आर्ट ऑफ लिविंग, बीकानेर का गुरु के प्रति श्रद्धा समर्पण का विशिष्ट आयाम
अवर फॉर नेशन संस्था के सेवा कार्यों का होगा भव्य अभिनंदन – सम्मान
बीकानेर। गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर केंद्र द्वारा भजन संध्या, गुरु पूजा, दिव्य ध्यान एवं सेवा सम्मान के विशिष्ट आयामों के आयोजन रविवार, 02 जुलाई 2023 को ट्रांसपोर्ट गली, रानी बाजार स्थित कथूरिया भवन में होंगे।
आर्ट ऑफ लिविंग ब्यूरो कम्यूनिकेशन के बीकानेर जोनल मीडिया कोऑर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि रविवार को ही प्रातः 7 बजे से आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी की रिकार्डेड वॉयस में सुदर्शन क्रिया का अद्भुत कार्यक्रम भी इसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा। सायंकाल 7 बजे गुरु पूजा एवं दिव्य ध्यान के आयोजन होंगे। सायं 7:30 बजे गुरु भक्ति भजन संध्या में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुमेरु भजन गायक जितेंद्र सारस्वत द्वारा भजनों की दिव्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी। खैरीवाल ने बताया कि इस अवसर पर टीम अवर फॉर नेशन का सम्मान भी संस्था द्वारा किया जाएगा।
संस्था के वरिष्ठ सदस्य रवि कथूरिया, अपेक्स राजेश मुंजाल वरिष्ठ प्रशिक्षिका साधना सारस्वत इत्यादि के नेतृत्व में इन आयोजनों को भव्यतम बनाने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग की टीम सप्ताह भर से जुटी हुई है। रवि कथूरिया ने आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, कार्यकताओं एवं डिवोटिज से विशेष अपील की है कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में इस अनुपम संध्या में सम्मिलित होकर अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व समर्पण के भावों की अभिव्यक्ति अवश्य ही दें।
बीकानेर। राजकीय डूंगर महाविद्यालय के ग्रीन कैमिस्ट्री रिसर्च सेन्टर के दो शेाधार्थियों नरेश कुमार हर्ष एवं रामचंद्र बेनीवाल ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय से पीएचडी हासिल की है। नरेश कुमार हर्ष ने ‘माइक्रोवेव एसिस्टेड सिंथेसिस, बायोलॉजिकल एक्टिविटी व क्यूएसएआर स्टडीज’ विषय में तो रामचन्द्र बेनीवाल ने ’प्राकृतिक व कृत्रिम मधुरक के संकुल’ विषय में ये उपाधि अर्जित की है।
दोनों ही शोधार्थियों ने अपना शोधकार्य डूंगर महाविद्यालय के प्रो. (डॉ.) नरेंद्र भोजक के निर्देशन में किया है। नरेश कुमार हर्ष ने क्यूएसएआर विषय से संबंधित चार शोध पत्र अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किये हैं। क्यूएसएआर स्टडी दवाइयों के निर्माण मे लगने वाले समय और खर्च को बचाता है। राजस्थान मे ये अपने प्रकार का पहला शोध है। हर्ष वर्तमान में बिन्नानी कन्या महाविद्यालय में विज्ञान विषय के समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं।
रामचंद्र बेनीवाल ने प्राकृतिक व कृत्रिम मधुरक के संकुल विषय से संबंधित चार शोध पत्र अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित किए। यह डायबीटीज के रोगियों के लिए उपयोगी है। बेनीवाल वर्तमान में गंगाराम सीनियर सैकण्डरी स्कूल में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर के लिए बड़ी सौगात गंगाशहर महाविद्यालय का डॉ. कल्ला एवं भाटी ने किया उद्घाटन
बीकानेर। शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि शिक्षा ही मनुष्य का सबसे सुंदर और बड़ा आभूषण होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य में सैंकड़ों नए शिक्षण संस्थान बड़े स्तर पर स्थापित किए हैं एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों को और अधिक विकसित किया है। उन्होंने ये उद्गार राजकीय महाविद्यालय, गंगाशहर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहे।
