड़ाओं के निराकरण की मांग करेंगे। स्वराज के प्रदेश महासचिव प्रो. मुकेश मांडन, जोधपुर का मानना है कि सरकार को प्राईवेट स्कूल्स के सामाजिक योगदान को मद्देनजर रखते हुए इनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए न कि इन्हें पीड़ा पहुंचाने के रास्ते निकालकर इन पर दादागिरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अतिशीघ्र सरकार के साथ इस विषय में संगठन स्तर पर वार्ता की जाएगी।

  • चेतना की समस्त विद्याओं का स्रोत – माँ सरस्वती : श्री श्री रवि शंकर

    ज्ञानायाम के लिए बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी का विशेष आलेख

    सरस्वती कोई व्यक्ति नहीं है। चेतना का वह तत्व जो कभी नीरस नहीं होता बल्कि जीवन के उत्साह और सार से परिपूर्ण होता है, वही सरस्वती है। देवी सरस्वती ज्ञान, संगीत और ध्यान का अवतार है। विद्या की देवी सरस्वती का स्वरूप एवं संकल्पना विश्व में अद्वितीय है। यदि हम देवी सरस्वती के प्रतीकात्मक स्वरुप को देखें तो उनके एक हाथ में वीणा है और दूसरे हाथ में पुस्तक है। पुस्तक बाएं मस्तिष्क की गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करती है, और वीणा, जो संगीत संकाय का प्रतिनिधित्व करती है वह रचनात्मक पक्ष को दर्शाती है और दाएं मस्तिष्क को सक्रिय करती है। उनके हाथ में जप माला है जो जीवन के ध्यान संबंधी पक्ष को दर्शाती है।

    शिक्षा गान (संगीत), ज्ञान (बौद्धिक ज्ञान) और ध्यान (ध्यान) इन तीनों तत्वों से ही परिपूर्ण हो सकती है। केवल जब कोई इन तीनों में पारंगत हो, तभी आप किसी को शिक्षित या सभ्य कह सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि बच्चे संगीत और योग सीखें और हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनमें वैज्ञानिक सोच भी हो। जैसे-जैसे वे बड़े हों, उनमें जिज्ञासु मन और वैज्ञानिक सोच बनाए रखने के लिए प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करें। माँ सरस्वती का वाहन हंस दर्शाया गया है। ऐसा कहा जाता है कि यदि हंस के सामने दूध और पानी का मिश्रण रखा जाए तो वह पानी और दूध को अलग कर देगा। यह विवेक की शक्ति का प्रतीक है, जिसका उपयोग करके हम जीवन के अनुभवों से सकारात्मक शिक्षा लेते हैं और नकारात्मकता को पीछे छोड़ देते हैं। आप देखेंगे कि देवी सरस्वती के साथ मोर भी है। मोर हर समय नृत्य नहीं करता बल्कि बारिश से ठीक पहले नृत्य करता है और अपने शानदार रंग प्रदर्शित करता है। यह सही ज्ञान को सही स्थान और सही समय पर व्यक्त करने की क्षमता को दर्शाता है। देवी सरस्वती वह चेतना है जो विभिन्न प्रकार की विद्याओं से स्पंदित होती है। वे आध्यात्मिक प्रकाश का स्रोत है तथा सभी अज्ञानता को दूर करने वाली है। देवी सरस्वती सभी ज्ञान का स्रोत है। वे वीणा वादन करती हैं। वीणा मानव शरीर का प्रतिनिधित्व करती है। जिस प्रकार वीणा में 7 तार होते हैं, उसी प्रकार हम भी पूरे शरीर में पाई जाने वाली सात धातुओं से बने हैं। यदि वीणा को ठीक से सुर दिया जाए तो उससे बजने वाला संगीत कानों को मधुर लगता है और जब जीवन को अच्छे से सुर में बांधा जाए तो दिव्यता और आनंद प्राप्त होता है।देवी सरस्वती की मूर्ति हमें कई शिक्षण संस्थानों में दिखती है। ज्ञान की देवी, सीखने और शिक्षा की समग्रता का प्रतिनिधित्व करती है। देवी को एक चट्टान पर बैठे हुए दिखाया गया है जो स्थिर है। ज्ञान आपको चट्टान की तरह दृढ़ता और स्थिरता प्रदान करता है।आध्यात्मिकता सर्व-समावेशी है और जो कुछ भी आत्मा के विकास में सहायता करता है वही आध्यात्मिकता है। बौद्धिक ज्ञान, संगीत, कला, संस्कृति, नृत्य और ध्यान सभी आध्यात्मिकता के अंश हैं; ये सभी देवी सरस्वती के अवतार के अंश हैं। यदि इनमें से किसी एक भी घटक की कमी हो तो शिक्षा पूर्ण नहीं मानी जा सकती।

  • सोशल एक्टिविस्ट, शिक्षाविद्, पर्यावरणविद डॉ.नीलम जैन 11वें अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में देगी व्याख्यान

