बीकानेर। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी हायर सेकेंडरी स्कूल के 6 विद्यार्थियों का चयन प्रथम राष्ट्रीय इंटर डिस्ट्रिक्ट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप हेतु हुआ है। आरएसवी की प्रिंसिपल निधि स्वामी के मुताबिक यह प्रतियोगिता 27 अप्रैल से 2 मई तक मोहाली-चंडीगढ़ में आयोजित होगी। स्कूल के युविका तंवर, आर्यन, हनी प्रताप सिंह, मधुश्री पारीक, उज्जवल तथा तनुज का चयन इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु हुआ है। विद्यालय के प्रशिक्षक राहुल खत्री ने बताया कि विद्यालय की स्पोर्ट्स अकादमी में फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, स्केटिंग, एथलेटिक्स, बेसबॉल, खो खो तथा अन्य खेलो हेतु अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था है।
बीकानेर। पूर्व में शिविरा में घोषित वार्षिक परीक्षा तारीखों में संशोधन किया गया है। संशोधन के अनुसार वार्षिक परीक्षा परिणाम की तारीख भी अब 30 अप्रैल की बजाय 02 मई कर दी गई है। जिला समान परीक्षा योजना के तहत ली जाने वाली वार्षिक परीक्षाएं 13 से 27 अप्रैल 2023 तक होंगी जबकि पहले इन के लिए 06 अप्रैल से 25 अप्रैल का टाईम फ्रेम निर्धारित था। इस संबंध में बुधवार को निदेशक, माध्यमिक शिक्षा गौरव अग्रवाल ने संशोधित आदेश जारी किया है।
बीकानेर। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड, बीकानेर मंडल द्वारा देवीकुंड सागर में 25 से 27 मार्च 2023 तक आयोजित तीन दिवसीय मंडल स्तरीय पांचवें शांति भंडारी कब बुलबुल उत्सव में शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय का परचम बरकार रहा। इस उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं लोक नृत्य, लोक गीत, देशभक्ति गीत, बड़ी सलामी, विशाल गर्जना, विचित्र वेशभूषा, घेरे छक्के के गीत, जंगल नृत्य इत्यादि में शाला के कब और बुलबुल ने शानदार प्रदर्शन किया तथा संपूर्ण मंडल स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल कर विद्यालय की परंपरा को कायम रखा।
शाला के सचिव हिमालय वुड वैज कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने बताया कि विद्यालय ने इस दौरान 09 प्रतियोगिताओं में अव्वल स्थान हासिल किए। खुशबू गोदारा, साक्षी गोदारा, अंजली जाट, श्वेता कच्छवा, हर्षिता मोदी,गुंजन गोदारा, सौम्या, दीप्ति, तेजवीर सारण, राजपाल, करण गोदारा, रोहित गोदारा, वेदांत, विराट, वंशराज और रोहित ने इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रभावी प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा सिद्ध की। उत्सव समापन के पश्चात विद्यालय आगमन पर सभी संभागी कब बुलबुल का शाला प्रधान हनुमान छींपा, शिक्षक सौरभ बजाज इत्यादि द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर शाला सचिव रमेश कुमार मोदी ने बताया कि विद्यालय द्वारा लगातार सर्वोत्तम प्रदर्शन के माध्यम से सर्वाधिक उपलब्धियां हासिल की जाती रही है।
जयपुर। जयपुर के पांच्यावाला स्थित खंडेलवाल रेस्टोरेंट के सभागार में 18 मार्च 2023 को दोपहर 2:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संरक्षण समिति, जयपुर द्वारा होली स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। प्राईवेट स्कूल्स की विभिन्न गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए सभी संगठनों को एक जाजम पर आकर संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यकता पर इस समारोह में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विचार व्यक्त किए।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षाविद डॉ. महेंद्र कर्णावट (राजसमंद) ने विभिन्न उदाहरणों से सांगठनिक शक्ति का बल स्पष्ट किया और कहा कि बिना सांगठनिक शक्ति के कोई भी सरकार हमारे दर्द का उपचार नहीं कर सकती। उन्होंने अपने संबोधन में सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के बीच सरकारी भेदभाव को उजागर करते हुए कहा कि सरकारी एवं निजी विद्यालयों में समान आचार संहिता लागू करवाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि यह यह विभेद नहीं मिटा तो हमारे संगठनों का भी कोई औचित्य नहीं है। इसलिये हमें पूरी योजना के साथ सामूहिक रूप से एक जुट होकर संघर्ष का शीघ्र ही बिगुल बजाना होगा। डॉ. कर्णावट ने उपस्थित सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि इस संबंध में गहरे मंथन और विशद चिंतन की महती आवश्यकता है। बिना व्यापक चिंतन मनन किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। इसलिए शीघ्र ही दो दिवसीय चिंतन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना अत्यावश्यक है। उन्होंने इस दो दिवसीय कार्यक्रम को राजसमंद की मेजबानी में करने का अनुरोध भी किया।
