बीकानेर। गंगाशहर की श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल के पारंपरिक खेल उत्सव “धाड़ – धुक्कड़” की शुरुआत सोमवार को हुई।विद्यापीठ के समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने मां सरस्वती के तस्वीर के समक्ष माल्यार्पण और अगरबत्ती प्रज्जवलित कर शुरुआत की। विद्यापीठ के करुणा क्लब और इको क्लब के तत्वावधान में राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड के स्थानीय संघ, गंगाशहर परिसर में 30 दिसंबर तक आयोज्य इस अद्भुत उत्सव के पहले दिन श्री गोपेश्वर विद्यापीठ स्कूल में टीमों का चयन किया गया। पूरी पारदर्शिता के साथ टीम चयन हुआ। नवाचारों के लिए प्रतिबद्ध विद्यापीठ के इस अभिनव आयाम में प्रत्येक टीम की दो दो उपटीम बनाई हैं। ये उप टीम्स पहले अपने ही ग्रुप की उपटीम से मैच खेलेगी। टीम चयन के पश्चात उनके कप्तान चुने गए। इसी तरह से ग्रुप भी आवंटित किए गए हैं। प्रत्येक ग्रुप के लीडर और सब लीडर एक एक स्टूडेंट होंगे। हर ग्रुप को प्रभारी के रूप में दो टीचर मार्गदर्शन देंगे। शुभारंभ के बाद 27 से 30 दिसम्बर 2022 तक के खेल कार्यक्रमों के बारे में शाला समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने विस्तार से जानकारी दी। शाला प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी के मुताबिक इस अद्भुत आयोजन का उद्देश्य बच्चों को देश के प्राचीनतम और पारंपरिक खेलों से रूबरू कराना है। इस पांच दिवसीय आयोजन में सतोलियो, पैल दूज, मारदड़ी, कबड्डी, खोड़ियो खाती, कित कित, थूली गोथो, पकड़नी, बोरा रेस सहित अनेक पुराने लोकप्रिय खेलों के माध्यम से बच्चों को इन अद्भुत खेलों से जोड़ा जाएगा।