    विश्व के अनेक देशों के पर्यावरण विद जूम वेबिनार द्वारा अंतराष्ट्रीय शांति एव अहिंसक समाधान सम्मेलन में होंगे शामिल

    बीकानेर। अणुव्रत ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन एवं अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज एण्ड ग्लोबल फिलोसॉफी (यूके एण्ड फ्रांस) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 16 फरवरी तक शांति और अहिंसक कार्रवाई पर आयोज्य चार दिवसीय ग्यारहवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सेमूनो इंटरनेशनल टेक्नो स्कूल की डायरेक्टर डॉ. नीलम जैन विश्व शांति और पारिस्थितिकी हेतु वांछित संवेदनशीलता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना उद्बोधन देंगी। उल्लेखनीय है कि सोशल एक्टिविस्ट डॉ. नीलम जैन अणुव्रत विश्वभारती सोसायटी के पर्यावरण जागरुकता अभियान की राष्ट्रीय संयोजक है।

    इस विश्व स्तरीय वेबीनार में आचार्य श्री महाश्रमण, अणुव्रत विश्वभारती सोसायटी के अध्यक्ष अविनाश नाहर, 11 आईसीपीएनए आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. टी के जैन, प्रो. स्वामी चैतन्यप्रज्ञ, भगवान महावीर अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र के पूर्व प्रमुख और निदेशक एवं राजदूत अनवारुल के.चौधरी, यूएनडीजीसी- सीएसयू के फेलिप पनीर, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज एंड ग्लोबल फिलॉसाफी के निदेशक डॉ. थॉमस डैफर्न, भारतीय गांधीवादी अध्ययन परिषद् के अध्यक्ष प्रो. एन राधाकृष्णन, हेल्थ गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. फ्रैंक कॉफमेन, अणुव्रत अमृत महोत्सव के राष्ट्रीय संयोजक संचय जैन, 11 वें आईसीपीएनए मेजबान समिति के अध्यक्ष दीपक जैन इत्यादि विभिन्न विषयों पर अपने अपने व्याख्यान देंगे। अनेक सत्रों में आयोजित होने वाली इस वेबीनार में डॉ. रफाल पंकोव्सकी, रेव. रविकुमार स्टीफन जे.जी., दादा गुणमुक्तानंद, बर्नी मेयर, प्रो. विद्या जैन, ‘मार्को हेन, फ्रांसिस हलदर, बिरकनउन्वर, जॉन डिलियोनार्डा, डॉ. नीलम जैन, डॉ. नारायण हेगड़े, एवं डॉ. पंकज जैन अपने अपने विचार व्यक्त करेंगे।

  • हर्ष स्कूल, सूरतगढ़ के वार्षिकोत्सव “फेस्टिवियम सीजन-2” का भव्य आयोजन

    सूरतगढ़। सूरतगढ़ स्थित हर्ष स्कूल के वार्षिकोत्सव “फेस्टिवियम सीजन- 2” के अंतर्गत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन किये गये। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चेयरमेन ऑफ डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन, हनुमानगढ़ – गंगानगर, साहबराम मोटियार व एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ऑफ जोधपुर डिस्कॉम अजय शर्मा थे। अतिथियों का स्वागत भव्य बैंड के साथ किया गया।

    इस अवसर पर स्टूडेंट्स द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न राज्यों को बड़े ही भव्य रूप से दर्शाया गया। साथ ही गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ,सोलर सिस्टम, वैष्णो माता का दरबार, इसरो साइंटिफिक रिसर्च सेंटर इत्यादि मॉडल्स की सभी अतिथियों व अभिभावकों ने खुले मन से प्रशंसा की।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने डांस, नाटक, गायन इत्यादि की मनमोहिनी प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों व अन्य दर्शकों को सम्मोहित कर दिया। इस दौरान अभिभावकों व बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के गेम्स खेलने की व्यवस्था भी की गई।

    स्कूल के चेयरमैन अनिल धानुका ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए एवं आभार प्रकट किया।

    कार्यक्रम में शिव सारडा, इंजीनियर रमेशचन्द्र माथुर, मैत्री ब्लड बैंक के इंचार्ज सुनील योगी, रोज़ वैली स्कूल की प्राचार्य श्रीमती मोनिका शर्मा, नितिन शर्मा, टैगोर ग्रुप के निदेशक सचिन जेटली, सीमांत रक्षक समाचार पत्र के योगेश मेघवाल, अशोक गोयल, प्रमोद ज्यानी, पार्षद जगदीश मेघवाल इत्यादि मौजूद रहे।प्रधानाध्यापिका सुमति शर्मा ने अभिभावकों, बच्चों व स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • अगले वर्ष से बीएड होगी बंद, एनसीटीई ने जारी की आम सूचना