प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा), के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल (बीकानेर) ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में भी सभी संगठनों द्वारा सामूहिक हितों के लिए एक जाजम पर काम करने की कोशिशें हो चुकी हैं और कुछ हद तक सफलताएं भी मिलीं लेकिन ये कोशिशें कारगर नहीं हो सकी। मैं शुभकामनाओं के साथ आश्वस्त करता हूँ कि हमारी संस्था प्राईवेट शिक्षण संस्थाओं के हितों हेतु हर संभव प्रयास में सदैव साथ रही है और रहेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास रचनात्मक तरीके से करने होंगे। सभी संगठनों के पदाधिकारियों को व्यक्तिगत स्वार्थ त्यागकर इस तरह के आयाम को मूर्त करने में सहभागी बनना होगा, तभी ये सार्थक परिकल्पना साकार हो सकेगी। खैरीवाल ने समुपस्थित संभागियों को होली की शुभकामनाएं अर्पित करते हुए कहा कि वे लंबे अर्से से एक जाजम की प्रस्तावना को सजीव करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने सभी संगठनों की सामूहिक संघर्ष समिति के गठन के सुझाव पर सहमति जताते हुए इसके गठन के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव इस दौरान प्रस्तुत किए तथा कहा कि हमें पूर्व के असफल प्रयासों से सबक लेते हुए जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए और कम से कम एक और सामूहिक मिटिंग का आयोजन कर सामूहिक संघर्ष समिति का गठन करना चाहिए।
इस अवसर पर स्कूल वेलफेअर एसोसिएशन, (स्वराज) के प्रदेश अध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल (भरतपुर), रिकॉक्नाइज्ड स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संजय शर्मा (कोटा), स्कूल क्रांति संघ की प्रदेश सचिव सीमा शर्मा (जयपुर), राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा (अजमेर), प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश शर्मा (जयपुर), गैर सरकारी स्कूल एवं जनकल्याण संस्थान के अध्यक्ष जितेन्द्र अरोड़ा ने भी संबोधित करते हुए सामूहिकता एकता के सार्थक प्रयास में सथासंभव सहयोग हेतु विश्वास दिया तथा अपने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संरक्षण समिति के अध्यक्ष भूपराम शर्मा (जयपुर) ने समारोह के संयोजक के रूप में सुझाव दिया कि सभी संगठनों द्वारा सामूहिक हितों के लिए एक जाजम पर आकर संघर्ष करने से ही प्राईवेट शिक्षण संस्थानों की समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के विभिन्न जिलों से राज्य स्तरीय संगठनों के पदाधिकारियों ने प्राईवेट स्कूल्स की एकता को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से यहां आकर “संघे शक्ति कलयुगे” को सार्थक किया है। इस अवसर पर एडवोकेट शैलेषनाथ सिंह (जयपुर), रतन सिंह पिलानिया (सीकर), विनेश शर्मा (नागौर), रितिका राठौड़ (जयपुर), अनूपसिंह राठौड़ (जयपुर) इत्यादि ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में गुड़ा (कोलायत, बीकानेर) से जयपाल सिंह भाटी, राजसमंद से मुकेश वैष्णव, भीलवाड़ा से सुनील बांगड़, ब्यावर से कुलदीप सिंह राठौड़ व अजमत काठात, अजमेर से लालचंद यादव व भूपेंद्र सिंह, जयपुर से मनोज कुमार शर्मा ‘अमन’ इत्यादि सहित जयपुर के अनेक शिक्षण संस्थानों के संचालक व डायरेक्टर भी उपस्थित थे। स्वयंसेवी शिक्षण संस्थान संरक्षण समिति के पदाधिकारियों मनोज शर्मा, भारती शर्मा, जसवंत सिंह यादव इत्यादि द्वारा समारोह में सक्रिय सहयोग किया गया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने मिलाए एक साथ कदम, लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी यादगार
श्री गोपेश्वर विद्यापीठ का नवाचार : राजस्थानी – रास
गणगौर पर्व के उपलक्ष्य में लोकनृत्य, गरबा एवं गीत – संगीत के श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल के अभिनव आयाम “राजस्थानी – रास” में शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने मिलकर ऐसे समां बांध दिये, जो मधुर स्मृतियों के रूप में सदैव तरोताजा रहेंगे। गोपेश्वर बस्ती स्थित पी एन पैलेस में आयोजित किए गए इस अभिनव कार्यक्रम के दौरान इनके थिरकते कदम न थक रहे थे और न ही रूक रहे थे। विद्यापीठ की प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी के मुताबिक छोटे छोटे बच्चे, अपने अभिभावकों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक आयामों में मस्त रहे तो शाला के टीचर्स ने भी भरपूर एंज्वॉय किया। कई नृत्यों पर अभिभावकों, टीचर्स और बच्चों ने मिलकर शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए शिक्षा, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए इस तरह के लोक – सांस्कृतिक आयोजनों की महती आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय बाहर मासों में आने वाले सभी पर्वों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में हर दिन कोई न कोई पर्व होता है और वर्तमान में हम पश्चिमीकरण की अंधी दौड़ में खोते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राजस्थानी – रास” कार्यक्रम में आकर लोक – संस्कृति के संरक्षण के सार्थक प्रयास देखकर अभिभूत हूँ। डॉ. कल्ला ने शाला प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री गोपेश्वर विद्यापीठ अपने नवाचारों के लिए जानी जाती है। समय समय पर यहाँ आकर देखने का अवसर भी मिलता है कि यह स्कूल सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए नित नवीनतम आयामों के माध्यम से सार्थक और सकारात्मक कार्यो का संपादन कर रही है।
