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कुंजपुरा में बही काव्य धारा

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विविध कविताओं ने दिए सार्थक संदेश

करनाल, 5 अगस्त। करनाल जिले के कस्बे कुंजपुरा में विकास क्लब भवन में विकास क्लब साहित्य कला मंच की ओर से आयोजित मासिक सांझा विरासत कार्यक्रम में साहित्यकारों व रचनाकारों ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर द्वारा समां बांध दिया।


प्रसिद्ध शायर डॉ. कमर रईस सोनीपती ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ‘सच्चाई से दामन बचाएं तो कैसे, जहां के मुकाबिल भी आएं तो कैसे’ कविता पेश की। वरिष्ठ शायर हरबंस लाल पथिक ने ‘रोशनी तो फक़त इक बहाना था उसका, लगाई आग इसलिए कि धुंआ उठता रहे’ कविता प्रस्तुत की। ग़ज़लकार अनुपिन्दर सिंह अनूप पानीपती ने ‘मत करना तुम दोस्ती तस्वीरों के संग, उड़ जाते हैं अक्सर धूप में इनके रंग’ गजल पेश की। क्लब के संरक्षक व वरिष्ठ कवि पाल सागर ने ‘सरजमीं ए हिंद का पहरा आप दोगे क्या, भारत का भविष्य सुनहरा आप दोगे क्या’ कविता गुनगुनाई। गुरुमुख सिंह वैडच ने ‘ए उम्र कुछ कहा मैंने, पर शायद तूने सुना नहीं’ कविता सुनाई। कवयित्री गुरविंदर कौर गुरी ने’ सब दौर गुजर जाते हैं ज़िंदगी में औरत के लिए, बस एक दौर ही नहीं गुजरता मायके से जुडी यादें’ कविता पेश की।

कवि नरेश लाभ ने’ कजरारे नैना बसे सदा प्रेम विश्वास, रिमझिम बारिश बूंद में आओ प्रियतम पास कविता प्रस्तुत की। रामेश्वर, अबैन्सन, अशोक मलंग, राजपाल राजन गुरमीत पाढा, सुरेश भाणा, अजय जुण्डला, सचिन पाल, पंकज गहलोत इत्यादि ने भी अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि विकास अरोड़ा व रेखा अरोड़ा थे। मंच संचालन अश्विनी शर्मा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ साहित्यकारों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। काव्य धारा की शुरुआत सरस्वती वंदना से कुमारी शैजल ने की।

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