    बीकानेर। आगामी सत्र से इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम बंद हो जाएगा। इस संबंध में एनसीटीई ने बीती 5 फरवरी को आम सूचना जारी कर दी है। अगले वर्ष से 4 वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम के स्थान पर एकीकृत शिक्षक (आईटीईपी) कोर्स शुरू किया जाएगा। बीए और बीएससी के अलावा बीकॉम के छात्र भी बीएड कर पाएंगे। साथ ही आईटीईपी में सेमेस्टर सिस्टम भी लागू होगा। एनसीटीई ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत यह बदलाव किया है।

    केंद्र सरकार अब नई शिक्षा नीति के तहत नए शिक्षक तैयार करेगी। वर्ष 2025- 26 से आईटीईपी लागू होगा। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को एनसीटीई की वेबसाइट से नए पाठ्यक्रम हेतु 5 मार्च तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है।

  • राजस्थान सरकार ने तबादलों का खोला पिटारा लेकिन शिक्षा विभाग में नहीं होंगे तबादले

    जयपुर। तबादलों पर पिछले एक साल से लगी रोक को आंशिक रूप से 10 से 20 फरवरी 2024 तक हटा दिया गया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने 8 फरवरी 2024 को निर्देश जारी कर दिए हैं। इस दौरान शिक्षा विभाग के अलावा अन्य सभी विभागों में धड़ल्ले से ट्रांसफर होंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि शिक्षा विभाग में अभी किसी भी तरह से तबादले नहीं किए जाएंगे। दिलावर ने तर्क दिया है कि अभी निकट समय में बोर्ड की परीक्षाएं होनी हैं। इसलिए तबादले करना उचित नहीं है।

    उन्होंने कहा कि तबादलों से स्कूल छात्रों की परीक्षा व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न होगा। अतः छात्र हित में अभी तबादले नहीं किए जाएंगे। हालांकि सरकार द्वारा जारी तबादला छूट आदेश में भी थर्ड ग्रेड टीचर्स के ट्रांसफर नहीं किए जाने का उल्लेख किया हुआ है।

  • सत्र 2023-24 के लिए यूनिट कॉस्ट निर्धारित, शीघ्र ही बनने शुरू होंगे क्लेम बिल

    लगातार दूसरे वर्ष आरटीई की यूनिट कॉस्ट में नहीं हुआ बदलाव

    बीकानेर। पूरी दुनिया में महंगाई दिन दुनी रात चौगुनी गति से बढ़ रही है लेकिन राजस्थान में आरटीई के अंतर्गत अध्ययन कराने वाले प्राईवेट स्कूल्स की पुनर्भरण राशि में लगातार दूसरे वर्ष भी कोई वृद्धि नहीं की गई है। लगातार दूसरे वर्ष भी शिक्षा विभाग के यूनिट कॉस्ट संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। सत्र 2023-24 के लिए भी गत सत्र 2022-23 एवं उससे पिछले सत्र 2021-22 के लिए निर्धारित यूनिट कॉस्ट 13535/- ही तय कर दी गई है। जबकि शिक्षा निदेशालय द्वारा पिछले सत्र 2022-23 के लिए यूनिट कॉस्ट हेतु लगभग 18,000/- तथा वर्तमान सत्र 2023-24 के लिए लगभग 19000/- का प्रस्ताव बनाकर शिक्षा सचिवालय में प्रस्तुत किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2022-23 एवं 2023-24 दोनों ही वर्ष निदेशालय द्वारा प्रस्तावित यूनिट कॉस्ट को मंजूरी दे दी गई थी लेकिन वित्त विभाग ने लगातार दूसरे वर्ष भी शिक्षा विभाग द्वारा तय यूनिट कॉस्ट को इग्नोर करते हुए सत्र 2021-22 की यूनिट कॉस्ट 13535/- ही लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ज्ञानायाम को यह भी पुख्ता जानकारी मिली है कि है कि शिक्षा विभाग द्वारा यूनिट कॉस्ट का निर्धारण अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह में ही कर दिया गया था लेकिन अब 5 महीने बाद वित्त विभाग ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते हुए गत वर्षों वाली ही यूनिट कॉस्ट ही लागू कर दी है। वित्त विभाग ने गत सत्र 2022-23 के लिए भी लगभग 4 महीने तक प्रस्ताव को पेंडिंग रखने के बाद सत्र 2021-22 वाली यूनिट कॉस्ट ही लागू कर दी।

    मिली जानकारी के मुताबिक अतिशीघ्र ही आरटीई पोर्टल पर सत्र 2023-24 के प्रथम क्लेम बिल बनने शुरू हो जाएंगे।

  • महेंद्र शर्मा ने किया मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, बीकानेर के पद पर कार्यग्रहण

    बीकानेर। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा, बीकानेर के रिक्त पद पर 7 फरवरी 2024 को महेन्द्र शर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पिछले दिनों ही उनका इस पद पर तबादला हुआ है।

    शर्मा ने पद संभालने के बाद कहा कि राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु समयबद्ध कार्य योजना के अंतर्गत समन्वित प्रयास से लक्ष्यों की प्राप्ति की जाएगी तथा जिले के समस्त विद्यालयों एवं शिक्षा विभाग कार्यालयों में किसी भी कार्मिक/शिक्षक का विधिक कार्य लंबित न रहे, इस हेतु समुचित प्रयास किए जाएंगे।