17 जून को बूंदाबांदी के बीच आयोजित हुए इस समारोह में शिक्षामंत्री डॉ. कल्ला ने कहा कि ये महाविद्यालय शुरू होने से गंगाशहर, भीनासर, सुजानदेसर, गोपेश्वर बस्ती, उदयरामसर, चौधरी कॉलोनी, घड़सीसर इत्यादि क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों द्वारा यहां महाविद्यालय खोले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे पूरा करते हुए क्षेत्रवासियों को सौगात दी है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है तथा भवन निर्माण के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए की स्वीकृति भी राज्य सरकार द्वारा जारी कर दी गई है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। नए सत्र से अस्थाई तौर पर कक्षाएं भी आरंभ कर दी जाएंगी। शिक्षामंत्री ने कहा कि बीकानेर को एज्यूकेशन हब के रूप में विशेष पहचान मिली है। यहां पांच विश्वविद्यालय और अनेक महाविद्यालय हैं। वहीं गत वर्ष बजट में डेयरी साइंस, आयुर्वेद और पब्लिक हेल्थ कॉलेज भी स्वीकृत करवाए गए। इस दौरान डॉ. कल्ला ने क्षेत्र में उनके द्वारा करवाए गए अनगिनत विकास कार्यों का उल्लेख भी किया।
ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि वर्ष 2018 तक प्रदेश में 230 कॉलेज थे जो अब बढ़कर लगभग 500 हो गए हैं। इनमें बालिका शिक्षा के महाविद्यालय भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में नए महाविद्यालय खोले हैं। इससे उच्च शिक्षा के अवसर बढे हैं। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर के युवा वर्ग के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और नवाचारों के बारे में बताया। कॉलेज के नोडल प्राचार्य डॉ. इंद्रसिंह राजपुरोहित ने स्वागत उद्बोधन दिया और कहा कि शीघ्र ही प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। समाजसेवी हंसराज डागा ने महाविद्यालय का नामकरण आचार्य तुलसी के नाम से करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस दौरान नोडल अधिकारी डॉ. देवेश खंडेलवाल तथा त्रिलोकीनाथ कल्ला बतौर अतिथि मौजूद रहे।
इस अवसर पर अखाराम चौधरी ने शिक्षामंत्री डॉ बी डी कल्ला का शाल एवं साफा भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के अतिरिक्त कुलसचिव डॉ. बिठ्ठल बिस्सा, पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल, जतन लाल दूगड़, खेताराम चौधरी, गिरिराज सेवग, बसंत नवलखा, प्रकाश पुगलिया, सोहनलाल चौधरी, डॉ. अनंत नारायण जोशी, प्रकाश सामसुखा, डॉ. राकेश हर्ष, , डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र पुरोहित ने किया।
बीकानेर। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के सचिव विनेश शर्मा तथा प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने शिक्षा मंत्री डॉ.बी.डी. कल्ला से मुलाकात कर आरटीई के अंतर्गत विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आग्रह किया।
विनेश शर्मा ने 18 जून को डॉ. कल्ला के नागौर प्रवास के दौरान मुलाकात की तो खैरीवाल ने 17 जून को बीकानेर में राजकीय महाविद्यालय, गंगाशहर के उद्घाटन समारोह पश्चात इस संबंध में चर्चा की।
शर्मा और खैरीवाल ने आरटीई के अंतर्गत सत्र 2022-23 की द्वितीय किश्त का क्लेम बनाना तुरंत शुरू करने, सत्र 2018-19 एवं 2019-20 तक के सभी बैरियर्स हटाने, आरटीई के अंतर्गत सत्र सत्र 2020-21 के दौरान आफलाइन शिक्षा देने वाले स्कूल्स को भुगतान हेतु स्वीकृति देने तथा वर्तमान सत्र 2022-23 से शुरू किए गए प्री प्राईमरी कक्षाओं में आरटीई के प्रवेश पेटे पुनर्भरण की पुरजोर मांग की। मंत्री डॉ. कल्ला ने ने कहा कि 20 जून को जयपुर पहुंचते ही इस विषय में आवश्यक कार्यवाही संपादित करेंगे।
11 में से 5 को वर्चुअल मान्यता जारी जबकि 6 की जांच प्रक्रियाधीन
बीकानेर। सत्र 2023-24 के लिए नवीन मान्यता एवं क्रमोन्नति के सभी आवेदनों का निस्तारण निदेशालय के पीएसपी सेक्शन द्वारा 30 जून तक करने की कोशिश सफल होती नहीं दिखाई दे रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों द्वारा समय पर आवेदन पत्र निदेशालय नहीं भिजवाया जाना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष मान्यता एवं क्रमोन्नति के कुल 2200 के करीब आवेदन किए गए हैं। इनमें से लगभग 1500 पत्रावलियां भी अभी तक निदेशालय नहीं पहुंच सकी हैं। शिक्षा विभाग द्वारा जारी टाईम फ्रेम के अनुसार 30 अप्रैल 2023 तक सभी आवेदनों का निस्तारण किया जाना था लेकिन बाबुओं की हड़ताल के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है और लगता नहीं है कि 30 जून 2023 तक सभी आवेदनों का निस्तारण किया जा सकेगा हालांकि प्राप्त आवेदनों की जांच में पीएसपी के अधिकारीगण एवं कार्मिक दिन रात जुटे हुए हैं।