इस अवसर पर भारत स्काउट व गाइड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विमला डुकवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी विराट और महान संस्कृति से बच्चों को जोड़ने हेतु इस तरह के सशक्त आयोजनों की अति आवश्यकता है। उन्होंने कार्यक्रम की शालीनता, भव्यता और अनुशासन की मुक्त कंठ से सराहना की। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा, सुनील कुमार बोड़ा ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि एक बेहतरीन आयोजन का साक्षी बनना गौरवान्वित करने वाला होता है और ऐसा ही इस आयोजन में आकर अनुभव हो रहा है। इस अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीरामसर की प्रधानाचार्य श्रीमती संगीता टाक ने कहा कि हमारी गौरवान्वित करने वाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पित भाव से आयोजित यह सराहनीय कार्यक्रम निश्चित रूप से सभी संभागियों को मनोरंजन के साथ साथ संस्कृति से भी जोड़ेगा।
पत्रकार मुकेश पुरोहित ने इस अवसर पर मिमिक्री के माध्यम से सभी को सम्मोहित किया तो गीत गाकर भी दाद लूटी। ठाकुरदास स्वामी ने पशु पक्षियों की आवाज निकालकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। सिंगर विजय स्वामी ने किशोर कुमार के दो गीत सुनाकर दाद हासिल की। श्री गोपेश्वर विद्यापीठ के जंबूरी के संभागी स्काउट व गाइड का सम्मान शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने किया।
स्कूल की इक्कीस प्रतिभाओं का सम्मान भी इस दौरान किया गया। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड की विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर विभिन्न चरणों को हासिल करने वाले इक्यानवे स्टूडेंट्स को इस अवसर पर प्रमाण – पत्र देकर सम्मानित किया गया। गीता प्रतियोगिता में अव्वल रहने वाले स्टूडेंट्स को भी इस अवसर पर पुरस्कृत किया गया। राणसिंह राजपुरोहित एवं बसंती देवी का विशिष्ट सम्मान इस अवसर पर किया गया। जिला विज्ञान समन्वयक करनीदान कच्छवाह, हिमांशू साध, राजू भाई इत्यादि को भी स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। विद्यापीठ के संस्थापक मनोज कुमार खैरीवाल ने शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला को साफा पहनाकर स्वागत किया।
एस सी ई आर टी के सदस्य कृष्ण कुमार स्वामी ने शाल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। वार्ड पार्षद एडवोकेट सुशील कुमार सुथार, वार्ड पार्षद भंवरलाल साहू, वार्ड पार्षद रामदयाल पंचारिया, सी ओ स्काउट जसवंत सिंह राजपुरोहित, दवा विक्रेता संघ के सचिव किशन जोशी, वरिष्ठ पत्रकार श्याम मारू, भवानीशंकर जोशी, ओम दैया, सहायक लोक अभिभाषक एडवोकेट धीरज चौधरी, मुनींद्र प्रकाश अग्निहोत्री, दमयन्ती सुथार, घनश्याम साध, उमाचरण सुरोलिया, प्रभुदयाल गहलोत, इंद्रा बालेचा, रमेश बालेचा, मो. मूसा, भवानी बाणिया, सौरभ बजाज, डॉ. नीलम जैन, सुनीता गुलाटी, राजभारती शर्मा, डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली, आर. जे. रोहित, नरपत सिंह बीठू, गोपीराम पूनिया, भागीरथ सिंह राजपुरोहित, सीताराम राजपुरोहित, गौरीशंकर जाजड़ा, रविराज सिरोही, गिरिराज सेवग, रामस्वरूप बिश्नोई, दीपिका बोथरा, अमजद भाई, केवलचंद भूरा, ओमदान चारण, ठाकुर उपाध्याय, सुरेंद्र डागा, शिवचरण जोशी, अरूण सुथार, कालूसिंह राजपुरोहित इत्यादि सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर शाला प्रधान भंवरी देवी एवं स्टाफ ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व गणगौर पूजन किया। इस अवसर पर लक्की ड्रा निकाले गए। लक्की ड्रा के अंतर्गत 3000/- से 5500/- कीमत तक के 5 डिस्काउंट वाऊचर प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम में डिसेंट किड्स, उत्कर्ष सामाजिक सांस्कृतिक शैक्षणिक संस्थान, ए एस पी कोचिंग सहयोगी थे। शाला समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने विद्यापीठ के नवाचारों के संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थानी – रास के उद्देश्य से परिचित कराया। चौधरी हनुमान कामरेड ने स्वागत संबोधन दिया। रमेश कुमार मोदी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। गिरिराज आचार्य ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के शुरू होने से पहले कक्षा – 10 वीं के स्टूडेंट्स के विदाई समारोह का आयोजन भी किया गया।
श्री गोपेश्वर विद्यापीठ का लोकनृत्य, गरबा एवं गीत-संगीत का अभिनव आयाम “राजस्थानी रास” 11 मार्च को