    इस अवसर पर जिला शिक्षा, अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर, सुरेन्द्र सिंह भाटी, सहायक निदेशक, भैरूसिंह राठौड, एडीईओ सुनील बोड़ा, उप जिला शिक्षा अधिकारी अनिल बोडा, एडीईओ प्रारंभिक पदमा टिलवानी, एसएलओ प्रियंका राठौड़, सहायक प्रशासनिक अधिकारी विनीता, गोविन्द श्रीमाली, निजी सहायक दीपक शर्मा, कनिष्ठ सहायक आरती पुरोहित, प्रिया पडिहार, अखिलेश छाबड़ा, धीरज पारीक एवं करणुराम उपस्थित रहे।

  • समाजोपयोगी शिविर सेवा भावना को सुदृढ़ करने का बेहतरीन आयाम : बोड़ा

    शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के समाजोपयोगी शिविर का हुआ समापन

    बीकानेर। शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के समाजोपयोगी उत्पादक शिविर का समापन शनिवार को समारोह पूर्वक हुआ। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सुनील कुमार बोड़ा ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि समाजोपयोगी शिविर स्टूडेंट्स में सेवा भावना को सुदृढ करने का बेहतरीन आयाम है। उन्होंने कहा कि शांति विद्या निकेतन द्वारा विभिन्न गतिविधियों को शाला में बहुत ही सुदृढ़ तरीके से करवाया जा रहा है।

    अपने संबोधन के दौरान शिक्षाविद् एवं करुणा इंटरनेशनल संस्था, बीकानेर के उपाध्यक्ष राजेश रंगा ने बच्चों को शिक्षा के साथ साथ जीवन में इस प्रकार की गतिविधियों को करने और आगे बढ़ने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर शाला सचिव रमेश कुमार मोदी द्वारा मनोरंजन गीत “जानवर खेलते चिड़िया घर में…” की प्रेक्टिकल प्रस्तुति ने सभी को अभिभूत कर दिया। तीन दिवसीय शिविर में सीखाए गए कार्यों एवं आयोजित की गईं गतिविधियों का विभिन्न माध्यमों एवं आयामों से अतिथियों द्वारा आकलन भी किया गया। इस दौरान अव्वल रहे स्टूडेंट्स को पुरस्कार भी दिए गए।

    रमेश कुमार मोदी ने इस अवसर पर सभी अतिथियों का सम्मान मोमेंटो देकर किया। उन्होंने विद्यालय में आयोजित हुई गतिविधियों के साथ ही संस्था की उपलब्धियों के बारे में भी बताया।

    प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा ने बताया कि शिविर के दूसरे दिन शुक्रवार को करुणा अंतरराष्ट्रीय संस्था, बीकानेर केंद्र के शिक्षा अधिकारी घनश्याम साध ने बच्चों को अन्य गतिविधियों के साथ साथ करुणा क्लब और करुणा प्रार्थना का महत्व बताया। उन्होंने करुणा शपथ दिलवाकर शाला के विद्यार्थियों को करुणा व दया तथा पशु पक्षियों के प्रति जागरूकता रखने की प्रेरणा दी। छींपा ने बताया कि शिविर का शुभारंभ शिक्षाविद गिरिराज खैरीवाल ने गुरुवार को को किया था। शिविर का संचालन शाला के अध्यापक और करूणा क्लब के प्रभारी सौरभ बजाज ने किया।

  • शिक्षा विभाग में आमूलचूल बदलाव की तैयारी शुरू, निजी विद्यालयों को कैसे मैनेज करेगी नयी सरकार

    निजी स्कूल्स की प्रार्थना और ड्रेस-कोड में कैसे एकरूपता ला पाएगी सरकार !

    हरीश बी. शर्मा

    (ख्यातनाम वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार)