वे छुट्टी वाले दिन भी आफिस आकर इन पत्रावलियों की जांच कर रहे हैं। आफिस अवर्स खत्म होने के बाद भी टीम पीएसपी इन फाईल्स का निस्तारण करने में जुटी हुई हैं। अभी तक लगभग पांच सौ फाईल्स की जांच पड़ताल हो चुकी है। इनमें से सही पाई गयी फाईल्स को मान्यता / क्रमोन्नति के लिए येस किया जा रहा है तो निरस्त करने योग्य आवेदनों को निरस्त भी किया जा है। यदि किसी आवेदन में कोई ऐसी त्रुटि मिल रही है जिसका समाधान संबंधित आवेदक द्वारा किया जा सकता है, तो ऐसे आवेदनों पर आक्षेप लगाकार पूर्ति हेतु भी सूचित किया जा रहा है।
इस वर्ष शुरू की गई वर्चुअल मान्यता हेतु प्राप्त कुल 11 आवेदन पत्रों में से 5 को मान्यता जारी की जा चुकी है, जिसमें से एक उदयपुर तथा चार वर्चुअल मान्यताएं जोधपुर जिले में जारी की गई हैं। जयपुर, सीकर, बीकानेर, झुंझुनूं जिलों से प्राप्त वर्चुअल मान्यता कि फाईलों का जांच कार्य प्रक्रियाधीन है।
बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2022-23 की द्वितीय किश्त के क्लेम बिल की तैयारी पूरी कर ली गयी है। इस संबंध मेंअप्रैल के अंतिम सप्ताह में निदेशालय द्वारा शिक्षा सचिवालय प्रस्ताव भेजे गए थे जो पिछले दिनों अनुमोदित होकर आ गए हैं। अब बजट संबंधित आवश्यक कार्यवाही होते ही पोर्टल पर क्लेम बिल जनरेशन आप्शन शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है इसी सप्ताह क्लेम बिल बनने शुरू हो जाएंगे। निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि लिपिकीय हड़ताल के कारण अनावश्यक विलंब हुआ है और अब शीघ्र ही बिल जनरेट होने शुरू हो सकेंगे।
बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2022-23 की द्वितीय किश्त प्राप्ति हेतु शर्त रखे जाने की जानकारी मिली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिन स्कूल्स द्वारा एकीकृत मान्यता संबंधित कार्यवाही पूरी कर दी है, उन्ही स्कूल्स के क्लेम बिल्स जनरेट होंगे। जिन स्कूलों द्वारा एकीकृत मान्यता संबंधित कार्यवाही पूरी नही की है, उनके बिल एकीकृत मान्यता माड्यूल कंप्लीट करने के बाद ही जनरेट हो सकेंगे।इस संबंध में पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल एवं बाल किशन सोलंकी ने आरटीई और पीएसपी के अधिकारियों से 6 जून को मुलाकात कर एकीकृत मान्यता माड्यूल को कंप्लीट करने में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक कमियों से अवगत कराते हुए बिल से इसे नहीं जोड़ने का पुरजोर आग्रह किया है।
बीकानेर। आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया एवं दिशानिर्देशों से संबंधित हाइकोर्ट में चल रही याचिकाओं में शिक्षा विभाग ने केविएट प्रस्तुत कर दी है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच में स्कूल क्रांति संघ की ओर से लगाई गई याचिका में शिक्षा विभाग की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता चिरंजीलाल सैनी की तरफ से तथा राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जोधपुर द्वारा जोधपुर हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका में अतिरिक्त महाधिवक्ता पंकज शर्मा द्वारा केविएट प्रस्तुत की गयी है। उल्लेखनीय है कि स्कूल क्रांति संघ की ओर से प्री प्राईमरी कक्षाओं में आरटीई के अंतर्गत शिक्षण पेटे भुगतान करने संबंधित याचिका लगा रखी है जबकि जोधपुर हाईकोर्ट में राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल ने दिशा निर्देशों को चुनौती देते हुए याचिका दायर कर स्टे ले रखा है।
बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 में रिपोर्टिंग के बाद दस्तावेजों की आनलाइन जांच करने की तारीख में वृद्धि की गई है। अब 8 जून तक दस्तावेजों के आनलाइन वेरीफिकेशन या आब्जेक्शन किये जा सकेंगे। ज्ञात रहे कि सत्र 2023-24 से रिपोर्टिंग का नया सिस्टम लागू किया गया था। इस के अंतर्गत आवेदन पत्र में पहले नंबर पर चुनी गई स्कूल को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गयी थी। हालांकि 2 जून तक अभिभावकों को इस वरीयता क्रम में परिवर्तन कर 2 से 4 नंबर पर उल्लेखित स्कूल में से किसी एक में या उसी वरीयता क्रम पर रिपोर्ट करने का अवसर दिया गया था। 