बीकानेर। उपनगरीय क्षेत्र गोपेश्वर बस्ती स्थित श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल द्वारा गणगौर पर्व के उपलक्ष्य में लोकनृत्य, गरबा एवं गीत – संगीत के अभिनव आयाम “राजस्थानी – रास” का आयोजन शनिवार, 11 मार्च को सायं 5 बजे पी. एन. पैलेस, गोपेश्वर बस्ती में किया जाएगा। विद्यापीठ की प्रधानाध्यापिका भंवरी देवी ने बताया कि विद्यापीठ नवाचारों के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यापीठ के प्रस्तावित इस अभिनव “राजस्थानी – रास” में लोक नृत्य, गरबा एवं गीत – संगीत के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान लक्की ड्रा, एक्साइटिंग प्राइजेस, डी जे डांस मस्ती इत्यादि भी रखे गए हैं। कार्यक्रम में प्रवेश केवल एंट्री पास से ही मिलेगा। एंट्री पास विद्यापीठ से निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने किया बैनर का लोकार्पण
प्रस्तावित “राजस्थानी – रास” के बैनर का लोकार्पण शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने अपने निवास स्थान पर किया। इस आयोजन के बैनर का लोकार्पण करते हुए डॉ. कल्ला ने विद्यापीठ के अभिनव आयामों की मुक्त कंठ से सराहना की। शाला प्रधान भंवरी देवी के मुताबिक लोकार्पण अवसर पर विद्यापीठ के समन्वयक गिरिराज खैरीवाल, जिला विज्ञान समन्वयक करनीदान कच्छवाह एवं राष्ट्रीय अध्यापक कल्याण बोर्ड के सदस्य मोहम्मद मूसा भी साथ रहे। इस अवसर पर समसा के विष्णु जोशी, शिक्षक नेता किशोर पुरोहित, इंद्र जोशी आदि भी उपस्थित थे।
पोस्टर का लोकार्पण किया मेयर सुशीला कंवर ने
“राजस्थानी – रास” के पोस्टर का लोकार्पण मेयर सुशीला कंवर राजपुरोहित द्वारा किया गया। इस अवसर पर विक्रम सिंह राजपुरोहित एवं शाला समन्वयक गिरिराज खैरीवाल भी उपस्थित रहे।
बीकानेर। आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर केंद्र द्वारा रंगों के पर्व होली के अवसर पर 7 मार्च को “इको फ्रेंडली होली” का आयोजन किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट गली, रानी बाजार स्थित आर्ट ऑफ लिविंग हॉल में आयोज्य इस अनुपम होली मिलन समारोह में संस्था के डिवोटिज् वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रसिद्ध गायक जितेंद्र सारस्वत के नेतृत्व में फूलों और गुलाल के साथ होली का आनंद लेंगे। आर्ट ऑफ लिविंग के बीकानेर जोन के मीडिया समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि सुबह 9 से 11 बजे तक आयोज्य इस कार्यक्रम में केमिकल या अन्य पक्के रंग के साथ होली खेलना वर्जित किया गया है। इस दौरान गीत संगीत व स्नेह मिलन के आयोजन भी होंगे।
आरटीई के अंतर्गत आगामी सत्र 2023-24 की प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू होना प्रस्तावित है। सत्र 2023-24 में चार कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी मिली है। मिली जानकारी के मुताबिक एक दो दिन में ही प्रोफाइल अपडेशन के साथ ही सत्र 2023-24 की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और मई के द्वितीय सप्ताह तक चलेगी। प्रस्तावित टाईम फ्रेम के अनुसार मार्च के द्वितीय पखवाड़े से अभिभावक आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्र 2023-24 में पी पी 3, पी पी 4, पी पी 5 एवं कक्षा पहली में आरटीई के अंतर्गत एडमिशन के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। पी पी 3, पी पी 4 एवं पी पी 5 में प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स का भुगतान सरकार द्वारा नहीं किया जाएगा।
सूफी और बॉलीवुड सिंगर पद्मश्री हंस राज हंस ने बांधा समां
बीकानेर। राजगायक पद्मश्री हंसराज हंस ने डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में जब सूफी तराने छेड़े, उनके अलाप भरे, क्लासिल पुट लगाए तो हजारों श्रोता की रूह बाग-बाग हो गई। हर संगीत प्रेमी झूम उठा, डूब गया हंस के आलापों में, सुरों में, गानों की धमक में, दिल छूने वाली दिलकश पेशकश में। उन्होंने महफिल का आगाज राग मालकोस की बंदिश प्यार नहीं है सुर से जिसको… से किया। उन्होंने गजल गायक जगजीत सिंह को उनकी गजल ‘गरज बरस प्यासी धरती को फिर पानी दे मौला’ गाकर स्वरांजली दी। इसके बाद एक से एक उम्दा पेशकश का दौर चला।हंस ने अभी इश्क दी गली विच्चों कोई कोई लगदां… गाना शुरू ही नहीं किया था कि धुन छिड़ते ही श्रोता समझ गए कौन सा गाना है, और लगे झूमने। जब गाना शुरू हुआ तो कोई संगीत प्रेमी ऐसा नहीं था, जो न झूमा हो। यह आलम तब नहीं रहा जब ऐ जो सिली सिली ओंदी है हवा… गाना शुरू होते ही श्रोता उसके बोलों, धुन और हंस की आवाज के जादू में खो से गए और निशब्द से पूरा गाना सुना, खूब तालियां बजाईं, जमकर दाद दी। दिल टोटे-टोटे हो गया… तराने के शुरू से अंत तक तमाम शामियान खूब झूमे, खूब सुर में सुर मिलाए। ऐसा लगा मानो सूफी गायक हंस ने तमाम श्रोताओं के दिल की तमन्ना यह गाना गाकर पूरी कर दी। पूरे प्रोग्राम के दौरान जब दर्शकों से हंस के गानों के बारे में पूछा तो लगा कि हंस ने शायद ही कोई ऐसा गाना गाया है, जो सुपर-डुपर हिट