    राजस्थान की भाजपा सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एकरूपता लाने की दृष्टि से बदलाव शुरू कर दिया है। 4 दिन पहले विधायक बाल मुकुंदाचार्य ने जिस तरह स्कूल की ड्रेस में एकरूपता की बात कही थी, उसी वक्त यह संकेत मिल गया था कि भाजपा की आगामी कार्ययोजना में अब शिक्षा-जगह आएगा। हालांकि, इस तरह की भनक लगते ही कि स्कूलों में हिजाब पहनकर जाने का विरोध हो रहा है, प्रदर्शन भी हुए। स्कूलों में लड़कियां पहुंची भी नहीं, लेकिन जिस तरह के तेवर भाजपा की सरकार के हैं और बतौर शिक्षा मंत्री भी मदन दिलावर जैसे तेज-तर्रार नेता मिले हैं, इस बात में कोई संशय नहीं है कि आने वाले कुछ ही दिनों में शिक्षा विभाग में आमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। देखना यह है कि मदल दिलावर इन नियमों को निजी स्कूल्स पर कैसे लागू करवा पाते हैं, क्योंकि निजी स्कूल्स में ड्रेस-कोड से लेकर प्रार्थनाएं तक मनमर्जी की चलती है।शिक्षा विभाग ने स्कूल्स के लिए चार नियम बनाए हैं। इन नियमों में एक जैसा ड्रेस-कोड होगा। चयनित प्रार्थनाएं होंगी। प्रार्थना के समय सरस्वती माता की तस्वीर होनी जरूरी होगी और जिन महापुरुषों का जिक्र पाठ्यक्रमों में होगा, उन्हें ही पढ़ाया जा सकेगा। इन नियमों के साथ ही प्रदेश की स्कूलों में खलबली मचनी तय है। खासतौर से प्राइवेट स्कूल्स मेंं, जहां ड्रेस-कोड प्रबंधन की इच्छा के अनुसार चलता है, क्या प्रदेश की सभी स्कूल्स में एक जैसा ड्रेस कोड लागू करवाने में अधिकारी सख्त हो पाएंगे, क्योंकि यह जिम्मेदारी अधिकारियों की ही होगी कि वे इन सभी नियमों पर निगरानी करे।चयनित प्रार्थनाओं वाला मामला भी सरकार को बारीकी से देखना होगा। प्रदेश में ऐसी कई स्कूल्स हैं, जिनका संचालन समाज, धर्म या संप्रदाय पर आधारित भी है, वहां पर या तो चयनित प्रार्थनाएं होती ही नहीं हैं या फिर समानांतर प्रार्थना करवाई जाती है। यह तो जांच में ही पता चल पाएगा कि उन स्कूल्स में क्या स्थिति है।रही बात सरस्वती की तस्वीर की अथवा पाठ्यक्रम में उल्लेखित महापुरुषों के संबंध में ही अध्ययन कराने की, ये तो आसानी से लागू हो जाएंगे, लेकिन ड्रेस-कोड और प्रार्थनाओं के लिए सरकार को बड़े स्तर पर काम करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो अवहेलना होने लगेगी। सरकार को चाहिए कि इन सभी नियमों की पालना के लिए निजी स्कूल्स की काउंसिलिंग करे और उन्हें एक-रूपता के फायदे बताए। यह सही है कि अगर प्रदेश की सभी स्कूल्स में एक जैसा ड्रेस-कोड होगा तो बच्चों के अंदर हीनता का भाव नहीं आएगा वरना बहुत सारे सरकारी स्कूल्स में पढने वाले बच्चे तो इसी सोच में अपने आपको कमतर आंकने लगते हैं कि दूसरी ड्रेस वाले बच्चों से वे कमतर हैं। इस कमतरी के अहसास को खत्म करवाने के लिए एक जैसी ड्रेस कोड का विचार अच्छा है। हालांकि, भाजपा इस मुद्दे पर लगातार काम कर रही है। जैसे वन नेशन, वन इलेक्शन, वन नेशन, वन राशन कार्ड आदि। ऐसे में स्कूल्स में भी अगर एकरूपता आएगी तो बच्चों के समन्वित विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।देखना यह है कि निजी स्कूल्स में यह नियम कैसे लागू होता है? जाहिराना तौर पर सरकार, मंत्री और शिक्षा विभागीय अधिकारियों को अधिक समर्पित, नैतिक और निष्ठावान होना होगा तब ही ये चार नियम स्कूल्स में लागू हो पाएंगे।

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    यह आर्टिकल हरीश बी. शर्मा ने लॉयन एक्सप्रेस पोर्टल पर एक फरवरी 2024 को अपने नियमित संपादकीय कॉलम “हस्तक्षेप” में पब्लिश किया था। विशेष अनुरोध पर ज्ञानायाम में भी प्रकाशित करने की अनुमति देने के लिए ज्ञानायाम उनके प्रति कृतज्ञ है।

  • मोहता आयुर्वेदिक रसायनशाला, चिकित्सालय एवं हर्बल गार्डन का शैक्षणिक भ्रमण कर स्टूडेंट्स हुए अभिभूत

    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजलदेसर (चूरु) के स्टूडेंट्स ने किया भ्रमण

    बीकानेर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजलदेसर, चूरू के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को दोपहर में श्री मोहता आयुर्वेदिक चिकित्सालय ट्रस्ट के विभिन्न विभागों का भ्रमण कर जानकारी प्राप्त की।

    मोहता आयुर्वेदिक चिकित्सालय ट्रस्ट के श्रीमती जया रामपुरिया, वैद्य मुकेश भारद्वाज, वैद्य प्रमोद भट्ट एवं योगेश पुरोहित ने ट्रस्ट द्वारा संचालित औषधालय, रसायनशाला एवं हर्बल गार्डन का भ्रमण कराते हुए विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मोहता आयुर्वेदिक चिकित्सालय के वैद्य प्रमोद भट्ट ने आर्युवेद का महत्व समझाते हुए स्टूडेंट्स से बारहवीं के बाद बी.ए.एम.एस. करने की प्रेरणा प्रदान की। इस दौरान 100 साल से भी अधिक पुरानी मोहता धर्मशाला का का भ्रमण भी स्टूडेंट्स को कराया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट द्वारा सभी सहभागी स्टूडेंट्स, टीचर्स व स्टाफ को चंदन व गुलाब के शर्बत की बोटल्स वितरित की गई तथा चाय नाश्ते का प्रबंध भी किया गया।

