व्यक्तित्व निर्माण में संस्कार अत्यंत आवश्यक : डॉ. बी. डी. कल्ला
बीकानेर। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी सीनियर हायर सैकेंडरी स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों हेतु स्कॉलरशिप वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन होटल पाणिग्रहण के सभागार में किया गया। कक्षा 10 में प्राप्त अंकों के आधार पर लगभग पांच लाख रुपये की स्कॉलरशिप का वितरण किया गया। विद्यालय के 87 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। स्कूल के सीए फाउंडेशन में सफल 5 विद्यार्थियों, सीए इंटरमीडिएट तथा फाइनल में सफल 11 विद्यार्थियों, जेईई मेंस में सफल 5 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। आरएसवी के प्रवक्ता के अनुसार विद्यालय की कक्षा 11 में अध्ययनरत इन विद्यार्थियों में सीबीएसई तथा आरबीएससी से उत्तीर्ण उन सभी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई जिन्होंने कक्षा 10 में 80% से अधिक अंक प्राप्त किए थे। इन विद्यार्थियों को कक्षा 12 में भी इतनी ही राशि स्कॉलरशिप के रूप में प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने स्कालरशीप को विद्यार्थियों हेतु एक प्रेरणादायक कदम बताया। विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ. कल्ला ने संस्कृत के श्लोक का उपयोग करते हुए अपने चिर परिचित अंदाज में अभिभावकों से भी अनुरोध किया कि वह विद्यार्थी को उसकी रूचि एवं व्यक्तित्व के अनुसार ही आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करें। अभिभावक व गुरु का आचरण एवं विद्यालय का वातावरण ही विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण करता है तथा उनके भविष्य का निर्धारण करता है। राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. पी. सिंह ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए निरंतर प्रयास करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास से ही आपको सफलता के शिखर प्राप्त किए जा सकते हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के सेवानिवृत्त एडीआरएम निर्मल कुमार शर्मा एवं प्रख्यात रंगकर्मी आशीष देव चारण ने भी बच्चों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया। आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुभाष स्वामी ने अपने धन्यवाद संबोधन में आरएसवी ग्रुप के ध्येय, सेवाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आरएसवी सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सुयोग्य नागरिक एवं परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत बनने हेतु प्रयासरत रहता है।