नहीं हुआ हो। उन्होंने नित खैर मंगा सोणिया मैं तेरी… में तो तमाम कला प्रेमियों को हर लफ्ज, हर तान, हर लय के साथ सुर मिलाने और झूमने पर मजबूर कर दिया। इससे भी ज्यादा एक्साइटमेंट तो तब देखने को मिला जब सुपर सिंगर हंस ने अपने एक और सुपरहिट सॉन्ग दिल चोरी साड्डा हो गया… ओए कि करिए… कि करिए… गाकर हर मौजूद शख्स का दिल जीत लिया। उन्होंने सूफी कलाम ‘सुनो महाराजा जगत के वाली’ और ‘छाप तिलक…’ पेश कर श्रोताओं की रूह तक को छू लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद सरभाई, वेस्ट जोन कल्चरल केंद्र की निदेशक किरण सोनी गुप्ता, बीएसएफ के महानिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, संभागीय आयुक्त डॉ नीरज के पवन, जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल, जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम, अतिरिक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा श्रीमती रचना भाटिया, भाजपा के शहर जिला अध्यक्ष विजय आचार्य, कांग्रेस के प्रदेश सचिव जिया उर रहमान, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, गुमान सिंह राजपुरोहित, अखिलेश प्रताप सिंह, मोहन सुराणा, अविनाश जोशी, अशोक प्रजापत, समाज सेवी रामरतन धारणिया, जुगल राठी, जयकिशन रामावत, इंग्लिश गुरु किशोर सर, संस्कृति धर्मी ज्योति प्रकाश रंगा, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट के उपाध्यक्ष भवानीशंकर जोशी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन संजय पुरोहित ने किया।
गत सत्र 2021-22 वाली यूनिट कॉस्ट ही की गयी है निर्धारित
क्लेम बिल जनरेट करने की कवायद शुरू की शिक्षा विभाग ने
आरटीई के अंतर्गत वर्तमान सत्र 2022 – 23 के लिए यूनिट कोस्ट में परिवर्तन नहीं किया गया है। जो यूनिट कॉस्ट 2021-22 में थी, वही यूनिट कॉस्ट सत्र 2022-23 के लिए निर्धारित की गई है। पिछले सत्र यूनिट कॉस्ट 13535/- थी और इतनी ही इसी सत्र के लिए निर्धारित की गई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब शिक्षा विभाग ने यूनिट कॉस्ट में कोई परिवर्तन नहीं किया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2022-23 हेतु यूनिट कॉस्ट के लिए लगभग 18,000/- का प्रस्ताव बनाकर भेज रखा था। लेकिन वित विभाग द्वारा पिछली यूनिट कॉस्ट ही निर्धारित कर दी गई है। इसी तरह से पुस्तकों हेतु दिये जाने वाली राशि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। पुस्तकों के लिए भी गत वर्ष की भांति इस वर्ष रू 202 निर्धारित किए गए हैं। यूनिट कॉस्ट निर्धारित होते ही शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2022-23 के लिए क्लेम बिल जनरेट करने की कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि सत्र 2022-23 के प्रथम किश्त हेतु क्लेम बिल आज सायं तक शुरू होने की पुख्ता सूचना हमें पहले मिली थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से अभी तक क्लेम बिल बनने शुरू नहीं हो सके हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रथम किश्त के लिए कुल 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
आरटीई के अंतर्गत वर्तमान सत्र 2022 – 23 के अंतर्गत पहली किश्त के भुगतान हेतु क्लेम बिल बनने शुरू हो गये हैं। प्रथम किश्त के लिए कुल 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। प्रति विद्यार्थी यूनिट कोस्ट 13535/- निर्धारित की गई है। 202 रू पुस्तकों के लिए दिए जाएंगे।
एमजेपी युगांतर इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिक उत्सव में बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
बीकानेर। पंचशती सर्किल स्थित एमजेपी युगांतर इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिक उत्सव रविंद्र रंगमंच पर गुरुवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम मे दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि डॉ गिरीश पाल सिंह, प्राचार्य राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर, युगांतर की निदेशक ऋचा स्वामी, प्रधानाचार्य ज्योति खत्री के कर कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत लगभग सभी विद्यार्थियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा एवं खेलों के क्षेत्र में श्रेष्ठ स्थान प्रदान करने पर सम्मानित भी किया गया। स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर प्रस्तुत नाटक दर्शकों की भावनाओं को झकझोरने वाला रहा। नन्हें बालक बालिकाओं की प्रस्तुतियों एवं लोक नृत्य के साथ हास्य नाटिका ने भी दर्शकों की तालियां बटोरी। कार्य क्रम में विशेष अतिथि के रूप में बीछवाल थाना प्रभारी महेंद्र दत्त शर्मा, चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ एल. सी. बैद, युगांतर एमजेपी की अध्यक्ष निधि स्वामी, आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के संस्थापक राम नारायण स्वामी एवं सीईओ आदित्य स्वामी, सेंट एन एन स्कूल की प्रधानाचार्य सीमा गुप्ता इत्यादि सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कवयित्री ऋतु शर्मा ने किया।