    भ्रमण कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजलदेसर (चूरु) के प्रिंसीपल जय सिंह बाहरठ के नेतृत्व व निर्देशन में शैक्षणिक स्टाफ सदस्य विजय पाल एचरा, मनमोहनदान, गिरधारी डेलू, सुनील कड़वा, अनिल खेतड़ तथा सुमन पांडे एवं 50 स्टूडेंट्स ने सहभागिता की। ट्रस्ट द्वारा दिए गए मार्गदर्शन, सहयोग एवं सेवा से अभिभूत होकर प्रधानाचार्य बारहठ ने ट्रस्ट के प्रति खुले मन से आभार व्यक्त किया।

  • आरएसवी के विद्यार्थियों ने सूर्य किरण टीम के एयर शो का भरपूर आनंद लिया

    बीकानेर। आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने नाल एयर फोर्स स्टेशन पर गुरुवार को आयोजित एयर शो के हैरत अंगेज कारनामों का भरपूर लुत्फ उठाया। भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के नारों के साथ विद्यार्थियों ने सूर्य किरण टीम के एस यू- 30 तथा तेजस फाइटर प्लेन द्वारा आसमान में दिखाए जा रहे विभिन्न करतबों का खुली हुई धूप में भी जमकर आनंद लिया।

    फाइटर प्लेन की कलाबाजियां देखकर विद्यार्थी रोमांचित हो रहे थे। वायु सैनिकों से मिलकर विद्यार्थियों का जोश दुगुन हो गया। उन्होंने विभिन्न करतब तथा विमान संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को सैनिकों के समक्ष रखा।

    विद्यालय की प्रधानाचार्य निधि स्वामी ने कहा कि एयरफोर्स द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम निश्चित रूप से सराहनीय हैं तथा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से स्टूडेंट्स को अपनी वायुसेना पर गर्व करने की प्रेरणा भी मिलती है।

  • शांति विद्या निकेतन का एसयूपीडब्ल्यू शिविर हुआ शुरू

    बीकानेर। शीतला गेट स्थित शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के वार्षिक एसयूपीडब्ल्यू शिविर का उद्घाटन गुरूवार को शिक्षाविद एवं करुणा इंटरनेशनल संस्था, बीकानेर के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने किया। खैरीवाल ने इस अवसर पर समाजोपयोगी शिविर की उपयोगिता पर रोशनी डालते हुए करुणा क्लब के उद्देश्यों और कार्यों के बारे में समझाया। इस अवसर पर शाला सचिव रमेश कुमार मोदी ने अमृतधारा बनाना सीखाया और “मेरे बाबा मोटरगाड़ी चलाए” मनोरंजन गीत गाकर शिविरार्थियों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने इस अवसर पर शाला की स्काउट व गाइड एक्टिविटिज के बारे में भी जानकारी दी।

    सेवानिवृत्त शिक्षाधिकारी आनंद कुमार व्यास ने वेसलीन और विक्स बनाना सीखाकर विद्यार्थियों को घरेलू उपचार में काम आने वाली वस्तुओं के बारे में बताया। शाला प्रधान हनुमान छींपा ने बताया की इस शिविर के अंर्तगत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के खेलों द्वारा मनोरंजन के साथ साथ अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करना बताया जाता है। कार्यक्रम का संचालन शाला के अध्यापक, करूणा क्लब और नैशनल ग्रीन कोर इको क्लब के प्रभारी सौरभ बजाज ने किया।

  • गणतंत्र दिवस के उल्लास के साथ आयोजित हुए ऊर्जा संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम “स्पंदन” को देखने हेतु 4 घंटे लगातार डटे रहे दर्शक

    ईको एवं करुणा क्लब्स के संयुक्त आयाम में नन्हीं प्रतिभाओं का जादू छाया

    बीकानेर। नेशनल ग्रीन कोर (इको क्लब), राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड तथा करुणा इंटरनेशनल संस्था, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में ऊर्जा संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम के तहत “स्पंदन” कार्यक्रम का आयोजन गंगाशहर स्थित टी. एम. आडिटोरियम में 26 जनवरी 2024 को किया गया। कार्यक्रम – समन्वयक गिरिराज खैरीवाल के मुताबिक इस अवसर पर आईटीआई के उपनिदेशक कैलाश शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज के समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने अपने संबोधन में ऊर्जा संरक्षण के अनेकानेक टिप्स देते हुए कहा कि हम छोटी छोटी आदतें अपनाकर रोजाना ऊर्जा संरक्षण कर सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विख्यात अंक व अंग ज्योतिषी, वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ. कुमार गणेश ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में मानसिक ऊर्जा की व्याख्या करते हुए मनोबल के बल पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की। इस अवसर पर टाटा सोलर सिस्टम के बीकानेर के प्रतिनिधि योगेश वर्मा ने सोलर एनर्जी संबंधित औउपयोगी जानकारी दी।