2 जून के बाद भी अनेक अभिभावकों द्वारा किसी भी स्कूल में रिपोर्ट नहीं की गई। ऐसे सभी आवेदनों में क्रम संख्या 1 पर चुनी गयी स्कूल में आटो रिपोर्टिंग एनआईसी द्वारा 5 जून की शाम को कर दी गई। एक दिन में जांच संभव नहीं होने एवं पर्याप्त जानकारी के अभाव में समयावधि कम बताते हुए प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने 6 जून को दोपहर में मौखिक रूप से आरटीई के अधिकारियों से तारीख़ में कम से दो दिन की वृद्धि का अनुरोध किया। अधिकारियों ने अनुरोध पर गौर करते हुए शाम को तारीख में दो दिन की वृद्धि करते हुए अंतिम दिनांक 8 जून कर दी है। खैरीवाल ने तारीख में वृद्धि करने पर आरटीई की उपनिदेशक चंद्र किरण पंवार का आभार व्यक्त किया है।
जोधपुर की राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल की पीटिशन पर हुई कार्रवाई
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने आरटीई के अंतर्गत सत्र- 2023-24 में प्रवेश संबंधित स्टे देते हुए शिक्षा विभाग से 4 सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है। यह स्टे जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल द्वारा की गई पीटिशन के आधार पर 1 जून 2023 को दिया गया है। स्कूल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष सिसोदिया एवं उनके सहायक अधिवक्ताओं भानूप्रताप सिंह चौहान एवं जयदीप सिंह सलूजा ने पैरवी करते हुए कहा कि स्कूल द्वारा प्री प्राईमरी की प्रवेश प्रक्रिया दिसंबर 2022 एवं जनवरी 2023 में संपूर्ण कर दी गई थी जबकि शिक्षा विभाग ने 27 मार्च 2023 को आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 में प्री प्राईमरी के प्रवेश हेतु दिशा निर्देश जारी किए थे। हाईकोर्ट के जज पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने स्कूल के पक्ष में स्टे देते हुए शिक्षा विभाग से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। स्कूल द्वारा सचिव, स्कूल शिक्षा, निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा तथा जिला शिक्षा अधिकारी, जोधपुर को उतरदायी बनाया है।
गौरतलब है कि अभी तक यह स्टे केवल पीटिशन करने वाली स्कूल के लिए ही लागू है। इस स्टे के आधार पर अन्य विद्यालय भी स्टे लाने की कार्रवाई करने हेतु स्वतंत्र हैं, हालांकि स्कूल क्रांति संघ की ओर से जयपुर हाईकोर्ट बैंच में इस स्टे संबंधित कार्रवाई को संलग्न करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बीकानेर। किसी सिरफिरे ने शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला के नाम से दसवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम संबंधित फेक ट्वीट सोशल मीडिया पर साझा कर दिया और यह वायरल भी हो गया। शुक्रवार शाम से ही शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला के नाम से एक ट्विट सोशल मीडिया पर घूम रहा था। ज्ञानायाम ने इस ट्वीट की पड़ताल की तो इसे फेक पाया। ज्ञानायाम द्वारा इस संबंध में शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला एवं बोर्ड सचिव मेघना चौधरी से दूरभाष पर वार्ता की गयी। डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि वे 25 मई को ही कह चुके हैं कि बोर्ड का कक्षा दसवीं का परिणाम जून के पहले सप्ताह में जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम से चल रहा ट्वीट फर्जी है और यह किसी शरारती तत्व की हरकत है। उन्होंने कहा कि इसकी उचित तरीके से जांच हेतु निर्देशित कर दिया गया है। बोर्ड सचिव मेघना चौधरी ने बताया कि अगले सप्ताह से पहले रिजल्ट जारी करना संभव नहीं है। बोर्ड द्वारा एक सप्ताह बाद परिणाम जारी किए जाने की कोशिश की जा रही है।
भरतपुर। सेवारत तृतीय श्रेणी शिक्षक के सेवा संबंधित संशोधित आदेश निकालने की एवज में घूस लेना अतिरिक्त जिला अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), भरतपुर को महंगा पड़ गया। जयपुर में पदस्थापित तृतीय श्रेणी शिक्षक की शिकायत पर धौलपुर एसीबी ने यह कार्रवाई की तथा एडीईओ सुनील अग्रवाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। संबंधित टीचर ने एसीबी के जयपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी थी, जिस पर जयपुर कार्यालय द्वारा धौलपुर एसीबी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