बीकानेर। शिक्षा मंत्री डॉ.बी कल्ला के लगातार प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को बजट बहस के दौरान उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर में सरकारी महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है। उपनगरीय क्षेत्र गंगाशहर में राजकीय कॉलेज खुलने से गंगाशहर के साथ साथ भीनासर, सुजानदेसर, किशमीदेसर, श्रीरामसर, गोपेश्वर बस्ती इत्यादि क्षेत्र के महाविद्यालयी कक्षाओं के स्टूडेंट्स को भी लाभ मिलेगा। इस घोषणा के बाद क्षेत्र की जनता में हर्ष की लहर दौड़ गयी। क्षेत्र की जनता ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला का पुरजोश आभार प्रकट किया है।
शिक्षा मंत्री डॉ बी. डी. कल्ला ने सभी वाजिब समस्याओं के त्वरित निष्पादन का दिया आश्वासन
बीकानेर। प्राईवेट शिक्षण संस्थानों के आरटीई के भुगतान तथा आरटीई संबंधित अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने गुरुवार को शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला को मांगपत्र प्रस्तुत कर सार्थक चर्चा की। जयपुर स्थित शिक्षा सचिवालय में हुई इस चर्चा के दौरान निजी शिक्षण संस्थान नियामक प्राधिकरण बिल – 2023 एवं अन्य समस्याओं के संबंध में भी बातचीत हुई। खैरीवाल के मुताबिक शिक्षा मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने सभी वाजिब समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्यवाही हेतु आश्वस्त किया है।
ज्ञापन में कहा गया है शिक्षा विभाग ने आरटीई को मजाक बना कर रख दिया है। सत्र 2022-2023 संपन्न होने की कगार पर है और अब शिक्षा विभाग ने प्री प्राईमरी कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है जो कि पूरी तरह से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और हर तरह से यह अव्यावहारिक कदम है। जब हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 23 मई 2022 को अंतरिम आदेश जारी कर दिए थे, तो उनकी पालना में इतना समय लगाने के बाद अब फरवरी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करना पूरी तरह से अनुचित है। अतः वर्तमान सत्र 2022 – 2023 में इस प्रक्रिया को रोकना अत्यावश्यक है।
ज्ञापन में बताया गया है कि प्री प्राईमरी के प्रवेश हेतु जारी दिशानिर्देशों के अनुसार शिक्षा विभाग पूर्व प्राथमिक कक्षाओं ( पी पी – 3, पी पी – 4 और पी पी – 5) में आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित होने वाले स्टूडेंट्स का भुगतान नहीं करेगा जो कि अन्यायपूर्ण, पक्षपाती और दमनकारी निर्णय है, निजी शिक्षण संस्थाएं इस फैसले का पुरजोर विरोध करती हैं क्योंकि बगैर भुगतान बच्चों का अध्यापन संभव नहीं है। अतः प्री प्राईमरी कक्षाओं (पी पी – 3, पी पी – 4 और पी पी – 5) में आरटीई के अंतर्गत नियमानुसार प्रवेशित होने वाले विद्यार्थियों के लिए भी पूर्व सत्रों की भांति भुगतान की व्यवस्था होना अत्यन्त ही जरूरी है।
ज्ञापन में आरटीई के अंतर्गत सत्र 2020-21 के तहत भुगतान के लिए लागू की गई प्रक्रिया को आधी अधूरी और अवैधानिक बताते हुए कहा गया है कि बिना किसी दिशा निर्देशों एवं गाईडलाईंस के जारी इस प्रक्रिया के तहत लगभग पचास प्रतिशत स्कूल पोर्टल पर आनलाईन शिक्षण सत्यापन प्रक्रिया के अंतर्गत अपने अपने स्कूल की रिपोर्ट अपलोड नहीं कर सके। हजारों स्कूल्स द्वारा इस संबंध में शिक्षा विभाग को जरिए ईमेल अपनी मजबूरी से अवगत भी करा दिया था।
अतः सत्र 2020-21 के अंतर्गत अध्ययन करने वाले समस्त स्टूडेंट्स (जिन स्कूलों ने पोर्टल पर आनलाईन शिक्षण सत्यापन प्रक्रिया के अंतर्गत जानकारी अपडेट की और जो स्कूल अपरिहार्य कारणों से जानकारी अपडेट नहीं कर सके) का भुगतान बिना किसी शर्त के अतिशीघ्र ही कराने के निर्देश जारी किए जाकर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
ज्ञापन में बताया गया है कि सत्र 2020-21 के अंतर्गत आरटीई का भौतिक सत्यापन सत्र 2021-22 के भौतिक सत्यापन के साथ ही कर लिया गया था। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पात्र समस्त स्टूडेंट्स को शीघ्र से शीघ्र भुगतान का प्रोसेस शुरू किया जाना चाहिए।
आरटीई के अंतर्गत भुगतान के संबंध में लगाए गए विभिन्न बैरियर्स को हटाने की मांग करते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि सत्र 2018-19 में द्वितीय किश्त का भुगतान उन शिक्षण संस्थाओं को नहीं किया जा रहा है, जिन्होंने क्लेम बिल 30 नवंबर 2019 तक जनरेट नहीं किए थे। ऐसे स्कूल्स क्लेम बिल अपरिहार्य कारणों से ही जनरेट नहीं कर सके थे। अतः शीघ्र ही यह बैरियर (30 नवंबर 2019) हटाकर राज्य की सैंकड़ों स्कूल्स को राहत प्रदान की जानी चाहिए। इसी तरह से 2019-20 की प्रथम किश्त का भुगतान 31 दिसंबर 2020 तथा द्वितीय किश्त का भुगतान 31 मार्च 2021 के बाद नहीं किया जा रहा है, अतः ये दोनों बैरियर भी हटवाने की महती आवश्यकता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि आरटीई प्रक्रिया शुरू होने से लेकर अब तक भुगतान से वंचित या अन्य किसी भी तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल पर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकने वाले स्कूल्स को एक अवसर और दिलवाने हेतु पोर्टल अनलाक किया जाए।ज्ञापन में वर्तमान सत्र 2022 – 23 के लिए भुगतान प्रक्रिया तुरंत शुरू कराने तथा सत्र 2021-22 में भुगतान से वंचित सभी स्कूल्स के लिए भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने की मांग भी की गई है।