    स्काउट व गाइड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विमला मेघवाल, बीकानेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष व स्थानीय संघ गंगाशहर के प्रधान भवानीशंकर जोशी एवं सहायक लोक अभियोजक धीरज चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सी. ओ. (स्काउट) जसवंत सिंह राजपुरोहित ने स्काउट व इको क्लब के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा आयोजन की उपादेयता प्रस्तुत की। करुणा इंटरनेशनल के शिक्षा अधिकारी घनश्याम साथ ने करुणा इंटरनेशनल संस्था के संबंध में जानकारी दी तथा संस्था की आगामी प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। खैरीवाल ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके संक्षिप्त परिचय भी प्रस्तुत किए। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण संबंधी जानकारी भी दी। मंच उद्घोषक राकेश कुमार जोशी ने भी ऊर्जा संरक्षण के जरूरी उपाय बताए। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी मेघराज बोथरा ने की।


    29 करुणा क्लब्स की मनभावन प्रस्तुतियों ने खिलाए विविध रंग, “स्पंदन” ने किया सभी को सम्मोहन रूपी ऊर्जा से सराबोर

    इस अवसर पर आयोजित हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में नगर की 29 स्कूल्स के करुणा क्लब्स के 311 स्टूडेंट्स ने प्रभावी प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों, अभिभावकों, अतिथियों व शिक्षकों को सम्मोहित कर दिया। कार्यक्रम की शुरूआत करुणा प्रार्थना, करुणा गीत एवं अणुव्रत गीत की प्रभावी प्रस्तुति के साथ श्री पूर्णेश्वर ज्ञान मंदिर द्वारा हुई। श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल के सरस्वती वंदना नृत्य तथा बालगोविंदम माध्यमिक विद्यालय के स्वागत नृत्य की मनमोहिनी प्रस्तुतियों से शुरू हुई करतल ध्वनि व दाद लगभग सभी कार्यक्रमों को निरंतर मिलती रही। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देखकर दर्शक विस्मय से प्रफुल्लित हो रहे थे। उनकी लगातार बज रही तालियां बच्चों का हौंसला आफजाई कर रही थी।

    दिव्यांग सेवा संस्थान के दिव्यांग स्टूडेंट्स के कार्यक्रम को बहुत सराहना मिली। समाज सेवी जतनलाल दूगड़ ने दिव्यांग सेवा संस्थान को 2100/- की राशि के चैक से पुरस्कृत किया। शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के छोटे छोटे स्टूडेंट्स द्वारा प्रस्तुत नाटक “मैं भारत की संतान हूँ” को जमकर प्रशंसा मिली। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर विक्टोरियस पब्लिक स्कूल के संस्थापक मनोज व्यास ने 2100/- की राशि से पुरस्कृत किया। इसी तरह से प्रभात बाल मंदिर द्वारा प्रस्तुत योगमयी नृत्य ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। डिसेंट किड्स के राजस्थान की महिमा का बखान करते हुए प्रस्तुत नृत्य ने भी जमकर सराहना हासिल की। सनराईज अकादमी की देश की सीमा रक्षा को समर्पित प्रस्तुति हो चाहे शांति इंग्लिश एकेडमी एवं सेमूनो इंटरनेशनल टेक्नो स्कूल की प्रस्तुतियां हों, दर्शकों ने खुले मन से तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। हीरालाल सौभागमल रामपुरिया विद्या निकेतन तथा एनडी ज्ञानदीप की प्रस्तुतियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जुबिलेंट अकेडमी, श्री सार्थक एकेडमी, शिव माध्यमिक विद्यालय, वर्धमान इंग्लिश एकेडमी, गिन्नी बाल निकेतन, जय गुरुकुल विद्यालय, शांति बाल निकेतन, अमर ज्योति विद्या मंदिर, राजकीय बोथरा बालिका विद्यालय, अरूणोदय विद्या मंदिर, नालंदा पब्लिक स्कूल, विक्टोरियस पब्लिक स्कूल, आदर्श शिक्षा निकेतन, विक्टोरियस कॉन्वेंट स्कूल, राजकीय बांठिया बालिका विद्यालय, गोपाल बाल मंदिर तथा इंद्रा विद्यालय द्वारा प्रस्तुत की गयी प्रस्तुतियां भी एक से बढ़कर एक रहीं।