मिली जानकारी के मुताबिक परिवादी शिक्षक जयपुर में सेवारत है और कोर्ट के आदेश से भरतपुर आ गया। जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर दयाल बंसल द्वारा 28 अगस्त 2022 को जारी आदेश में संबंधित टीचर को प्रोविजनल पीरियड दुबारा करने के लिए निर्देशित किया गया था। बाद में एक आदेश 10 मई 2023 को भी जारी हुआ। ये दोनों आदेश लेकर टीचर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचा। वहाँ उसने एडीईओ सुनील अग्रवाल को दोनों आदेश प्रस्तुत किए। दोनों आदेश देखकर एडीईओ अग्रवाल ने संशोधित आदेश की एवज में आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी। एडीईओ ने संबंधित टीचर को कहा कि कार्यालय में नई चेयर्स की आवश्यकता है और इस लिए संशोधित आदेश निकालने हेतु आठ हजार रुपये देनें होंगे। इसके बाद टीचर ने जयपुर एसीबी में शिकायत दर्ज करायी। जिसके सत्यापन हेतु बुधवार को एसीबी धौलपुर ने कार्रवाई की और एडीईओ को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
बीकानेर। पंजीयक, शिक्षा विभागीय परीक्षाएं द्वारा डाईट्स के माध्यम से ली गई पांचवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम इसी सप्ताह जारी करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस परीक्षा में लगभग 14 लाख परीक्षार्थियों ने पहली बार बोर्ड परीक्षाएं दीं हैं। हालांकि आरटीई के नियमानुसार किसी भी परीक्षार्थी को फेल नहीं किया जा सकेगा।
मिली जानकारी के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा कर लिया गया है और अब बच्चों के प्राप्तांक वेबसाइट पर युद्ध स्तर पर अपलोड किए जा रहे हैं। कुछ एक डाईट्स के अलावा सभी ने मार्क्स अपलोड करने का कार्य संपन्न कर दिया है।
ये भी जानकारी मिली है कि पांचवी बोर्ड परीक्षा का परिणाम शिक्षा मंत्री डॉ.बी. डी. कल्ला द्वारा बीकानेर से घोषित किए जाने की कोशिश की जा रही है। ये भी सुनने में आ रहा है कि पांचवीं बोर्ड का परिणाम आठवीं बोर्ड की तुलना में बेहतर रखने की कवायद हो रही है।
31 मई तक दसवीं के परिणाम की पुरजोर कोशिश कर रहा है बोर्ड
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर ने बारहवीं के आर्ट्स के परिणाम की तैयारी पूरी कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार या गुरुवार को परिणाम जारी किया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री डॉ.बी. डी. कल्ला द्वारा परिणाम जारी किए जाने की जानकारी मिली है। 6.80 लाख स्टूडेंट्स बारहवीं आर्ट्स की परीक्षा में इस वर्ष सम्मिलित हुए हैं।
शुक्रवार की रात्रि में विज्ञान व वाणिज्य का परिणाम बोर्ड जारी कर चुका है। बोर्ड के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बोर्ड कक्षा दसवीं का परिणाम भी 31 मई तक जारी करने की पुरजोर कोशिश में है।
बीकानेर। शिक्षा विभाग में हर किसी की किसी भी तरह की मदद के लिए सदैव तत्पर रहने वाले शिक्षक राजपाल अघाना का असामयिक देहावसान हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। सोमवार रात में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम यात्रा सुबह ११ बजे उनके निवास स्थान से रानी बाजार पट्टी पेड़ा के पास स्थित गुर्जर समाज श्मशान गृह हेतु प्रस्थान करेगी। उनके असामयिक देहावसान पर अनेक शिक्षक संघों ने संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि वे जिंदादिल और नेक इंसान थे। उन्होंने कहा कि यह अपूरणीय क्षति है। खैरीवाल ने उनकी आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना ईश्वर से की है। शिक्षाविद महेंद्र पांडे, रमेश सैनी, कृष्ण कुमार स्वामी, राकेश पंवार, तरविंद्र सिंह कपूर इत्यादि ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