एनएन आरएसवी में कैरियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन
बीकानेर। मरुधर नगर स्थित एनएन आरएसवी उच्च माध्यमिक विद्यालय मैं कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सीए केशव सोमानी तथा डॉ. इमरान खान ने विद्यार्थियों को भविष्य में कैरियर चयन हेतु टिप्स प्रदान किए। वाणिज्य वर्ग के विद्यार्थियों हेतु भविष्य की संभावनाएं तथा चयन किए जाने वाले विषयों के बारे में बड़े ही सरल ढंग से केशव सोमानी ने अवगत करवाया। डॉ. इमरान ने कला वर्ग के विद्यार्थियों हेतु अपार संभावनाओं की चर्चा करते हुए इसमें लिए जाने वाले विषयों तथा उनके गहन अध्ययन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की तथा विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी विषय का चयन करते हुए विद्यार्थी को अपनी रुचि का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
आरएसवी ग्रुप के सीईओ आदित्य स्वामी ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें जो भी विषय लेना है, वे अपने विषय के चयन हेतु स्वतंत्र हैं परंतु विषय लेने के पश्चात विद्यार्थी का कर्तव्य है कि वह उस विषय में गहनता से अध्ययन करें तथा उस पर अपनी पकड़ को बनाएं, जिससे भविष्य में लिया गया विषय विद्यार्थी के लक्ष्य को प्राप्ति का साधन बन सके। स्कूल की प्रधानाचार्य पूनम चौधरी ने इस मौके पर कहा कि जीवन में लक्ष्य का निर्धारण करने के पश्चात ही हमें उस पर अग्रसर होना चाहिए। विषय चाहे कोई भी हो पर मेहनत ही उस विषय में हमें पारंगत कर सकती है। पूर्ण मनोयोग से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर प्रयास करेंगे तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमेगी।
वर्चुअल एज्यूकेशनल आने वाले समय की सबसे बड़ी घातक चुनौती
बीकानेर। गुजरात के अहमदाबाद में एज्यूकेशनल इंडिया की तरफ से आयोजित की गई एक दिवसीय प्रिंसिपल कॉन्फ्रेंस “विद्वत सभा – 2023” में प्राईवेट एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूशंस प्रोसपैरिटी एलायंस (पैपा) के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बीकानेर संभांग का प्रतिनिधित्व किया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस कान्फ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 150 प्रिंसिपल्स ने एक्टिविटली पार्टिशिपेट किया।
इस कान्फ्रेंस में शैक्षणिक और प्रशैणिक उत्थान के लिए विभिन्न चर्चाएं आयोजित हुईं। बच्चों द्वारा मोबाइल और तकनीक के बढ़ते प्रयोग के कारण दिख रहे दुष्प्रभावों पर विशद मंथन किया गया। इस मंथन से स्पष्ट रूप से एक राय बनकर आई कि बच्चों को किसी न किसी तरह से आउटडोर गेम्स से जोड़ना ही होगा। वर्चुअली स्टडी से स्टूडेंट्स को हो रहे मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक नुकसान से उनके अभिभावकों को वाकिफ़ कराकर उन्हें स्कूल और कक्षा में अध्ययन की तरफ मोटिवेशन की आवश्यकता पर बल दिया गया। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि राजस्थान सरकार ने तो शिक्षा विभाग के नियमों से ही परे जाकर आगामी सत्र 2023-24 से वर्चुअल स्कूल का विकल्प तक प्रस्तुत कर दिया है। जिसके भयानक दुष्प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिलने तय है। इस दौरान मस्तिष्क नियंत्रण विशेषज्ञ सुशील जायसवाल ने अपनी मेंटल मास्टरी के प्रेक्टिकल्स के माध्यम से सभी को सम्मोहित कर दिया। एज्यूकेशनल इंडिया के हैड डॉ. मनजीत जैन ने एज्यूकेशन इंडिया के संबंध में जानकारी दी और कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आए हुए सभी पार्टिशिपेट्स का अभिनंदन किया तथा आभार भी ज्ञापित किया। नेशनल करिअर काउंसलर एवं मोटिवेशनल स्पीकर राधेश्याम पांडे, डॉ. आलोक कुमार सिन्हा, अनीश मुखर्जी इत्यादि ने विभिन्न विषयों पर अपने वक्तव्य दिये। इस अवसर पर क्लब इंडिगो को रिलांच किया गया। पार्टिशिपेट करने वाले सभी प्रिंसिपल्स को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर दो पैनल डिस्कशन भी हुए जिनमें लेखक एवं शिक्षाविद सृजन पाल सिंह, शिक्षाविद डॉ रानी पी एल, अंजू कुमारी, डॉ राजा सांलुखे, डॉ. उमासिंह, शिक्षाविद कपिल त्रिवेदी, डॉ. सुनीता सिंह, इंजीनियर कुलवंत मारवाल एवं यंग एज्यूप्रेन्योर सुश्री जिशा नैयर ने सार्थक परिचर्चाएं कीं। डूंगरपुर के प्रियकांत चौबीसा, भीलवाड़ा के सुनील बांगड़, बारां के मुकेश मौर्य, जैसलमेर के रामेश्वर बोरावात इत्यादि सहित राजस्थान के 7 शिक्षाविदों ने संभागित्व किया।