    पुरस्कार पाकर चहके बालक – बालिकाएं

    कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले सभी 311 विद्यार्थियों को करुणा साहित्य, पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। सभी सहभागी 29 करुणा क्लब स्कूल्स को स्मृति चिन्ह एवं करुणा साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में निर्धारित समय तक पहुंचने एवं कार्यक्रम समापन होने तक रूकने वाले स्कूल्स को तिरंगा दुपट्टा एवं डायरी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
    कार्यक्रम में शिरकत करने वाले सभी अतिथियों को तिरंगे दुपट्टे, करुणा साहित्य एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिम्मेदारियों में जुटे जैन पी जी महाविद्यालय के रोवर्स मयंक पंवार, आर्यन दावड़ा, इंद्रजीत सिंह, हिमांशु जोशी, कुशाल दैया, लक्ष्य सेवग, करण सिरोही, हेमंत सुथार एवं नरेंद्र जाट, राजकीय बोथरा बालिका विद्यालय की गाइड्स राजिका राजपुरोहित, माया भूटिया, ज्योति राजपुरोहित, हर्षिता राजपुरोहित, श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल की गाइड्स दिशा राजपुरोहित व दिव्या स्वामी तथा स्काउट्स आशीष जीनगर, शुभम आसदेव,महेश बाणिया, निर्मन्यु राजपुरोहित, विनायक राजपुरोहित, लोकेश बाणिया व कपिल बाणिया को भी प्रशस्ति पत्र एवं करुणा साहित्य भेंट कर प्रोत्साहित किया गया।

    डिसेंट किड्स की कक्षा 6 की छात्रा अश्लेषा खैरीवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत तिलक निकालकर किया।

    2023 के श्रेष्ठ करुणा क्लब्स का किया अभिनंदन

    इस मौके पर गत वर्ष 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत तीन करुणा क्लब्स का अभिनंदन किया गया। नालंदा पब्लिक स्कूल एवं प्रभात बाल मंदिर को उत्कृष्ट करुणा क्लब के अंतर्गत नेशनल अवार्ड मिलने पर अभिनंदन किया गया। इन दोनों स्कूल्स को अवार्ड, सर्टिफिकेट एवं 11 हजार रुपये से 31 दिसंबर 2023 को चैन्नई में करुणा इंटरनेशनल के राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मानित किया गया था। इसी तरह से इसी कार्यक्रम में शांति विद्या निकेतन को नेशनल लेवल पर एप्रीसिएट पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। स्पंदन के दौरान बीकानेर केंद्र की तरफ से तीनों विद्यालयों के करुणा क्लब्स का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर बीकानेर केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिले उत्कृष्ट अवार्ड को बीकानेर के सभी सक्रिय करुणा क्लब्स को समर्पित किया गया।


    जतनलाल दूगड़ का हुआ सेवा अभिनंदन

    करुणा इंटरनेशनल संस्था के प्रणेता व समाजसेवी जतनलाल दूगड़ के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में उनका सेवा अभिनंदन किया गया। सेवा अभिनंदन के अंतर्गत शाल, मोतियों की माला एवं अभिनंदन पत्र से 9 विद्यालयों की तरफ से गिरिराज खैरीवाल, घनश्याम साध, प्रभुदयाल गहलोत, रमेश बालेचा, सौरभ बजाज, जितेन्द्र बालेचा, डॉ. नीलम जैन, अनुराधा जैन एवं मुकेश पांडेय ने सम्मान किया। अभिनंदन पत्र का वाचन डॉ. कुमार गणेश ने किया। अनुराधा जैन ने संस्कृत श्लोक के वाचन से श्री दूगड़ को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।
    इस अवसर पर श्री दूगड़ ने कहा कि इस सेवाभिनंदन लेख में उल्लेखित समस्त गुणों को आत्मसात करने का उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।


    इन सब के विशिष्ट सहयोग से ही स्पंदन ने किया प्रभावित

    कार्यक्रम का कुशल मंच संयोजन राकेश कुमार जोशी ने किया। करुणा इंटरनेशनल संस्था, बीकानेर के कोषाध्यक्ष संपतलाल दूगड़, निदेशक शांतिलाल बोथरा, इंद्रा बालेचा, रामचंद्र आचार्य, भंवरी देवी, हरिनारायण आचार्य, मनोज सिंगला, मनोज आचार्य, कमलचंद बाणिया, राणसिंह राजपुरोहित, केवलचंद भूरा, सवाईसिंह राजपुरोहित, विनोद रामावत, महावीर जैन, इंद्राज प्रजापत, आशा शर्मा, कुमकुम गहलोत, सरिता उपाध्याय, वर्षा चौहान, गुनगुन सोनगरा, चित्रा मारु, काजल कंसारा, डोली दूगड़, अनिता भार्गव और पवन अग्रवाल इत्यादि ने विभिन्न व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से संपादित किया।

    टी एम आडिटोरियम में पैर रखने तक की नहीं थी जगह

    कार्यक्रम का समय दो बजे रखा गया था और सवा दो बजे तक आडिटोरियम की सभी सीट्स फुल हो गयी और ढाई बजे तक आडिटोरियम का कोना खचाखच भर गया। ये सभी उपस्थित जन कार्यक्रम समापन होने तक जमे रहे।