बीकानेर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा 18 मई 2023 को घोषित कक्षा 12 वीं के विज्ञान वर्ग के परीक्षा परिणाम में श्री सूरज बाल बाड़ी उच्च माध्यमिक विद्यालय की दो छात्राओं ने बीकानेर जिले में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है। विद्यालय की प्रेरणा मंडाल ने 97.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बीकानेर में टॉप किया है। इसी प्रकार महक वर्मा ने 96.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर बीकानेर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार स्वामी ने बताया कि दोनों ही बालिकाएं बचपन से ही इसी स्कूल की स्टूडेंट्स हैं। स्वामी ने बताया कि 19 मई को शाम को स्कूल परिसर से दोनों स्टूडेंट्स के साथ विजय रैली निकाली गई तथा स्कूल परिसर में छात्राओं को सम्मानित किया गया। रैली स्कूल से रवाना हो कर नगर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए स्कूल में आकर संपन्न हुई। रास्ते में अनेक जगहों पर दोनों स्टूडेंट्स का स्वागत सत्कार किया जाता रहा। उन्होंने प्रसन्नता के साथ बताया कि दोनों स्टूडेंट्स की इस अभूतपूर्व कामयाबी का जश्न मनाया जाएगा और शीघ्र ही इनका सम्मान भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्था का विज्ञान वर्ग का परिणाम शत प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था नीट की तैयारी भी निशुल्क रूप से करवा रही है। स्वामी ने बताया कि संस्था कॉमर्स का परिणाम भी सर्वोत्तम रहा है।
पीपी 4+ एवं पीपी 5+ में प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन
जयपुर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 की लॉटरी 19 मई 2023 को एनआईसी द्वारा निकाली जाएगी। लॉटरी के लिए सुबह 9 बजे का समय प्रस्तावित किया गया है। एक साथ चार कक्षाओं में प्रवेश देने की प्रक्रिया के विरोध एवं कोर्ट के आदेश के कारण 20 अप्रैल को निकलने वाली लॉटरी स्थगित कर दी गई थी। आंशिक संशोधन के साथ अब लॉटरी ठीक 30 दिनों बाद शुक्रवार को निकाली जा रही है। इस संबंध में 15 मई को शिक्षा विभाग ने संशोधित टाईम फ्रेम जारी करते हुए लॉटरी हेतु 19 मई तारीख तय की थी। इस एक माह की अवधि में जहाँ प्राईवेट स्कूल्स वाले तरह तरह के कयास लगा रहे थे वहीं अभिभावक भी पशोपेश में थे। असमंजस की स्थिति के बादल शुक्रवार सुबह लॉटरी निकलते ही छंट जाएंगे और नयी प्रवेश प्रक्रिया भी स्पष्ट हो जाएगी।
ये संशोधन किए गए हैं
जो संशोधन किए गए हैं उनके मुताबिक सत्र 2022-23 में प्री प्राईमरी क्लासेज में प्रवेश होने के बाद भी प्रवेश से वंचित रहे स्टूडेंट्स को लॉटरी में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पी पी 4+ एवं पी 5+ में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार इन कक्षाओं में उसी विद्यालय की पिछली कक्षा से प्रमोट होकर आने वाले बच्चों पर आरटीई के अंतर्गत प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन कक्षाओं में सत्र 2023-24 में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के मुताबिक आरटीई के अंतर्गत प्रवेश देना होगा। पी पी 3+ एवं पहली में सभी नॉन आरटीई स्टूडेंट्स के आधार पर आरटीई प्रवेश दिए जायेंगे।
नहीं किया जाएगा भुगतान
आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स के लिए पुनर्भरण की कोई व्यवस्था सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा नहीं की गई है। विभाग व सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा पहली से आठवीं तक के आरटीई स्टूडेंट्स के लिए ही अनुदान दिया जाता है इसलिए राज्य सरकार यह भुगतान करने में सक्षम नहीं है। हालांकि स्कूल क्रांति संघ ओर से जयपुर हाइकोर्ट बेंच में इस संबंध में याचिका विचाराधीन है।
विरोध की सुगबुगाहट शुरू
शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला एवं निदेशक डॉ. गौरव अग्रवाल द्वारा आरटीई के अंतर्गत केवल एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु सिद्धांततः सहमति देने के बावजूद इस तरह से प्रवेश प्रक्रिया जारी किए जाने की जानकारी मिलते ही प्राईवेट स्कूल्स के संगठनों ने विरोध का मानस बना लिया है। स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री हेमलता शर्मा ने कहा कि ये सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा उनके साथ सरासर पक्षपात, अन्याय एवं धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला एवं 20 अप्रैल को निदेशक अग्रवाल के साथ हुई वार्ता में स्पष्ट रूप से दोनों ने ही एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु सिद्धांततः सहमति दी थी लेकिन मामूली सा संशोधन किया है और इस तरह के संशोधन संबंधित चर्चा तक दोनों वार्ताओं में नहीं हुई थी। यह संशोधन पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि उनके संगठन द्वारा पहले ही इस संबंध में न्यायालय की शरण ली जा चुकी है।