बीकानेर। सन राईज अकादमी माध्यमिक विद्यालय द्वारा करुणा क्लब एवं ईको क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रधानाध्यापिका इन्द्रा बालेचा ने बताया कि लक्षित बालेचा द्वारा प्रबंधित एवं नियोजित इस कार्यशाला में लोकेश लखानी तथा कविता लखानी ने पर्यावरण के महत्व और पौधों की देखरेख के बारे में बहुत ही सरल शब्दों में बताया। उन्होंने घर की अनुपयोगी वस्तुओं को पेन्टिंग से सजा कर टैरिस गार्डन और किचन गार्डन तैयार करने की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका इंद्रा बालेचा ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं, परंतु वृक्ष कर्तन से जिस पृथ्वी पर हम रह रहे हैं, उसके तापमान में निरंतर बढ़ोतरी होती जा रही है, जो हमारे जीवन के लिए बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को पर्यावरण बचाने के लिए ई-वेस्ट निस्तारण, प्लास्टिक पदार्थों का कम प्रयोग व पौधरापण सरीखे अभियान में हिस्सा लेकर पर्यावरण को स्वस्थ बनाने के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर “पर्यावरण और हम विषय” पर आधारित चित्रकला के प्रतियोगिता में अव्वल सभी प्रतिभागियों को पौधे उपहार स्वरूप वितरित किए गए। संस्था के डायरेक्टर रमेश बालेचा ने आभार प्रकट किया।
व्यक्तित्व निर्माण में संस्कार अत्यंत आवश्यक : डॉ. बी. डी. कल्ला
बीकानेर। जय नारायण व्यास कॉलोनी स्थित आरएसवी सीनियर हायर सैकेंडरी स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों हेतु स्कॉलरशिप वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन होटल पाणिग्रहण के सभागार में किया गया। कक्षा 10 में प्राप्त अंकों के आधार पर लगभग पांच लाख रुपये की स्कॉलरशिप का वितरण किया गया। विद्यालय के 87 मेधावी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। स्कूल के सीए फाउंडेशन में सफल 5 विद्यार्थियों, सीए इंटरमीडिएट तथा फाइनल में सफल 11 विद्यार्थियों, जेईई मेंस में सफल 5 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। आरएसवी के प्रवक्ता के अनुसार विद्यालय की कक्षा 11 में अध्ययनरत इन विद्यार्थियों में सीबीएसई तथा आरबीएससी से उत्तीर्ण उन सभी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई जिन्होंने कक्षा 10 में 80% से अधिक अंक प्राप्त किए थे। इन विद्यार्थियों को कक्षा 12 में भी इतनी ही राशि स्कॉलरशिप के रूप में प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने स्कालरशीप को विद्यार्थियों हेतु एक प्रेरणादायक कदम बताया। विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ. कल्ला ने संस्कृत के श्लोक का उपयोग करते हुए अपने चिर परिचित अंदाज में अभिभावकों से भी अनुरोध किया कि वह विद्यार्थी को उसकी रूचि एवं व्यक्तित्व के अनुसार ही आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करें। अभिभावक व गुरु का आचरण एवं विद्यालय का वातावरण ही विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण करता है तथा उनके भविष्य का निर्धारण करता है। राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. पी. सिंह ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए निरंतर प्रयास करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास से ही आपको सफलता के शिखर प्राप्त किए जा सकते हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के सेवानिवृत्त एडीआरएम निर्मल कुमार शर्मा एवं प्रख्यात रंगकर्मी आशीष देव चारण ने भी बच्चों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया। आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीएमडी सुभाष स्वामी ने अपने धन्यवाद संबोधन में आरएसवी ग्रुप के ध्येय, सेवाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आरएसवी सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सुयोग्य नागरिक एवं परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत बनने हेतु प्रयासरत रहता है।
बीकानेर। मरुधर नगर स्थित एन एन आरएसवी उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को आयोजित हुए स्पोर्ट्स डे में लगभग 500 स्टूडेंट्स ने पूरे जोश व उत्साह के साथ पार्टिशिपेट किया। प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यशवंत गहलोत, स्पोर्ट्स डायरेक्टर ऑफ एमजीएस यूनिवर्सिटी, बीकानेर, विशिष्ट अतिथि राजेंद्र सिंह राठौड़, डायरेक्टर ऑफ डिस्ट्रिक्ट ओलंपिक एसोसिएशन व पार्षद पुनीत शर्मा रहे l कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने भी स्पोर्ट्स एक्टिविटिज में पार्टिशिपेट कर अपने बचपन को ताजा किया। आरएसवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ आदित्य स्वामी ने जीवन में खेलों के महत्व को स्पष्ट करते हुए आभार प्रकट किया।