जल्दबाजी में किए जा रहे मूल्यांकन कार्य में लापरवाहियों की शिकायतों की भरमार
बीकानेर। आगामी सत्र 2026 – 27 को एक अप्रैल 2026 से शुरू करने की जिद्द बोर्ड परीक्षाएं देने वाले स्टूडेंट्स के लिए नुकसान दायक भी सकती है तो परीक्षार्थियों की लॉटरी लगने जैसी भी हो सकती है। 27 फरवरी 2026 को 10 वीं बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त हुई थी। 12 वीं बोर्ड परीक्षाएं 10 मार्च 2026 को समाप्त हुई। बोर्ड दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 20 मार्च तक तथा 12 वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 30 मार्च तक जारी करने में जुटा हुआ है। 20 – 22 दिन में 10 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम तैयार करना कोई हंसी मजाक की बात नहीं है। जल्दबाजी हमेशा ही नुकसानदायक मानी जाती है। लगातार सुनने में आ रहा है कि जल्दबाजी के कारण परीक्षा कापीज जांच का काम बहुत लापरवाही से किया जा रहा है। यह लापरवाही विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी या नुकसानदायी, यह तो परिणाम जारी होने के बाद ही पता चल सकेगा लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब स्थानीय कक्षाओं के परिणामों से पहले बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। यह भी पहली दफा होगा जब दसवीं का परीक्षा परिणाम बारहवीं के परीक्षा परिणाम से पहले घोषित होगा। प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन (कक्षा – 5), प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र (कक्षा – 8) एवं माध्यमिक परीक्षा (कक्षा – 10) के परिणाम 25 मार्च से पहले ही जारी करने की कवायद में विभाग लगातार जुटा हुआ है। स्थानीय कक्षाओं के परिणामों के लिए पहले ही शिविरा में संशोधन करते हुए 25 मार्च की तारीख मुकर्रर की जा चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 20 मार्च तक घोषित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं 8 एवं 5 वीं कक्षाओं के परिणाम 25 मार्च से पहले जारी किए जाने हेतु शिक्षा विभाग द्वारा भरसक कोशिश की जा रही है।