दो बड़ी वजहों के चलते एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन की नहीं हो सकी व्यवस्था
विश्वत सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्री एवं विभाग चाहते हुए भी दो बड़ी वजहों के कारण एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु प्रक्रिया लागू नहीं कर सके। पहली वजह हाईकोर्ट द्वारा उन स्कूल्स के विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लेने का वो आदेश बना जिसमें कहा गया था कि सत्र के समाप्त होने के समय में शुरू की प्रवेश प्रक्रिया को यदि किन्हीं विद्यालयों द्वारा नहीं मानते हुए प्रवेश नहीं दिए गए हैं तो ऐसे स्कूल्स के विरुद्ध विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में हजारों स्टूडेंट्स के एडमिशंस होने के बाद भी अनेक स्कूल्स द्वारा प्रवेशित नहीं किया गया। चूंकि ये सभी स्टूडेंट्स प्री प्राईमरी की तीनों ही कक्षाओं के थे तो सरकार की मजबूरी थी कि अब इन स्टूडेंट्स को अगली कक्षाओं में प्रवेश देने की व्यवस्था करे। दूसरी वजह लगभग 5 लाख से अधिक संख्या में आनलाईन आवेदन 18 अप्रैल तक हो चुके थे। ये आवेदन प्री प्राईमरी एवं पहली सहित चारों कक्षाओं के लिए किए गए। ऐसे में सरकार व शिक्षा विभाग चाहते हुए भी एंट्री लेवल क्लास में ही एडमिशन हेतु प्रक्रिया नहीं बना सका। अलबत्ता उन्होंने गली निकालकर एक रास्ता बनाने की कोशिश जरूर की है, जिसके अंतर्गत पी पी 4+ एवं पी पी 5+ में उसी स्कूल में प्रमोट होने वाले स्टूडेंट्स के आधार पर आरटीई की सीट्स निर्धारित नहीं की जाएगी। इन कक्षाओं में इस सत्र 2023-24 में नवीन प्रवेश लेने वाले नॉन आरटीई के स्टूडेंट्स की संख्या के आधार पर आरटीई की सीट्स का निर्धारण किया जाएगा।
बीकानेर। आठवीं बोर्ड परीक्षा – 2022 – 23 का परिणाम 17 मई 2023 को बीकानेर में शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला द्वारा आनलाइन जारी किया जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने यह जानकारी ट्विट करके दी है। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर 12 बजे निदेशालय स्थित हेरिटेज भवन में आठवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम शिक्षा मंत्री द्वारा जारी किया जाएगा। निदेशक गौरव अग्रवाल के मुताबिक इस दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला दो स्टूडेंट्स से मोबाइल द्वारा बात भी करेंगे।
अभिभावकों का इंतजार हुआ समाप्त लेकिन स्कूल संचालक अभी भी हैं पशोपेश में
चार कक्षाओं में प्रवेश हेतु निकाली जाएगी लॉटरी
बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत सत्र 2023-24 को लेकर जारी सभी कयासों पर संशोधित लॉटरी तारीख निर्धारित कर देने के आदेश जारी होने के साथ ही विराम लग गया है। लॉटरी पर रोक की घोषणा के बाद कयासों की सरगर्मियां परवान पर थीं। अभिभावकों को चिंता सता रही थी कि कहीं प्रवेश प्रक्रिया ही रद्द नहीं हो जाए। कुछ अभिभावक तो मान ही चुके थे कि इस बार आरटीई के अंतर्गत प्रवेश नहीं होंगे। स्कूल संचालक भी लॉटरी पर रोक के साथ ही पशोपेश में आ गए थे। उनका भी असमंजस कुछ हद तक समाप्त हो गया है। स्कूल संचालकों की सबसे बड़ी चिन्ता कितने कक्षाओं में प्रवेश की है। यहां ज्ञानायाम स्पष्ट कर रहा है कि सत्र 2023-24 में पी पी 3+,पी पी 4+, पी पी 5+ एवं पहली कक्षा में प्रवेश होंगे, हालांकि प्रवेश सिस्टम में फेरबदल किए जाने की जानकारी सूत्रों द्वारा हमें मिली है। ज्ञात रहे कि आरटीई के अंतर्गत वर्तमान सत्र 2023-24 की प्रवेश प्रक्रिया की आवेदन करने की अंतिम तारीख 18 अप्रैल 2023 को लॉटरी पर लगाई गई रोक हटा दी गयी है। अब लॉटरी 19 मई को एनआईसी द्वारा निकाली जाएगी। आज शाम को साढ़े छह बजे जारी आदेश में बताया गया है कि कुछ संशोधन के कारण लॉटरी पर रोक लगाई गयी थी। आदेश में बताया गया है कि सत्र 2022-2023 में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश के बावजूद एडमिशन नहीं होने वाले स्टूडेंट्स द्वारा यदि सत्र 2023-24 में दुबारा आवेदन किया गया है तो उन्हें लॉटरी में वरीयता दी जाएगी।
सुमेरु भजन संध्या ” मैं तेरा…” में श्रद्धालुओं ने जमकर लिया आनंद
रवि कथूरिया, मनीष पारीक एवं संदीप भोजक का किया अभिनंदन
बीकानेर। दी आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में संस्था के बीकानेर केंद्र की ओर से ट्रांसपोर्ट गली, रानी बाजार स्थित कथूरिया भवन में आयोजित मेगा हैप्पीनेस कोर्स का समापन रविवार को हुआ। संस्था के बीकानेर जोनल के मीडिया कोऑर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि 09 मई से शुरू हुए इस आनंद की अनुभूति के मेगा शिविर में 60 व्यक्तियों ने अपने जीवन को चुस्त तंदुरुस्त और दुरस्त तथा तनाव मुक्त रहने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस शिविर में सुदर्शन क्रिया का प्रशिक्षण लेने वाले सभी साधकों ने इसे चमत्कृत करने वाली क्रिया की संज्ञा दी। इस शिविर में संस्था के वरिष्ठ प्रशिक्षक जितेंद्र सारस्वत, वरिष्ठ प्रशिक्षिका साधना सारस्वत, गीता भटनागर, आशी जैन, रितुबाला, शीला चौधरी, अजर खत्री इत्यादि द्वारा ध्यान, योग और प्राणायाम के माध्यम से जीवन में हैप्पीनेस का प्रशिक्षण दिया गया।
खैरीवाल ने बताया कि 13 मई को गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का जन्मदिवस के उपलक्ष्य में शनिवार रात्रि में बीकानेर केंद्र द्वारा रानी बाजार सेंटर पर सुमेरू भजन संध्या एवं स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष सुमेरु भजन संध्या ” तेरा मैं…” में साधकों ने आंनद विभोर होकर भक्ति सागर में भरपूर गोते लगाए। इस भजन संध्या में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुमेरु भजन गायक जितेंद्र सारस्वत ने विभिन्न भक्ति गीतों एवं भजनों की बहुत ही शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित साधकों को सम्मोहित कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और गुरु के गुणगान से आपूरित भजनों के साथ हुई। “तेरे आने की खबर जब महके…”, भजन के सुर जैसे ही सारस्वत ने लगाए, उपस्थित श्रोता आनंद से सराबोर हो गये। “हमें रास्तों की जरूरत नहीं…” , “सांसों की माला मैं सिमरूं…,” मुझको जमीं आसमां मिल गए… ” भजनों की मधुर सुर लहरियों ने कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों, अतिथियों व बच्चों इत्यादि सभी को भाव विभोर कर दिया तथा सभी को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय बांसुरी वादक मोहित नामधारी की मंत्र मुग्ध करने वाले बांसुरी की सुमधुर तानों भरी संगत की सभी ने खुले मन से सराहना की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सिंथेसिस के डायरेक्टर मनोज बजाज ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के सेवा कार्य समाज को तन और मन से स्वस्थ बनाने के लिए बहुत उपयोगी है। इस संस्था के वैश्विक स्तर पर किए जा रहे सराहनीय प्रयास श्लाघनीय है तथा प्रेरणादायी है। इस अवसर पर प्रेस फोटोग्राफर मनीष पारीक का अभिनंदन संस्था की ओर से शाल तथा ममेंटों भेंट कर किया गया। खैरीवाल ने बताया कि उनका सम्मान नेशनल स्तर पर पत्रकारिता क्षेत्र में बीकानेर का नाम रोशन करने के उपलक्ष्य में किया गया। टीवी और फिल्म एक्टर संदीप भोजक का भी अभिनंदन इस अवसर पर माल्यार्पण एवं शाला द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक रवि कथूरिया को लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। संस्था के संरक्षक रवि कथूरिया, अपेक्स राजेश मुंजाल, साधना सारस्वत, आशी जैन ने अतिथियों का स्वागत व सम्मान माल्यार्पण, शाल व ममेंटो भेंट कर किया। इस अवसर पर दूध से बना केक काटकर श्री श्री का जन्मोत्सव सेलीब्रेट किया गया। खैरीवाल के मुताबिक इस अवसर पर लगभग 400 से अधिक साधकों ने शिरकत करते हुए अद्भुत आनंद की अनुभूति प्राप्त की। अनिल खजांची, साधना सारस्वत, आशी जैन, रितुबाला ,गीता भटनागर,अजय खत्री, राजकुमार भटनागर, जानकी वल्लभ पुरोहित, खुशाल खत्री, परताराम चौधरी, प्रकाश शर्मा, राकेश छाजेड़, सुधीर भाटिया, रामदेव सुथार, स्वाति शर्मा, भव्या कट्टा, सिद्धांत जैन, लोकेश चतुर्वेदी, मुमताज मोहम्मद, भवानी सोनी, रोहिणीकांत खैरीवाल इत्यादि ने विभिन्न व्यवस्थाओं को संभाला। संस्था के संरक्षक रवि कथूरिया ने कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित समस्त साधकों के प्रति आभार प्रकट किया।